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Pilibhit News: गन्ना कर्मी प्रकरण की जांच करेंगे श्रम प्रवर्तन अधिकारी
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बीसलपुर। डीएम संजय कुमार सिंह ने सहकारी गन्ना विकास समिति के कर्मचारी अजीत सिंह के प्रकरण की जांच श्रम प्रवर्तन अधिकारी भूरेलाल को सौंपी है। उन्होंने जांच की तिथि पांच नवंबर नीयत की है।
सहकारी गन्ना विकास समिति के लिपिक अजीत सिंह ने गन्ना विभाग के अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए 13 से 17 सितंबर तक सपरिवार अपने घर में बंद रहकर अनशन किया था। अजीत सिंह ने बंद कमरे में लकड़ियों की चिता भी बनाई थी और पेट्रोल भरकर रख लिया था।
अजीत सिंह ने घोषणा की थी कि यदि गन्ना विभाग के किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर आकर उन्हें ठोस आश्वासन नहीं दिया तो वह सपरिवार इसी कमरे में आत्मदाह कर लेंगे। 18 सितंबर को डीसीओ डॉ.खुशीराम भार्गव ने मौके पर आकर कर्मचारी से वार्ता की और उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
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कर्मचारी ने उन्हें बताया कि उनके पिता सरनाम सिंह बीसलपुर गन्ना समिति में कर्मचारी थे। उनके कार्यकाल में कुछ गबन हो गया था। विभागीय अधिकारी उस गबन की काफी राशि अजीत सिंह से वसूल कर चुके हैं और आगे भी वसूल करना चाहते हैं।
यही उनका उत्पीड़न है। डीसीओ ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। डीएम ने यहां के श्रम प्रवर्तन अधिकारी को इस मामले की जांच सौंपी है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि उन्होंने जांच के सिलसिले मेें अजीत सिंह को पांच नवंबर को अपने कार्यालय में तलब किया है।
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सहकारी गन्ना विकास समिति के लिपिक अजीत सिंह ने गन्ना विभाग के अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए 13 से 17 सितंबर तक सपरिवार अपने घर में बंद रहकर अनशन किया था। अजीत सिंह ने बंद कमरे में लकड़ियों की चिता भी बनाई थी और पेट्रोल भरकर रख लिया था।
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अजीत सिंह ने घोषणा की थी कि यदि गन्ना विभाग के किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर आकर उन्हें ठोस आश्वासन नहीं दिया तो वह सपरिवार इसी कमरे में आत्मदाह कर लेंगे। 18 सितंबर को डीसीओ डॉ.खुशीराम भार्गव ने मौके पर आकर कर्मचारी से वार्ता की और उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
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कर्मचारी ने उन्हें बताया कि उनके पिता सरनाम सिंह बीसलपुर गन्ना समिति में कर्मचारी थे। उनके कार्यकाल में कुछ गबन हो गया था। विभागीय अधिकारी उस गबन की काफी राशि अजीत सिंह से वसूल कर चुके हैं और आगे भी वसूल करना चाहते हैं।
यही उनका उत्पीड़न है। डीसीओ ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। डीएम ने यहां के श्रम प्रवर्तन अधिकारी को इस मामले की जांच सौंपी है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि उन्होंने जांच के सिलसिले मेें अजीत सिंह को पांच नवंबर को अपने कार्यालय में तलब किया है।