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झांड झंकाड़ से रोकी जाएगी शारदा की बाढ़
माधोटांडा/पीलीभीत।
Updated Thu, 28 May 2015 11:17 PM IST
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बरसात के समय शारदा नदी के वेग को इस बार झांड झकाड़ रोकेंगे। बाढ़ खंड
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द्वारा बाढ़ बचाव को कराए जा रहे कार्य को देखकर कुछ ऐसा ही लग रहा है। बजट
न मिलने पर बाढ़ खंड ने पुराने क्षतिग्रस्त बल्लाकटर की एक दो लकड़ियां
बदलवा कर उनमें झांड झकाड़ भरना शुरू किया है। बाढ़ बचाव को चल रहे इन
कार्यों का अधिकारियों ने भी निरीक्षण किया।
बरसात से हर साल शारदा नदी की बाढ़ से भारी तबाही होती है। इस बार तबाही से बचाने के लिए बाढ़ खंड ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे थे लेकिन स्वीकृति नहीं मिली। बजट न मिलने और बरसात का समय निकट आने से बाढ़ खंड के अभियंताओं ने बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। अभियंताओं ने पिछले बरसात में क्षतिग्रस्त हुए स्पर, कटर और बल्ला कटकर की मरम्मत शुरू कराई है।
इसमें नौजल्हा नंबर दो में कट्टों में रेत भरकर लगाया जा रहा है वहीं लकड़ी के बने कटरों की टूटी लकड़ियों को बदलकर उनमें झांड झकाड़ डालकर भरा जा रहा है। जानकारों का कहना है कि विभागीय अधिकारी मरम्मत के नाम पर औपचारिकता निभा रहे हैं। उधर बृहस्पतिवार को अधीशासी अभियंता मिन्हाज अहमद ने टीम के साथ क्षेत्र में पहुंचकर बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। उनके साथ सहायक अभियंता श्याम सिंह बघेल भी थे।
बरसात से हर साल शारदा नदी की बाढ़ से भारी तबाही होती है। इस बार तबाही से बचाने के लिए बाढ़ खंड ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे थे लेकिन स्वीकृति नहीं मिली। बजट न मिलने और बरसात का समय निकट आने से बाढ़ खंड के अभियंताओं ने बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। अभियंताओं ने पिछले बरसात में क्षतिग्रस्त हुए स्पर, कटर और बल्ला कटकर की मरम्मत शुरू कराई है।
इसमें नौजल्हा नंबर दो में कट्टों में रेत भरकर लगाया जा रहा है वहीं लकड़ी के बने कटरों की टूटी लकड़ियों को बदलकर उनमें झांड झकाड़ डालकर भरा जा रहा है। जानकारों का कहना है कि विभागीय अधिकारी मरम्मत के नाम पर औपचारिकता निभा रहे हैं। उधर बृहस्पतिवार को अधीशासी अभियंता मिन्हाज अहमद ने टीम के साथ क्षेत्र में पहुंचकर बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। उनके साथ सहायक अभियंता श्याम सिंह बघेल भी थे।