फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Kamdhenu shut down, started the Gopalak Yojana

कामधेनु बंद, गोपालक योजना शुरू

Mon, 22 May 2017 11:25 PM IST
मुनिराज सिंह
मुनिराज सिंह Updated Mon, 22 May 2017 11:25 PM IST
विज्ञापन
डेयरी खोलकर रोजगार शुरू करने वालों के लिए प्रदेश सरकार ने गोपालक योजना शुरू की है। इसके तहत बैंक से दो किस्तों में ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। नौ लाख की इस योजना में विभाग से 40 हजार रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से पांच साल तक अनुदान दिया जाएगा।      
विज्ञापन

सपा सरकार ने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए कामधेनु योजना शुरू की थी, लेकिन बड़ी योजना होने के चलते सामान्य किसान या पशुपालक इसे नहीं अपना सके, जिससे योजना पूंजीपतियों तक समिति रही। अब भाजपा सरकार ने कामधेनु योजना को बंद कर गोपालक योजना शुरू की है। इसके तहत पशुपालक पांच या दस पशुओं की डेयरी खोल सकते हैं। दो चरणों में चलने वाली इस योजना के तहत पहले चरण में पांच और दूसरे चरण में पांच पशु खरीदने के लिए धनराशि दी जाएगी। पशुपालक को पशु शेड खुद तैयार कराना होगा। इसके बाद बैंक से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। बैंक से प्राप्त इस धनराशि पर लगने वाले ब्याज पर अनुदान न देकर विभाग से प्रति वर्ष 40 हजार रुपये का एक मुश्त अनुदान दिया जाएगा।      
विज्ञापन

00000      
कुल नौ लाख की है योजना      
गोपालक योजना की कुल लागत नौ लाख रखी गई है। इसमें पशुपालक को 10 पशुओं के हिसाब से 1.80 लाख की लागत से पशुशाला स्वयं बनानी होगी, जो मार्जिन मनी के रूप में मानी जाएगी। इसके बाद पशुपालन विभाग से आवेदन अनुमोदित होने पर बैंक से पहले साल पांच पशुओं के लिए 3.60 लाख रुपये दिए जाएंगे। यदि पशुपालक पांच पशु ही पालन चाहते हैं तो दूसरी किस्त नहीं मिलेगी, यदि वे और पशु पालन चाहते हैं तो 3.60 लाख रुपये की दूसरी किस्त बैंक से उपलब्ध कराई जाएगी।      
विज्ञापन
विज्ञापन

000000      
कहीं से भी खरीद सकते हैं पशु      
कामधेनु योजना में सबसे बड़ी दिक्कत पशुओं को यूपी से बाहर से खरीदने की शर्त थी, लेकिन गोपालक योजना में ऐसी कोई शर्त नहीं है। पशुपालक अपनी सुविधा के अनुसार कहीं से भी दुधारू पशु खरीद सकते हैं।      
000000      
विभाग से बैंक में सीधे पहुंचेगा अनुदान      
गोपालक योजना की कुल नौ लाख की लागत में 1.80 लाख रुपये पशुपालक को लगाने हैं। शेष 7.20 लाख रुपये की धनराशि पर बैंक 40 हजार रुपये प्रति वर्ष के हिसाब अनुदान देगा। वहीं यदि पशुपालक केवल पांच पशु ही पालते हैं तो अनुदान की राशि 20 हजार रुपये प्रति वर्ष अनुदान दिया जाएगा। यानी पांच पशु पालने पर एक लाख और 10 पशु पालने पर दो लाख रुपये अनुदान मिलेगा।      

000000      
कम पूंजी के पशुपालकों के लिए गोपालक अच्छी योजना है। मात्र 1.80 लाख की धनराशि लगाकर डेयरी खोल सकते हैं। हालांकि अभी जिले का लक्ष्य नहीं मिला। लक्ष्य मिलते ही आवेदन जमा कराए जाएंगे। - डॉ. ज्ञान प्रकाश सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed