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आधी अधूरी तैयारियों में स्वास्थ्य विभाग कोरोना से कैसे जीतेगा जंग

Sun, 12 Apr 2020 12:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2020 12:00 AM IST
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korona virus
पीलीभीत। बीते एक सप्ताह देश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ा है। यहां भी दो कोरोना पॉजिटिव केस मिल चुके हैं। बाहर से आए दर्जनों संदिग्ध अस्पताल या होम क्वारंटीन हैं। अब 64 सैंपल जांच को भेजे गए हैं। अगर कोरोना और बढ़ गया तो स्वास्थ्य विभाग की आधी-अधूरी तैयारियों के बीच इतनी बड़ी जंग लड़ना मुश्किल होगा।
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कोरोना संक्रमण बढ़ने पर सबसे ज्यादा जरूरत तो आइसोलेशन वार्ड, बेड और वेंटिलेटर की पड़ेगी। महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास मात्र एक वेंटिलेटर है। प्रशासन का दावा है कि पांच से छह प्राइवेट वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई है। मगर, इतने भी वेंटिलेटर पर्याप्त नहीं हैं। वेंटिलेटर के अलावा अन्य जरूरी उपकरण जैसे ट्रिपिल लेयर, सामान्य मास्क, एन-95 मास्क, सैनिटाइजर, पीपीई किट, वैडसाइड मॉनिटर, ग्लब्स, सोडियम हाइपोक्लोराइड, डिस्पोजल बेडशीट आदि जरूरी चीजें स्वास्थ्य विभाग के पास बेहद कम संख्या में हैं। जिला अस्पताल की क्षमता 100 बेड की है। आठ सीएची और 22 पीएचसी हैं, इनमें कुल मिलाकर 70 से 80 बेड ही हैं। वे भी खस्ताहाल पड़े हैं। लंबे समय से इनकी सफाई नहीं हुई क्योंकि वहां जो भी मरीज आते हैं, उन्हें सीधे जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। सीएचसी और पीएचसी में सामान्य मरीज भी भर्ती नहीं करते।
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वहीं कोरोना जैसा मामला हो तो सीएचसी-पीएचसी के डॉक्टर तो उसे देखना भी पसंद नहीं करेंगे और सीधे ही रेफर करेंगे। जिला अस्पताल का हाल यह है कि यहां एक महिला डॉक्टर की ड्यूटी 31 मार्च को आइसोलेशन वार्ड में लगाई गई। तब से वह एक भी दिन ड्यूटी पर नहीं गई। आइसोलेशन वार्ड में क्वारंटीन मरीज ठीक से देखभाल न होने से परेशान हैं। कुछ मरीज तो मौका मिलते ही भागने की फिराक में हैं। मगर, जब स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से पूछो तो वे सब कुछ ठीक होना कह देते हैं।
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जिला अस्पताल में मात्र 100 बेड की क्षमता
जिला अस्पताल में मात्र 100 बेड की क्षमता है। अगर जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच जाएं तो भर्ती करने की जगह नहीं बचेगी। कोरोना संक्रमण फैलने के बावजूद बेड की संख्या बढ़ाने की कोशिश नहीं की गई। सब कुछ ऊपर वाले के भरोसे ही चल रहा है।
कोरोना मरीजों के लिए मात्र दो आइसोलेशन वार्ड
कोरोना मरीजों को क्वारंटीन करने के लिए मात्र दो आइसोलेशन वार्ड बनाए गए है। एक जिला अस्पताल में और दूसरा माधोटांडा पीएचसी में। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में 10 कमरे हैं। एक कमरें में दो बेड हैं, यानी यहां 20 लोग ठहराए जा सकते हैं। संख्या बढ़ी तो स्थिति गड़बड़ा सकती है।
पांच स्थानों पर क्वीरंटीन होम
पुराना अस्पताल, संतोष होटल, एएनएम प्रशिक्षण केंद्र, अग्रवाल सभा भवन , बीसलपुर में अग्रवाल सभा भवन, पूरनपुर में होटल राम और माधोटांडा पीएचसी पर क्वारंटीन होम बनाया गया है। यहां बाहर से आने वाले संदिग्धों को रखा जा रहा है। हरेक क्वारंटीन होम में 50 लोगों के ठहराने की क्षमता है। ऐसे में संदिग्ध बढ़े तो का क्या हाल होगा।
एक पैथोलॉजी लैब के सहारे जांच
जिला अस्पताल में मात्र एक पैथोलॉजी लैब है। इसमें खून की जांच होती है। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर अतिरिक्त लैब के इंतजाम नहीं हैं। संदिग्ध का सैंपल लेना होता है तो केवल एक ही लैब का सहारा है।
डॉक्टर भी हैं बेहद कम
डॉक्टर भी पर्याप्त नहीं हैं। जिला अस्पताल में मात्र 17 डॉक्टर हैं और सीएचसी पीएचसी पर 26 डॉक्टर कार्यरत हैं। जबकि सीएचसी और पीएचसी पर 109 का मानक तय किया गया है।

 
स्वास्थ्य विभाग के उपकरणों की स्टॉक लिस्ट
उपकरण भंडार वितरण बकाया
पीपी किट 241 10 231
एन-95 मास्क 871 4 867
थ्री लेयर मास्क 13865 820 13045
हाईपोक्लोराइड 1890 260 1630
एप्रेन 200 शून्य 200
ऑक्सीजन मास्क 50 शून्य 50
ब्लीचिंग पाउडर 82 शून्य 82
डेडबॉडी कवर 10 शून्य 10
इंफ्रारेड थर्मामीटर 9 1 8
सैनिटाइजर 86 शून्य 86
अस्पताल बेड 24 शून्य 24
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वर्जन
कोरोना से निपटने के लिए ज्यादतर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जो कमी हैं, उन्हें भी जल्द ही पूरा किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग कोरोना से निपटने के लिए पूरी तैयारी के साथ जुटा है। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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