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अनाथ हुए चार शावकों को सुरक्षित किया रेस्क्यू, पीटीआर को दसवें दिन मिली सफलता
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पीलीभीत। लापता चारों शावक पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की माला रेंज में बुधवार को मिल गए। पीटीआर की टीम ने रेस्क्यू करने के बाद चारों पिंजड़े में बंद कर दिया, जिन्हें लखनऊ चिड़ियाघर ले जाया जाएगा। परीक्षण करने पर चारों शावक स्वास्थ्य पाए गा।
14 मार्च को पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज में एक बाघिन का शव मिला था। माना गया कि बाघिन की मौत शावकों को बचाने के दौरान दूसरे बाघ से संघर्ष के दौरान हुई थी। मौका मुआयना के दौरान घटनास्थल के आसपास शावकों के पैरों के निशान पाए गए थे। माला रेंज के रेंजर रामजी ने भी बाघिन को चार शावकों के साथ घूमने की जानकारी दी थी। वन अफसरों ने 15 मार्च को शावकों की खोजबीन के लिए सर्च अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद उप प्रभागीय वनाधिकारी उमेश चंद्र राय की देखरेख में टीमें लगातार माला रेंज में शावकों को तलाश रही थीं। घटनास्थल और उसके आसपास क्षेत्र में 25 कैमरे लगाए गए। वहीं घटना स्थल के पास 500 मीटर क्षेत्र में दो अस्थाई जल स्रोत बनाए गए ताकि शावकों को पानी मिल सके। शावकों के पैरों के निशान तलाशने को 10 पीआईपी पैड बनाए गए थे।
तलाशी के दौरान मंगलवार को शावकों के पैरों के निशान मिल गए। बुधवार सुबह दोनों टीमों को एक ही स्थान पर जुटाकर सघन कांबिंग कराई गई। फील्ड डायरेक्टर जावेद अख्तर, डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी उमेश चंद्र राय, प्रवीण खरे, डॉ. दक्ष गंगवार मौके पर जा पहुंचे। शावकों के ट्रेस होने के बाद उस स्थान के चारों ओर जाल लगा दिया गया। इसके बाद उन्हें सावधानी पूूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया। डॉ. दक्ष ने शावकों का परीक्षण किया। डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि चारों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं।
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पिंजड़े में रखे गए चारों शावक
रेस्क्यू करने के बाद शावकों को रेंज कार्यालय लाया गया। जहां इन चारों को ट्रांसपोटेशन केज (पिजड़ा) में रखा गया है। डॉ. दक्ष के मुताबिक शावकों की उम्र दो से ढाई माह है। इनको खाने के लिए मांस का कीमा, दूध और इलेक्ट्राल युक्त पानी दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस अवस्था में शावक मांस खाने लगते हैं। संभवता शावकों ने किसी मरे हुए जानवर को खाया होगा। चारो शावकों को पिंजड़े में चिड़ियाघर ले जाया गया।
शावकों की खोजबीन को दो टीमें लगाकर सर्च अभियान चलाया गया था। बुधवार अपराह्न चारों शावकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। चिकित्सीय परीक्षण में सभी शावक स्वस्थ पाए गए हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शावकों को लखनऊ चिड़ियाघर भेजा जाएगा। - जावेद अख्तर, फील्ड डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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14 मार्च को पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज में एक बाघिन का शव मिला था। माना गया कि बाघिन की मौत शावकों को बचाने के दौरान दूसरे बाघ से संघर्ष के दौरान हुई थी। मौका मुआयना के दौरान घटनास्थल के आसपास शावकों के पैरों के निशान पाए गए थे। माला रेंज के रेंजर रामजी ने भी बाघिन को चार शावकों के साथ घूमने की जानकारी दी थी। वन अफसरों ने 15 मार्च को शावकों की खोजबीन के लिए सर्च अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद उप प्रभागीय वनाधिकारी उमेश चंद्र राय की देखरेख में टीमें लगातार माला रेंज में शावकों को तलाश रही थीं। घटनास्थल और उसके आसपास क्षेत्र में 25 कैमरे लगाए गए। वहीं घटना स्थल के पास 500 मीटर क्षेत्र में दो अस्थाई जल स्रोत बनाए गए ताकि शावकों को पानी मिल सके। शावकों के पैरों के निशान तलाशने को 10 पीआईपी पैड बनाए गए थे।
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तलाशी के दौरान मंगलवार को शावकों के पैरों के निशान मिल गए। बुधवार सुबह दोनों टीमों को एक ही स्थान पर जुटाकर सघन कांबिंग कराई गई। फील्ड डायरेक्टर जावेद अख्तर, डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी उमेश चंद्र राय, प्रवीण खरे, डॉ. दक्ष गंगवार मौके पर जा पहुंचे। शावकों के ट्रेस होने के बाद उस स्थान के चारों ओर जाल लगा दिया गया। इसके बाद उन्हें सावधानी पूूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया। डॉ. दक्ष ने शावकों का परीक्षण किया। डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि चारों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं।
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पिंजड़े में रखे गए चारों शावक
रेस्क्यू करने के बाद शावकों को रेंज कार्यालय लाया गया। जहां इन चारों को ट्रांसपोटेशन केज (पिजड़ा) में रखा गया है। डॉ. दक्ष के मुताबिक शावकों की उम्र दो से ढाई माह है। इनको खाने के लिए मांस का कीमा, दूध और इलेक्ट्राल युक्त पानी दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस अवस्था में शावक मांस खाने लगते हैं। संभवता शावकों ने किसी मरे हुए जानवर को खाया होगा। चारो शावकों को पिंजड़े में चिड़ियाघर ले जाया गया।
शावकों की खोजबीन को दो टीमें लगाकर सर्च अभियान चलाया गया था। बुधवार अपराह्न चारों शावकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। चिकित्सीय परीक्षण में सभी शावक स्वस्थ पाए गए हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शावकों को लखनऊ चिड़ियाघर भेजा जाएगा। - जावेद अख्तर, फील्ड डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व