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पिंडरा गांव में गुलदार देखे जाने से दहशत
अमर उजाला ब्यूरो,पीलीभीत
Updated Fri, 04 Aug 2017 08:02 PM IST
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पिंडरा गांव में गुलदार के दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत है। रात में पटाखे दागकर किसी तरह भगाए जाने के बाद शुक्रवार दोपहर दोबारा गुलदार एक खेत में पहुंच गया। जिससे भीड़ जमा हो गई है। वनविभाग की टीम मौके पर कार्रवाई में जुटी है। ग्रामीण जहां गुलदार होने का दावा कर रहे हैं, वही विभागीय अफसर सियार बता रहे है। फिलहाल ग्रामीणों में वन्यजीव की दस्तक से दहशत है।
क्षेत्र के ग्राम पिंडरा उर्फ देवीपुरा निवासी छोटेलाल पुत्र नत्थूलाल खेती करते है। बृहस्पतिवार देर शाम साढ़े आठ बजे वह अपने बाड़े की तरफ गए। बाड़े की ओर आगे बढ़ रहे थे कि उनको उसमें गुलदार दिखाई दिया। किसान ने शोरशराबा कर ग्रामीणों को जमा किया। इसकी सूचना वनविभाग को दी गई। जिस पर कुछ ही देर में वनकर्मी और थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। लेकिन टीम के पहुंचने से पहले से पहले ही ग्रामीणों ने पटाखे दागकर गुलदार को वापस जंगल ओर भगा दिया। अंधेरे में सही से पहचान न होने पर इसके गुलदार और सियार होने को लेकर वनकर्मी और ग्रामीणों के बयान अलग-अलग रहे। ग्रामीण दहशत में रात बिताकर सुबह राहत महसूस कर रहे थे कि शुक्रवार दोपहर को दोबारा उसके वापस गांव में आने की सूचना फैल गई। जिससे ग्रामीण दहशतजदा हैं। डिप्टी रेंजर बजीर हसन का कहना है कि रात में सूचना मिलने पर कांबिग कराई गई थी। गुलदार या बाघ के कोई पदचिह्न गांव से नहीं मिले है। अब दुुबारा सूचना मिलने पर टीम भेज दी गई है। संभवत: सियार होगा।
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क्षेत्र के ग्राम पिंडरा उर्फ देवीपुरा निवासी छोटेलाल पुत्र नत्थूलाल खेती करते है। बृहस्पतिवार देर शाम साढ़े आठ बजे वह अपने बाड़े की तरफ गए। बाड़े की ओर आगे बढ़ रहे थे कि उनको उसमें गुलदार दिखाई दिया। किसान ने शोरशराबा कर ग्रामीणों को जमा किया। इसकी सूचना वनविभाग को दी गई। जिस पर कुछ ही देर में वनकर्मी और थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। लेकिन टीम के पहुंचने से पहले से पहले ही ग्रामीणों ने पटाखे दागकर गुलदार को वापस जंगल ओर भगा दिया। अंधेरे में सही से पहचान न होने पर इसके गुलदार और सियार होने को लेकर वनकर्मी और ग्रामीणों के बयान अलग-अलग रहे। ग्रामीण दहशत में रात बिताकर सुबह राहत महसूस कर रहे थे कि शुक्रवार दोपहर को दोबारा उसके वापस गांव में आने की सूचना फैल गई। जिससे ग्रामीण दहशतजदा हैं। डिप्टी रेंजर बजीर हसन का कहना है कि रात में सूचना मिलने पर कांबिग कराई गई थी। गुलदार या बाघ के कोई पदचिह्न गांव से नहीं मिले है। अब दुुबारा सूचना मिलने पर टीम भेज दी गई है। संभवत: सियार होगा।
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