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बाघ देख घबराए मजदूरों ने पेड़ पर चढ़कर बचाई जान
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Sun, 20 May 2018 01:16 AM IST
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गन्ने के खेत में काम करने जगत गांव आए मजदूरों के बाघ देख पसीने छूट गए। बाघ को अपनी ओर आता देख मजदूरों ने दौड़ लगा दी। जिसके बाद दो मजदूर पास के पेड़ पर चढ़ गए और अपनी जान बचाई। बाद में बाघ के गजरौला फार्म की तरफ निकल जाने पर दोनों नीचे उतरे। शोर होने पर काफी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
पिछले कई दिनों से लगातार अमरिया तहसील क्षेत्र में बाघ के पगचिन्ह मिल रहे हैं। इस पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर आकर ग्रामीणों को अलर्ट करने के सिवाए कुछ नहीं कर सके हैं। ऐसा कोई ठोस प्रयास नहीं हो सका है, जिससे बाघ को आबादी इलाके से अलग किया जा सके। गांव जगत निवासी अमनदीप सिंह सरपाल ने बताया कि उनके गन्ने के खेत में पड़ोसी गांव अभय राजपुर निवासी छत्रपाल, गोधन लाल, छोटे, पोथीराम, ठाकुरदास और बाबू शुक्रवार को गुढ़ाई का काम कर रहे थे। दोपहर करीब दो बजे के बाद पड़ोस में खड़े एक पेड़ के नीचे खाना खाने बैठ गए। इसी बीच गांव जगत की ओर से एक बाघ आता दिखाई दिया। बाघ को अपनी ओर आता देख मजदूरों के होश उड़ गए। खुद को बचाने के लिए कोई रास्ता न दिखाई देने पर मजदूर गांव की ओर भागे। इसके अलावा दो मजदूर छत्रपाल व गोधनलाल जान बचाने को पेड़ पर चढ़ गए। बाघ दहाड़ता हुआ गजरौला फार्म की ओर निकल गया। बाघ के दूर निकल जाने के बाद दोनों मजदूर पेड़ से नीचे आए। इधर, जानकारी मिलने पर काफी संख्या में लोग जमा हो गए। उनका कहना था कि आए दिन बाघ के दिखाई देने से डर बना हुआ है। खेती का काम सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। वन विभाग के कर्मचारी मामले को लेकर अंजान बने हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार सूचना देने के बाद भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे, जिसके चलते घटना की सूचना वनकर्मियों को नहीं दी गई थी।
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पिछले कई दिनों से लगातार अमरिया तहसील क्षेत्र में बाघ के पगचिन्ह मिल रहे हैं। इस पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर आकर ग्रामीणों को अलर्ट करने के सिवाए कुछ नहीं कर सके हैं। ऐसा कोई ठोस प्रयास नहीं हो सका है, जिससे बाघ को आबादी इलाके से अलग किया जा सके। गांव जगत निवासी अमनदीप सिंह सरपाल ने बताया कि उनके गन्ने के खेत में पड़ोसी गांव अभय राजपुर निवासी छत्रपाल, गोधन लाल, छोटे, पोथीराम, ठाकुरदास और बाबू शुक्रवार को गुढ़ाई का काम कर रहे थे। दोपहर करीब दो बजे के बाद पड़ोस में खड़े एक पेड़ के नीचे खाना खाने बैठ गए। इसी बीच गांव जगत की ओर से एक बाघ आता दिखाई दिया। बाघ को अपनी ओर आता देख मजदूरों के होश उड़ गए। खुद को बचाने के लिए कोई रास्ता न दिखाई देने पर मजदूर गांव की ओर भागे। इसके अलावा दो मजदूर छत्रपाल व गोधनलाल जान बचाने को पेड़ पर चढ़ गए। बाघ दहाड़ता हुआ गजरौला फार्म की ओर निकल गया। बाघ के दूर निकल जाने के बाद दोनों मजदूर पेड़ से नीचे आए। इधर, जानकारी मिलने पर काफी संख्या में लोग जमा हो गए। उनका कहना था कि आए दिन बाघ के दिखाई देने से डर बना हुआ है। खेती का काम सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। वन विभाग के कर्मचारी मामले को लेकर अंजान बने हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार सूचना देने के बाद भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे, जिसके चलते घटना की सूचना वनकर्मियों को नहीं दी गई थी।
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