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एकमुश्त समाधान योजना में चुकाएं गन्ना ऋण
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Fri, 08 Apr 2016 10:33 PM IST
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गन्ना समितियों से ऋण लेने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। एक मुश्त समाधान योजना में 2007 से पहले ऋण लेने वालों किसानों को इसकी अदायगी करने पर उनका मूलधन से अधिक ब्याज माफ कर दिया जाएगा।
किसानों का बिना कर्ज लिए काम ही नहीं चलता। ऋण की समय से अदायगी न होने पर ब्याज सहित उसकी धनराशि इतनी अधिक हो जाती है कि किसानों को इसकी अदायगी करना मुश्किल हो जाता है। वक्त पर अदायगी न होने पर आरसी भी जारी हो जाती है। कई बार संबंधित संस्थाएं कर्ज को एनपीए (अदायगी शून्य) मानकर फाइल ही बंद कर देती हैं। गन्ना विभाग के सहयोग से जिले में चल रहीं सहकारी गन्ना समितियों का भी सैकड़ों किसानों पर लाखों रुपया बकाया है। इन किसानों से ऋण अदायगी को विभाग ने एक मुश्त समाधान योजना लागू की है। योजना के तहत वर्ष 2007 से पहले गन्ना समितियों से ऋण लेने वालों को लाभान्वित किया जाएगा। इसमें जिन किसानों का ब्याज मूलधन से अधिक हो चुका है। उनसे मूलधन के बराबर ही ब्याज लेकर शेष ब्याज और ऋण वसूली पर लगने वाला 10 प्रतिशत खर्च माफ कर दिया जाएगा। पीलीभीत सहकारी समिति के सचिव वसी अहमद ने बताया समिति का किसानों पर 1.31 करोड़ रुपया बकाया है।
किसानों को ऋण अदायगी के लिए एक मुश्त समाधान योजना लागू की गई है। यह योजना 31 मार्च 2017 तक लागू रहेगी। इसमें 2007 से पूर्व ऋण लेने वाले किसान ऋण अदायगी कर अपना खाता दुरुस्त करा सकते हैं।
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-राजेश्वर सिंह, जिला गन्ना अधिकारी।
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किसानों का बिना कर्ज लिए काम ही नहीं चलता। ऋण की समय से अदायगी न होने पर ब्याज सहित उसकी धनराशि इतनी अधिक हो जाती है कि किसानों को इसकी अदायगी करना मुश्किल हो जाता है। वक्त पर अदायगी न होने पर आरसी भी जारी हो जाती है। कई बार संबंधित संस्थाएं कर्ज को एनपीए (अदायगी शून्य) मानकर फाइल ही बंद कर देती हैं। गन्ना विभाग के सहयोग से जिले में चल रहीं सहकारी गन्ना समितियों का भी सैकड़ों किसानों पर लाखों रुपया बकाया है। इन किसानों से ऋण अदायगी को विभाग ने एक मुश्त समाधान योजना लागू की है। योजना के तहत वर्ष 2007 से पहले गन्ना समितियों से ऋण लेने वालों को लाभान्वित किया जाएगा। इसमें जिन किसानों का ब्याज मूलधन से अधिक हो चुका है। उनसे मूलधन के बराबर ही ब्याज लेकर शेष ब्याज और ऋण वसूली पर लगने वाला 10 प्रतिशत खर्च माफ कर दिया जाएगा। पीलीभीत सहकारी समिति के सचिव वसी अहमद ने बताया समिति का किसानों पर 1.31 करोड़ रुपया बकाया है।
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किसानों को ऋण अदायगी के लिए एक मुश्त समाधान योजना लागू की गई है। यह योजना 31 मार्च 2017 तक लागू रहेगी। इसमें 2007 से पूर्व ऋण लेने वाले किसान ऋण अदायगी कर अपना खाता दुरुस्त करा सकते हैं।
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-राजेश्वर सिंह, जिला गन्ना अधिकारी।