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Flood: देवहा नदी की चपेट में बीसलपुर समेत आसपास के 60 गांव, बाढ़ के पानी से बिगड़े हालात

Wed, 10 Jul 2024 07:24 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 10 Jul 2024 07:24 PM IST
सार

पीलीभीत में मंगलवार को नानक सागर से देवहा नदी में 55 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद शहर के हालत बिगड़ गए थे। रात में बीसलपुर में स्थिति खराब हो गई। बुधवार सुबह तक पूरे नगर में बाढ़ का पानी भर गया। 

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man villages including Bisalpur affected by floods in Pilibhit
जिलाधिकारी कार्यालय में भरा बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पीलीभीत शहर में तबाही मचाने के बाद देवहा नदी की बाढ़ से बीसलपुर नगर और उसके आसपास के करीब 60 गांव प्रभावित हो गए। इन इलाकों में जलभराव से बुरे हालात हो गए। घरों में पानी भरने से लोग छतों में चढ़ गए। बुधवार को पीलीभीत बीसलपुर समेत चार मार्गों पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। एनडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में जुट गई है। वहीं, शहर के अलावा पूरनपुर, कलीनगर, बिलसड़ा, बरखेड़ा, मझोला में बाढ़ का पानी आबादी क्षेत्र से उतरने लगा। लोग जनजीवन पटरी पर लाने की जुगत में जुट गए। बुधवार को अलग- अलग क्षेत्रों से बाढ़ से घिरे 20 लोगों को रेस्क्यू किया गया।

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मंगलवार को नानक सागर से देवहा नदी में 55 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद शहर के हालत बिगड़ गए थे। अधिकांश इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए थे। 24 घंटे से अधिक समय तक लोग घरों में कैद रहे। शहर के बाद मंगलवार देर शाम देवहा नदी की बाढ़ का असर बीसलपुर क्षेत्र में देखने को मिला। 
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बीसलपुर के चार मोहल्ले और छह कॉलोनियों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया। घरों में पानी भरने लोगों में हड़कंप मच गया। सामान के साथ लोगों ने छतों की शरण ली। बुधवार तक जलस्तर बढ़ता रहा। नगर के अलावा बीसलपुर के 60 गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गए। इससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। कुछ निचले इलाकों में परेशानी को देख एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में जुट गईं। 

शारदा नदी की बाढ़ की चपेट में आए पूरनपुर और कलीनगर क्षेत्र के करीब 40 गांवों में पानी उतरने से हालात कुछ पटरी पर आने लगे हैं। लोग घरों की स्थिति को सुधारने में जुटे हैं। यहां खाने पीने की किल्लत अधिक बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की मदद सभी तक नहीं पहुंच पा रही है। 

पूरनपुर तहसील क्षेत्र के ट्रांस शारदा इलाके में हालात कुछ सामान्य होने लगे हैं। सीमावर्ती गांव बेल्हा, बाजार घाट में अभी भी तीन से चार फीट पानी बना होने से लोग परेशान हैं। चंदिया हजारा स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है। बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने चंदिया हजारा क्षेत्र का दौरान कर बाढ़ की स्थिति को परखा और बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की।

पूरनपुर के बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंचे सीएम
बाढ़ की चपेट में आए पीलीभीत जिले की स्थिति को परखने के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरनपुर के चंदिया हजारा क्षेत्र में पहुंचे। वहां पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने शहर का भी हवाई सर्वेक्षण किया। खकरा और देवहा नदी के क्षेत्र में हेलीकाप्टर घूमा। इसके बाद उनका हेलीकाप्टर पूरनपुर क्षेत्र के लिए निकल गया।

शहर के निचले इलाकों में समस्या बरकरार
बाढ़ की चपेट में आए शहर में हाहाकार मच गई थी। तीन दिन बाद भी निचले इलाकों में पानी भरने से समस्या बरकरार रही। वहीं, कई इलाकों में पानी कम होने से लोगों को राहत भी मिली है। लोग सामान को निकालकर घरों की सफाई करने में जुट गए हैं। लोगों का कहना है कि बाढ़ के पानी से काफी नुकसान हो गया। कई विद्युत उपकरण भी खराब हो गए।

देवहा नदी की बाढ़ की चपेट में शहर के अधिकांश इलाके आ गए थे। तीन दिन तक हर तरफ पानी भरा दिखाई दिया। जलस्तर कम होने के बाद मंगलवार रात से पानी कम होना शुरू हुआ। इससे कुछ राहत मिली, लेकिन देवहा नदी के किनारे के क्षेत्र में बसे बेनी चौधरी, फीलखाना, चंदोई, नाकूड़, कृष्ण बिहार इलाके में बुधवार को भी जलभराव रहा। 

घरों में भरा पानी कम हुआ, लेकिन पूरी तरह राहत नहीं मिल सकी। हालांकि जरूरी सामान लेने के लिए लोग पानी के बीच से गुजरने पर मजबूर हुए। वहीं, शहर के बागगुलशेर खां, लेखराज चौराहा, दुधिया मंदिर, बल्लभनगर, डिग्री कॉलेज, केजीएन टू आदि इलाकों में पानी कुछ कम होने से राहत मिली। पानी कम होने से खकरा समेत अन्य सड़कों पर आवागमन शुरू हो गया।
 

दुकानों खोलकर सामान सुखाते दिखे दुकानदार
बाढ़ ग्रस्त इलाके में पानी कम होने के बाद बुधवार को लोग घरों से बाहर निकले। अपने व्यापार की स्थिति को परखा। दुकानों को खोलकर भीगे सामान को सुखाने का प्रयास शुरू किया गया। शहर और उसे सटे चंदोई गांव में लोग दुकानों के बाहर सामान फैलाएं नजर आए।

आफीसर कॉलोनी में नहीं सुधरे हालात, पंप से निकाला गया पानी
आफीसर कॉलोनी में बाढ़ का पानी बुधवार को कुछ कम हुआ। लेकिन हालात जस के तस बने रहे। यहां जिला पूर्ति अधिकारी, बीएसए की कार पानी में आधी डूब गई। घर के अंदर का सामान भी डूबकर खराब हो गया। बुधवार को पानी को कम करने के लिए पंप से पानी को निकलने का प्रयास किया गया। 

इधर विकास भवन में भी पानी भरा रह। यहां पर भी कोई काम नहीं हो सका। कर्मियों को पहुंचने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। कलक्ट्रेट तिराहा से ही विकास भवन तक काफी पानी भरा था। पानी भरने से बीते तीन दिनों से विकास भवन का काम प्रभावित पड़ा हुआ है।

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