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शिकायत पुस्तिका न मिलने पर वकीलों ने किया हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Thu, 05 May 2016 10:49 PM IST
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ट्रेन में बोगियों की संख्या कम होने की शिकायत करने पहुंचे वकीलों ने रेलवे स्टेशन पर जमकर हंगामा काटा। आरोप है कि स्टेशन मास्टर ने शिकायत पुस्तिका नहीं दी। हालांकि बाद में शिकायत पुस्तिका मिलने पर मामला शांत हो गया।
बीसलपुर से तमाम वकील दैनिक यात्री के रूप में शहर स्थित कचहरी आते हैं। बृहस्पतिवार सुबह भी बीसलपुर से तमाम वकील शाहजहांपुर-पीलीभीत ट्रेन पर सवार हुए। बताते हैं कि ट्रेन में अन्य दिनों की अपेक्षा कम बोगी लगाई गई थीं, जिसके चलते यात्रियों को ट्रेन में खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी। इसको लेकर कुछ वकील शिकायत करने स्टेशन अधीक्षक के कक्ष में जा पहुंचे। स्टेशन अधीक्षक के कक्ष में मौजूद न होने पर वकील स्टेशन मास्टर के कक्ष में जा पहुंचे और शिकायत पुस्तिका मांगी। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर ने शिकायत पुस्तिका स्टेशन अधीक्षक के पास होने की बात कही। जिस पर वकील आक्रोशित हो उठे और हंगामा शुरू कर दिया। वकीलों का आरोप था कि रेलवे प्रशासन मनमर्जी पर आमादा है। उनकी लापरवाही से यात्रियों को खासकर दैनिक यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, हंगामा बढ़ता देख स्टेशन मास्टर ने वकीलों को शिकायत पुस्तिका उपलब्ध करा दी। तब कहीं जाकर हंगामा शांत हो सका। इस मौके पर अधिवक्ता हेमंत मिश्रा, राजकमल, सुधीर मिश्रा, रामनाथ, मनोज सक्सेना, संजय सिंह, ज्ञानेंद्र गौतम आदि मौजूद रहे। इस संबंध में एसओ जीआरपी अनंतराम राव ने बताया कि ऐसे किसी भी मामले की उन्हें जानकारी नहीं है।
बीसलपुर से तमाम वकील दैनिक यात्री के रूप में शहर स्थित कचहरी आते हैं। बृहस्पतिवार सुबह भी बीसलपुर से तमाम वकील शाहजहांपुर-पीलीभीत ट्रेन पर सवार हुए। बताते हैं कि ट्रेन में अन्य दिनों की अपेक्षा कम बोगी लगाई गई थीं, जिसके चलते यात्रियों को ट्रेन में खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी। इसको लेकर कुछ वकील शिकायत करने स्टेशन अधीक्षक के कक्ष में जा पहुंचे। स्टेशन अधीक्षक के कक्ष में मौजूद न होने पर वकील स्टेशन मास्टर के कक्ष में जा पहुंचे और शिकायत पुस्तिका मांगी। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर ने शिकायत पुस्तिका स्टेशन अधीक्षक के पास होने की बात कही। जिस पर वकील आक्रोशित हो उठे और हंगामा शुरू कर दिया। वकीलों का आरोप था कि रेलवे प्रशासन मनमर्जी पर आमादा है। उनकी लापरवाही से यात्रियों को खासकर दैनिक यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, हंगामा बढ़ता देख स्टेशन मास्टर ने वकीलों को शिकायत पुस्तिका उपलब्ध करा दी। तब कहीं जाकर हंगामा शांत हो सका। इस मौके पर अधिवक्ता हेमंत मिश्रा, राजकमल, सुधीर मिश्रा, रामनाथ, मनोज सक्सेना, संजय सिंह, ज्ञानेंद्र गौतम आदि मौजूद रहे। इस संबंध में एसओ जीआरपी अनंतराम राव ने बताया कि ऐसे किसी भी मामले की उन्हें जानकारी नहीं है।
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