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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Killer drone cameras will now seek tigress

अब ड्रोन कैमरों से होगी खूनी बाघिन की तलाश

Fri, 10 Feb 2017 10:30 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Fri, 10 Feb 2017 10:30 PM IST
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तीन दिन बाद भी हत्थे न चढ़ने पर अब खूनी बाघिन की तलाश के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जाएगी। इसके लिए बांबे से तीन सदस्यीय टीम पीलीभीत पहुंच गई है। टीम ने वन संरक्षक की मौजूदगी में इसका ट्रायल भी किया। अब शनिवार को प्रभावित क्षेत्र में अभियान चलाया जाएगा। 27 नवंबर से सात फरवरी तक छह लोगों पर हमला कर पांच लोगों को मौत के घाट उतारने वाली बाघिन को पकड़ने या मारने के आदेश हो चुके हैं लेकिन तीन दिन से चल रही तलाश के बाद भी वह वन विभाग के हत्थे नहीं चढ़ी है। बहुत प्रयास के बाद भी उसके न मिलने पर अब ड्रोन कैमरों की मदद ली जाएगी। शुक्रवार को बांबे से आयुष गुप्ता, शांशक श्रीनिवासन और शक्ति सालिगराम की तीन सदस्यीय टीम पीलीभीत पहुंची। क्यूडिच कंपनी की ओर से आए इन विशेषज्ञों ने वन संरक्षक वीके सिंह की मौजूदगी ड्रोन कैमरों का ट्रायल किया गया। टीम ने मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस, मैनाकोट और पिपरिया संतोष में इसका ट्रायल किया। इस दौरान बाघिन की कहीं लोकेशन नहीं मिली। अब शनिवार को चांदूपुर, शाहगढ़ के करनापुर व कुंवरपुर, पिपरिया करम व मानपुर में ड्रोन कैमरों के माध्यम से बाघिन की तलाश की जाएगी।
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एक किमी तक का क्षेत्र होता है कवर
मुंबई से आई टीम के ड्रोन कैमरे काफी उच्च क्षमता के हैं। इससे उड़ते समय एक किमी क्षेत्र की निगरानी करने में सक्षम हैं। शुक्रवार को हुए ट्रायल में इसकी रेंज और क्वालिटी की जांच भी की गई।
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दो डिप्टी रेंजरों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
मुंबई से पहुंची तीन सदस्यीय टीम शनिवार से सर्च अभियान में जुटेगी और कुछ दिन बाद चली जाएगी। भविष्य में इसके संचालन के लिए दो डिप्टी रेंजर क्रमश: दिग्विजय सिंह व मोबिन आरिफ को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
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मृतकों के परिवार को मिला मुआवजा
खूनी बाघिन के हमले का शिकार हुए परिवारों को शासन से मुआवजा दे दिया गया है। इसमें चार मृतकों के परिवारों को पांच पांच लाख रुपये और घायल महिला को एक लाख रुपये दिया गया है जबकि सात फरवरी की घटना में मारे गए नन्हेंलाल के उत्तराधिकारियों में विवाद के चलते मुआवजा नहीं दिया जा सका।

टाइगर रिजर्व की बराही रेंज से बाहर आई खूनी बाघिन ने 27 नवंबर से सात नवंबर तक अलग अलग स्थानों पर हमला कर पांच लोगों को क्रमश: पिपरिया संतोष के बाबूराम व राजीव, डगा के अहमद खां, कुंवरपुर के धनीराम व पिपरिया करम में नन्हेंलाल को मौत के घाट उतार दिया जबकि शाहगढ़ के निकट करनापुर में महिला मंजीत कौर घायल हो गई थीं। सभी घटनाओं के बाद वन विभाग ने मुआवजा दिलाने का ऐलान किया था। वन संरक्षक वीके सिंह ने बताया कि शासन से सभी का मुआवजा प्राप्त हो गया है। इसमें पिपरिया करम में हुई अंतिम घटना में मारे गए नन्हेंलाल की दो पत्नियां होने के विवाद के चलते उत्तराधिकारी तय नहीं हो पाया इसलिए उनका मुआवजा नहीं भेजा जा सका है। शेष मृतकों क्रमश: बाबूराम, अहमद खां, राजीव और धनीराम के परिवार वालों के बैंक खाते में पांच पांच लाख रुपये की धनराशि भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि बाघिन के हमले में घायल हुई महिला मंजीत कौर के खाते में भी मुआवजे का एक लाख रुपया भेजा गया है।
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