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ग्रामीण का सिर काटने वाले दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा
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Life imprisonment to two accused who cut off villager's head
पीलीभीत। बिलसंडा थाना क्षेत्र के गांव पहाड़गंज निवासी अली हसन उर्फ मजनूं की सिर काटकर हत्या के मामले में स्पेशल जज ईसी एक्ट राजीव सिंह की अदालत ने दो आरोपियों पूरनपुर के गांव शेरपुरकला निवासी पप्पू उर्फ कासिम और इकबाल को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों को 18000-18000 अर्थदंड से भी दंडित किया है। साक्ष्य के अभाव में दो आरोपियों को उनके ऊपर लगाए गए आरोपों से दोषमुक्त किया गया है।
थाना हजारा में 19 जनवरी 2014 को गांव शेरपुर कला निवासी चौकीदार बालक राम ने प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थनापत्र के अनुसार दिन के 11 बजे गांव के पप्पू उर्फ कासिम, इकबाल, गुड्डू उर्फ घेंघा एक व्यक्ति का सिर काट कर झोले में रखे थे। लल्ला उर्फ एदाद अली के घर से निकलते हुए यह लोग झगड़ रहे थे और कह रहे थे कि पहले सिर कटवा लिया और अब पैसे नहीं दे रहे हैं। गांव वालों ने पप्पू उर्फ कासिम और इकबाल को सिर सहित मौके पर पकड़ लिया। जबकि लल्ला उर्फ एदाद अली और गुड्डू उर्फ घेंघा भाग गए। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि सिर धनारा घाट पर काटा है। सिर साथ लेकर लल्ला से सुपारी के पैसे लेने आए आए थे। धड़ शारदा नदी में बहा दिया है। पुलिस ने इस सूचना पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की तो सामने आया कि अली हसन उर्फ मजनूं की हत्या की गई थी।
तीन फरवरी 2014 को मृतक अली हसन उर्फ मजनूं का सिर विहीन शव कटना नदी के किनारे पुलिस ने बरामद किया। पुलिस ने विवेचना के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। राज्य सरकार की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार मिश्रा ने अदालत में पैरवी की। सुनवाई के बाद स्पेशल जज ईसी एक्ट राजीव सिंह ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। उन्होंने आरोपी पप्पू उर्फ कासिम और इकबाल को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में लल्ला उर्फ एदाद अली और गुड्डू उर्फ घेंघा को दोषमुक्त कर दिया है।
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थाना हजारा में 19 जनवरी 2014 को गांव शेरपुर कला निवासी चौकीदार बालक राम ने प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थनापत्र के अनुसार दिन के 11 बजे गांव के पप्पू उर्फ कासिम, इकबाल, गुड्डू उर्फ घेंघा एक व्यक्ति का सिर काट कर झोले में रखे थे। लल्ला उर्फ एदाद अली के घर से निकलते हुए यह लोग झगड़ रहे थे और कह रहे थे कि पहले सिर कटवा लिया और अब पैसे नहीं दे रहे हैं। गांव वालों ने पप्पू उर्फ कासिम और इकबाल को सिर सहित मौके पर पकड़ लिया। जबकि लल्ला उर्फ एदाद अली और गुड्डू उर्फ घेंघा भाग गए। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि सिर धनारा घाट पर काटा है। सिर साथ लेकर लल्ला से सुपारी के पैसे लेने आए आए थे। धड़ शारदा नदी में बहा दिया है। पुलिस ने इस सूचना पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की तो सामने आया कि अली हसन उर्फ मजनूं की हत्या की गई थी।
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तीन फरवरी 2014 को मृतक अली हसन उर्फ मजनूं का सिर विहीन शव कटना नदी के किनारे पुलिस ने बरामद किया। पुलिस ने विवेचना के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। राज्य सरकार की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार मिश्रा ने अदालत में पैरवी की। सुनवाई के बाद स्पेशल जज ईसी एक्ट राजीव सिंह ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। उन्होंने आरोपी पप्पू उर्फ कासिम और इकबाल को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में लल्ला उर्फ एदाद अली और गुड्डू उर्फ घेंघा को दोषमुक्त कर दिया है।
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