{"_id":"6a95d229632f009f9207d5ff","slug":"leopards-roaming-in-kajri-niranjanpur-and-rampura-kon-have-vanished-from-sight-again-pilibhit-news-c-121-1-pbt1009-167764-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: कजरी निरंजनपुर और रंपुरा कोन में घूम रहे तेंदुए फिर हुए ओझल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: कजरी निरंजनपुर और रंपुरा कोन में घूम रहे तेंदुए फिर हुए ओझल
विज्ञापन
एक तेंदुआ धार्मिक स्थल के पास पेड़ पर चढ़ा था, दूसरे ने कुत्ते को बनाया था शिकार, वन विभाग की टीमें लगातार कर रहीं निगरानी
पूरनपुर। तहसील क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में चहल-कदमी कर रहे दो तेंदुए सोमवार को वन विभाग की निगरानी के बावजूद नजर नहीं आए। कजरी निरंजनपुर में रविवार को धार्मिक स्थल के समीप अशोक के पेड़ पर चढ़े तेंदुए की तलाश में खुटार रेंज की टीम लगी रही। वहीं रंपुरा कोन में शनिवार रात कुत्ते को निवाला बनाने वाले तेंदुए की निगरानी सामाजिक वानिकी की टीम करती रही। दोनों ही स्थानों पर सोमवार को तेंदुओं की कोई नई लोकेशन नहीं मिली। इससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
कजरी निरंजनपुर गांव के आसपास करीब एक महीने से तेंदुए की चहल-कदमी देखी जा रही है। रविवार को तेंदुआ गांव के एक धार्मिक स्थल के समीप स्थित अशोक के पेड़ पर चढ़ गया। ग्रामीणों की नजर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाया और इसकी सूचना वन विभाग को दी। जानकारी मिलने पर खुटार रेंज की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में तलाश की। टीम को तेंदुए के पंजों के निशान भी मिले थे।
खुटार रेंजर दिनेश बटोला ने बताया कि सोमवार को निगरानी में लगी टीमों को तेंदुए की लोकेशन नहीं मिली। क्षेत्र में टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। तेंदुए के किसी एक स्थान पर लगातार रुकने की स्थिति में उसे पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
दूसरी ओर गांव कढ़ेरचौरा और पिपरिया दुलई के आसपास पिछले दिनों से चहल-कदमी कर रहे दूसरे तेंदुए ने शनिवार रात रंपुरा कोन गांव में पहुंचकर एक कुत्ते को मार डाला था। इसके बाद तेंदुआ कुत्ते के शव को खींचकर पास के गन्ने के खेत में ले गया। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना पर सामाजिक वानिकी की टीम मौके पर पहुंची और जांच की। टीम को घटनास्थल के आसपास तेंदुए के पंजों के निशान मिले थे। सोमवार को सामाजिक वानिकी की टीम ने भी संभावित स्थानों पर निगरानी की, लेकिन तेंदुए की मौजूदगी का पता नहीं चल सका।
सामाजिक वानिकी के रेंजर सोवरन लाल ने बताया कि सोमवार को निगरानी में लगी टीमों को तेंदुए की लोकेशन नहीं मिली है। टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं। दोनों क्षेत्रों में तेंदुओं की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में डर बना हुआ है। वन विभाग की ओर से लोगों को सतर्क रहने और अकेले खेतों की ओर नहीं जाने की सलाह दी गई है। गन्ने के खेतों और घनी झाड़ियों वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। संवाद
विज्ञापन
पूरनपुर। तहसील क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में चहल-कदमी कर रहे दो तेंदुए सोमवार को वन विभाग की निगरानी के बावजूद नजर नहीं आए। कजरी निरंजनपुर में रविवार को धार्मिक स्थल के समीप अशोक के पेड़ पर चढ़े तेंदुए की तलाश में खुटार रेंज की टीम लगी रही। वहीं रंपुरा कोन में शनिवार रात कुत्ते को निवाला बनाने वाले तेंदुए की निगरानी सामाजिक वानिकी की टीम करती रही। दोनों ही स्थानों पर सोमवार को तेंदुओं की कोई नई लोकेशन नहीं मिली। इससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
कजरी निरंजनपुर गांव के आसपास करीब एक महीने से तेंदुए की चहल-कदमी देखी जा रही है। रविवार को तेंदुआ गांव के एक धार्मिक स्थल के समीप स्थित अशोक के पेड़ पर चढ़ गया। ग्रामीणों की नजर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाया और इसकी सूचना वन विभाग को दी। जानकारी मिलने पर खुटार रेंज की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में तलाश की। टीम को तेंदुए के पंजों के निशान भी मिले थे।
विज्ञापन
खुटार रेंजर दिनेश बटोला ने बताया कि सोमवार को निगरानी में लगी टीमों को तेंदुए की लोकेशन नहीं मिली। क्षेत्र में टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। तेंदुए के किसी एक स्थान पर लगातार रुकने की स्थिति में उसे पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
दूसरी ओर गांव कढ़ेरचौरा और पिपरिया दुलई के आसपास पिछले दिनों से चहल-कदमी कर रहे दूसरे तेंदुए ने शनिवार रात रंपुरा कोन गांव में पहुंचकर एक कुत्ते को मार डाला था। इसके बाद तेंदुआ कुत्ते के शव को खींचकर पास के गन्ने के खेत में ले गया। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना पर सामाजिक वानिकी की टीम मौके पर पहुंची और जांच की। टीम को घटनास्थल के आसपास तेंदुए के पंजों के निशान मिले थे। सोमवार को सामाजिक वानिकी की टीम ने भी संभावित स्थानों पर निगरानी की, लेकिन तेंदुए की मौजूदगी का पता नहीं चल सका।
सामाजिक वानिकी के रेंजर सोवरन लाल ने बताया कि सोमवार को निगरानी में लगी टीमों को तेंदुए की लोकेशन नहीं मिली है। टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं। दोनों क्षेत्रों में तेंदुओं की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में डर बना हुआ है। वन विभाग की ओर से लोगों को सतर्क रहने और अकेले खेतों की ओर नहीं जाने की सलाह दी गई है। गन्ने के खेतों और घनी झाड़ियों वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। संवाद