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Pilibhit News: भागवत पुराण से होती है ज्ञान की प्राप्ति
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वन कटी रोड के पास आयोजित भागवत कथा में कथा सुनाते गोपाल शरण महाराज । स्रोत - आयोजक
पीलीभीत। श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन मुख्य यजमान सतीश जायसवाल ने भागवत ग्रंथ का पूजन किया। पूजन और आरती के बाद कथा आरंभ हुई। गोपाल शरण महाराज ने बताया कि सूत और सौनक ऋषि संवाद में यह सार है कि कलयुग और कलिकाल से ग्रसित लोगों को बचाने के लिए एकमात्र उपाय भागवत पुराण का स्मरण और श्रवण है।
उन्होंने कहा कि जब मनुष्य भागवत की शरण लेता है, तो उसकी भक्ति ज्ञान और वैराग्य पुष्ट होता है। धुंधकारी के चरित्र के बारे में बताते हुए कहा कि धुंधकारी कामी और लोभी था। संपूर्ण जीवन वैश्याभोग के कारण मृत्यु उपरान्त प्रेत बना और भागवत पुराण के श्रवण मात्र से उसे मुक्ति मिली। मनुष्य को जीवन में एक संत, एक भगवंत, एक ग्रंथ की शरण लेनी चाहिए।
कथा के बाद आरती व प्रसाद वितरण किया गया। कथा में आचार्य दीन बंधु शुक्ल, आचार्य राजन पांडेय, कृष्ण कुमार, सोनू पांडेय, मोहित पांडेय, राजेंद्र शर्मा, घनश्याम, मनोज पटेल, शिवम कश्यप, रेशू अग्रवाल, आशुतोष शर्मा सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद
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उन्होंने कहा कि जब मनुष्य भागवत की शरण लेता है, तो उसकी भक्ति ज्ञान और वैराग्य पुष्ट होता है। धुंधकारी के चरित्र के बारे में बताते हुए कहा कि धुंधकारी कामी और लोभी था। संपूर्ण जीवन वैश्याभोग के कारण मृत्यु उपरान्त प्रेत बना और भागवत पुराण के श्रवण मात्र से उसे मुक्ति मिली। मनुष्य को जीवन में एक संत, एक भगवंत, एक ग्रंथ की शरण लेनी चाहिए।
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कथा के बाद आरती व प्रसाद वितरण किया गया। कथा में आचार्य दीन बंधु शुक्ल, आचार्य राजन पांडेय, कृष्ण कुमार, सोनू पांडेय, मोहित पांडेय, राजेंद्र शर्मा, घनश्याम, मनोज पटेल, शिवम कश्यप, रेशू अग्रवाल, आशुतोष शर्मा सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद
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