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Pilibhit News: घूस लेते धरा गया लेखपाल व उसका गुर्गा
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लेखपाल संजीव कुमार ।
बीसलपुर (पीलीभीत)। बरेली से आई एंटी करप्शन की टीम ने सोमवार को तहसील कार्यालय के एक कक्ष से लेखपाल और निजी कर्मचारी को एक ग्रामीण से पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव जसोली दिवाली के एक ग्रामीण ने दो दिन पूर्व बरेली स्थित एंटी करप्शन कार्यालय पर शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि क्षेत्रीय लेखपाल संंजीव कुमार और निजी कर्मचारी अर्जुन उसका जमीन संबंधी जायज काम करने की एवज में उससे पांच हजार रुपये रिश्वत मांग रहे हैं।
इसके बाद टीम ने लेखपाल को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। सोमवार को बरेली से आई टीम ने डीएम संजय कुमार सिंह को पूरे मामले की जानकारी दी और उनसे छापा मारने की अनुमति मांगी। डीएम ने अपना एक अधिकारी टीम के साथ कर दिया।
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उसके बाद टीम ने दोपहर में पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार ग्रामीण को पाउडर लगे रुपये देकर लेखपाल के पास भेजा। लेखपाल उस समय तहसील कार्यालय में एसडीएम कक्ष से बमुश्किल 20 मीटर दूर स्थित दूसरे कक्ष में निजी कर्मचारी के साथ बैठा हुआ था। टीम के लोग ग्रामीण को लेखपाल के पास भेजकर सादा वर्दी में इर्द-गिर्द खड़े हो गए।
ग्रामीण ने लेखपाल को फोन पर बताया कि वह सुविधा शुल्क लेकर आया है। लेखपाल ने उसे कमरे में बुला लिया। ग्रामीण ने कमरे में जाते ही लेखपाल को रुपये देने का प्रयास किया। लेखपाल के इशारे पर ग्रामीण ने वह रुपये निजी कर्मचारी अर्जुन को दे दिए। इस बीच टीम के सदस्यों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर लेखपाल और कर्मचारी को दबोच लिया।
टीम ने लेखपाल को अपना परिचय दिया तो उसके होश उड़ गए। कक्ष में बैठे राजस्व विभाग के कुछ अन्य कर्मचारी वहां से भाग गए। सूचना मिलते ही अपने कक्ष में बैठे एसडीएम महिपाल सिंह भी तत्काल मौके पर पहुंचे। टीम ने एसडीएम को भी पूरे मामले की जानकारी दी।
इसके बाद टीम के सदस्य आरोपी लेखपाल और कर्मचारी को कोतवाली ले गए। टीम के सदस्य कोतवाली में आरोपी लेखपाल और कर्मचारी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई कर रहे हैं। टीम ने दोनों के मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिए हैं।
कार्रवाई एंटी करप्शन टीम के प्रभारी इश्तियाक वारसी के नेतृत्व में की गई। पकड़ा गया लेखपाल संजीव कुमार रामपुर के थाना पटवारी के गांव नंदनऊ का तो निजी कर्मचारी अर्जुन प्रसाद थाना बिलसंडा क्षेत्र के गांव मवैया का रहने वाला है। इन दोनों की शिकायत गांव जसौली दिवाली निवासी प्राणसुख और सुंदरलाल ने संयुक्त रूप से की थी।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव जसोली दिवाली के एक ग्रामीण ने दो दिन पूर्व बरेली स्थित एंटी करप्शन कार्यालय पर शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि क्षेत्रीय लेखपाल संंजीव कुमार और निजी कर्मचारी अर्जुन उसका जमीन संबंधी जायज काम करने की एवज में उससे पांच हजार रुपये रिश्वत मांग रहे हैं।
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इसके बाद टीम ने लेखपाल को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। सोमवार को बरेली से आई टीम ने डीएम संजय कुमार सिंह को पूरे मामले की जानकारी दी और उनसे छापा मारने की अनुमति मांगी। डीएम ने अपना एक अधिकारी टीम के साथ कर दिया।
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उसके बाद टीम ने दोपहर में पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार ग्रामीण को पाउडर लगे रुपये देकर लेखपाल के पास भेजा। लेखपाल उस समय तहसील कार्यालय में एसडीएम कक्ष से बमुश्किल 20 मीटर दूर स्थित दूसरे कक्ष में निजी कर्मचारी के साथ बैठा हुआ था। टीम के लोग ग्रामीण को लेखपाल के पास भेजकर सादा वर्दी में इर्द-गिर्द खड़े हो गए।
ग्रामीण ने लेखपाल को फोन पर बताया कि वह सुविधा शुल्क लेकर आया है। लेखपाल ने उसे कमरे में बुला लिया। ग्रामीण ने कमरे में जाते ही लेखपाल को रुपये देने का प्रयास किया। लेखपाल के इशारे पर ग्रामीण ने वह रुपये निजी कर्मचारी अर्जुन को दे दिए। इस बीच टीम के सदस्यों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर लेखपाल और कर्मचारी को दबोच लिया।
टीम ने लेखपाल को अपना परिचय दिया तो उसके होश उड़ गए। कक्ष में बैठे राजस्व विभाग के कुछ अन्य कर्मचारी वहां से भाग गए। सूचना मिलते ही अपने कक्ष में बैठे एसडीएम महिपाल सिंह भी तत्काल मौके पर पहुंचे। टीम ने एसडीएम को भी पूरे मामले की जानकारी दी।
इसके बाद टीम के सदस्य आरोपी लेखपाल और कर्मचारी को कोतवाली ले गए। टीम के सदस्य कोतवाली में आरोपी लेखपाल और कर्मचारी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई कर रहे हैं। टीम ने दोनों के मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिए हैं।
कार्रवाई एंटी करप्शन टीम के प्रभारी इश्तियाक वारसी के नेतृत्व में की गई। पकड़ा गया लेखपाल संजीव कुमार रामपुर के थाना पटवारी के गांव नंदनऊ का तो निजी कर्मचारी अर्जुन प्रसाद थाना बिलसंडा क्षेत्र के गांव मवैया का रहने वाला है। इन दोनों की शिकायत गांव जसौली दिवाली निवासी प्राणसुख और सुंदरलाल ने संयुक्त रूप से की थी।

लेखपाल संजीव कुमार ।