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जहानाबाद सीएचसी खुद ‘बीमार’, मरीजों का इलाज कौन करे

Wed, 20 Jan 2021 12:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jan 2021 12:54 AM IST
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Jehanabad CHC itself 'sick', who treats patients
जहानाबाद। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है ताकि गरीब तबके को सस्ता और अच्छा इलाज मुहैया हो सके, लेकिन सरकारी इस मंशा को अमल में लाने का जिम्मा जिन पर है वही उस पर पानी फेरने में लगे हैं। कहीं सरकारी अस्पताल स्टाफ की कमी की वजह से खाली पड़े खंडहर होते जा रहे हैं तो कहीं स्टाफ तो है, लेकिन उसकी लापरवाही से मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा।
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कुछ ऐसा ही हाल जहानाबाद सीएचसी का है। यहां हर कदम पर अव्यवस्थाओं की भरमार है। आलम यह है, न तो अस्पताल में समय पर डॉक्टर पहुंचते हैं और न ही अन्य कर्मचारी। मंगलवार सुबह 12 बजे तक एक भी कर्मचारी अस्पताल में मौजूद नहीं था, जबकि मरीज घंटों बैठे डॉक्टर का इंतजार करते रहे।
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जहानाबाद सीएचसी के अंतर्गत करीब दर्जनों भर से अधिक गांव आते हैं। जहां के सैकड़ों मरीज रोजाना यहां इलाज के आस लेकर आते हैं, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी की वजह से उन्हें मायूस ही लौटना पड़ता है। कहने को सीएचसी पर दो डॉक्टर और एक संविदा डॉक्टर के अलावा पांच स्टाफ नर्स, वार्ड ब्यॉय और दो फार्मासिस्ट तैनात हैं, लेकिन सभी कर्मचारी मनमानी पर उतारू हैं। मंगलवार सुबह 12 बजे तक अस्पताल में कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। अस्पताल परिसर में सिर्फ फार्मासिस्ट ही इमरजेंसी ड्यूटी पर मौजूद मिला। सभी वार्ड, प्रसूता कक्ष, टीकाकरण कक्ष, प्रभारी चिकित्साधिकारी के कक्ष में ताला लटके थे, जबकि दर्जनों मरीज डॉक्टर का घंटों से मैदान में बैठकर इंतजार कर रहे थे। सुविधा के नाम पर न तो सीएचसी पर एंटी रैबीज इंजेक्शन हैं और न ही बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम, खुजली की दवाएं हैं। अगर ऐसी स्थिति में उन्हें डॉक्टर मिल भी जाता है तो भी मरीजों को दवाएं बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ती है। इन परिस्थितियों में मरीज को सिर्फ निजी और जिला अस्पताल का ही रास्ता दिखाई देता है।
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- सीएचसी में कभी भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिलते हैं। ऐसे में निजी अस्पतालों के डॉक्टरों से ही इलाज करना पड़ता है। जबकि सरकार उन्हें वहां समय से बैठने का वेतन दे रही है। - मुश्ताक अहमद
- दांतों में कई दिनों से तकलीफ चल रही है। शुक्रवार को भी डॉक्टर को दिखाने गए थे, लेकिन सीएचसी पर दांत का डॉक्टर तैनात नहीं हैं। ऐसे में निजी डॉक्टर से ही इलाज करना पड़ा। - नसीम खान
- सीएचसी पर कोई भी महिला डॉक्टर तैनात नहीं हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल जाना पड़ता है। अगर सीएचसी पर डॉक्टर होंगे तो उन्हें पास में ही इलाज मिल सकता है। - सुरेश कुमार

सीएचसी में सिर्फ कोरोना में ड्यूटी कर रहे स्टाफ को छोड़कर अगर कोई भी गैरहाजिर मिलता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दवाओं को लेकर मेडिकल कारपोरेशन से पत्राचार किया जा चुका है। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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