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बैंक के विलय में बदला खाता नंबर, अटक गई किसानों की सम्मान निधि
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पीलीभीत। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित होने के लिए तमाम प्रयासों के बाद भी किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो सकी हैं। अभी तमाम किसानों को पंजीकरण के बाद त्रुटियों का सुधार न होने पर भटकना पड़ रहा था। अब विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय होने से करीब एक हजार किसानों के खाता नंबर बदल गए हैं। ऐसे में कई किसानों की किस्त पहुंचनी बंद हो गई है। किसानों के शिकायत लेकर पहुंचने के बाद मामला कृषि विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में आया है। डीडी कृषि ने निस्तारण के लिए लीड बैंक मैनेजर को पत्र भेजकर खातों का ब्योरा मांगा है, ताकि पोर्टल पर नए खाता नंबर को अपलोड कराए जा सके।
साल 2011 में हुई जनगणना के अनुसार जिले में 2,89,362 कृषक परिवार हैं। छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी, जोकि अभी भी चल रही है। इसके तहत किसान को छह हजार रुपये प्रति वर्ष तीन किस्तों में सरकार की तरफ से मिलता है। वर्तमान में 3,43,423 किसानों द्वारा प्रधानमंत्री सम्मान निधि के लिए पोर्टल पर पंजीकरण कराया जा चुका है। कई किसानों के पंजीकरण के बाद भी सम्मान निधि नहीं पहुंच रही है। कई की निधि एक साल तक खाते में पहुंचने के बाद बंद हो गई। इन तमाम दिक्कतों को शिकायतों के बाद भी कृषि विभाग के अधिकारी दूर नहीं कर सके थे। पिछले महीने में विजया बैंक का विलय बैंक ऑफ बड़ौदा में हो गया है। ऐसे में जो पात्र किसान विजया बैंक के खाताधारक थे, उनका खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में पहुंच गया। खाता धारक का नाम तो वही है, मगर खाता नंबर, एफएससी कोड आदि बदल गए हैं। इधर, कुछ दिन से इस तरह की शिकायतें लेकर किसान कृषि विभाग के अधिकारियों के समक्ष पहुंचे तो मामला संज्ञान में आया। इसके बाद डीडी कृषि ने विलय के बाद बदले गए खाता नंबर और पुराने खाता नंबर की सूची बैंक अफसरों से मांगी है। सूची मिलने के बाद खाता अपडेट किया जाएगा।
किसानों की त्रुटियां दूर करने को हर सप्ताह ब्लॉकवार शिविर लगाए जा रहे हैं। विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हो गया है। इससे अब किसानों के खाते नंबर बदल गए हैं। लीड बैंक मैनेजर और बैंक ऑफ बड़ौदा के जिला समन्वय को पत्र भेजा है। खातों का ब्योरा मांगा गया है। फिर उसी आधार पर अपडेट किया जाएगा। - यशराज सिंह, उपनिदेशक कृषि
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साल 2011 में हुई जनगणना के अनुसार जिले में 2,89,362 कृषक परिवार हैं। छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी, जोकि अभी भी चल रही है। इसके तहत किसान को छह हजार रुपये प्रति वर्ष तीन किस्तों में सरकार की तरफ से मिलता है। वर्तमान में 3,43,423 किसानों द्वारा प्रधानमंत्री सम्मान निधि के लिए पोर्टल पर पंजीकरण कराया जा चुका है। कई किसानों के पंजीकरण के बाद भी सम्मान निधि नहीं पहुंच रही है। कई की निधि एक साल तक खाते में पहुंचने के बाद बंद हो गई। इन तमाम दिक्कतों को शिकायतों के बाद भी कृषि विभाग के अधिकारी दूर नहीं कर सके थे। पिछले महीने में विजया बैंक का विलय बैंक ऑफ बड़ौदा में हो गया है। ऐसे में जो पात्र किसान विजया बैंक के खाताधारक थे, उनका खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में पहुंच गया। खाता धारक का नाम तो वही है, मगर खाता नंबर, एफएससी कोड आदि बदल गए हैं। इधर, कुछ दिन से इस तरह की शिकायतें लेकर किसान कृषि विभाग के अधिकारियों के समक्ष पहुंचे तो मामला संज्ञान में आया। इसके बाद डीडी कृषि ने विलय के बाद बदले गए खाता नंबर और पुराने खाता नंबर की सूची बैंक अफसरों से मांगी है। सूची मिलने के बाद खाता अपडेट किया जाएगा।
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किसानों की त्रुटियां दूर करने को हर सप्ताह ब्लॉकवार शिविर लगाए जा रहे हैं। विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हो गया है। इससे अब किसानों के खाते नंबर बदल गए हैं। लीड बैंक मैनेजर और बैंक ऑफ बड़ौदा के जिला समन्वय को पत्र भेजा है। खातों का ब्योरा मांगा गया है। फिर उसी आधार पर अपडेट किया जाएगा। - यशराज सिंह, उपनिदेशक कृषि
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