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Pilibhit News: महिला महाविद्यालय में यूजी और पीजी की सीटें भरना मुश्किल
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पीलीभीत। उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए छात्राओं की पहली पसंद रहने वाला राम लुभाई साहनी राजकीय महिला महाविद्यालय अब विद्यार्थियों को रास नहीं आ रहा है। इसमें स्नातक (यूजी) की 103 और परास्नातक (पीजी) की 56 सीटें रिक्त हैं, जबकि यहां कभी प्रवेश लेने के लिए लंबी कतार लगती थी।
जिले के पहले राजकीय महिला महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर बीकॉम, बीएससी गणित, बीएससी जीव विज्ञान और परास्नातक में एमएससी गणित व एमकॉम की कक्षाओं का संचालन होता है।
सत्र 2024-25 के लिए स्नातक की 220 सीटों के सापेक्ष 117 व परास्नातक की 90 सीटों पर 34 छात्राओं ने ही प्रवेश लिया है। इसमें भी सबसे खराब स्थिति बीएससी गणित और बीकॉम की है, जिसमें 20 व 17 विद्यार्थियों ने ही दाखिला लिया है। वहीं परास्नातक स्तर के दोनों पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश की स्थिति दयनीय बनी हुई है। हालांकि महाविद्यालय के बीएससी जीवविज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बरकरार है, जिसमें निर्धारित 80 सीटों पर प्रवेश हुए हैं।
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प्राइवेट फॉर्म भरने का भी पड़ रहा प्रभाव
प्राचार्य प्रो. स्मिता जैन बताती हैं कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से जब प्रवेश शुरू करने का पत्र जारी किया गया था, तब महाविद्यालय स्तर से विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए जागरूक किया गया। शिक्षकों ने भी काउंसलिंग की। यूजी व पीजी में कम प्रवेश के पीछे रुविवि की ओर से यूजी व पीजी के समानांतर प्राइवेट के फॉर्म से प्रवेश व नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुकूल पाठ्यक्रम की किताबें उपलब्ध नहीं होना व कुछ हद तक विद्यार्थियों का रुझान व्यावसायिक शिक्षा की ओर होना भी है।
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पाठ्यक्रम सीटें प्रवेश
बीएससी जीवविज्ञान 80 80
बीएससी गणित 60 20
बीकॉम 80 17
एमएससी गणित 30 10
एमकॉम 60 24
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जिले के पहले राजकीय महिला महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर बीकॉम, बीएससी गणित, बीएससी जीव विज्ञान और परास्नातक में एमएससी गणित व एमकॉम की कक्षाओं का संचालन होता है।
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सत्र 2024-25 के लिए स्नातक की 220 सीटों के सापेक्ष 117 व परास्नातक की 90 सीटों पर 34 छात्राओं ने ही प्रवेश लिया है। इसमें भी सबसे खराब स्थिति बीएससी गणित और बीकॉम की है, जिसमें 20 व 17 विद्यार्थियों ने ही दाखिला लिया है। वहीं परास्नातक स्तर के दोनों पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश की स्थिति दयनीय बनी हुई है। हालांकि महाविद्यालय के बीएससी जीवविज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बरकरार है, जिसमें निर्धारित 80 सीटों पर प्रवेश हुए हैं।
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प्राइवेट फॉर्म भरने का भी पड़ रहा प्रभाव
प्राचार्य प्रो. स्मिता जैन बताती हैं कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से जब प्रवेश शुरू करने का पत्र जारी किया गया था, तब महाविद्यालय स्तर से विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए जागरूक किया गया। शिक्षकों ने भी काउंसलिंग की। यूजी व पीजी में कम प्रवेश के पीछे रुविवि की ओर से यूजी व पीजी के समानांतर प्राइवेट के फॉर्म से प्रवेश व नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुकूल पाठ्यक्रम की किताबें उपलब्ध नहीं होना व कुछ हद तक विद्यार्थियों का रुझान व्यावसायिक शिक्षा की ओर होना भी है।
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पाठ्यक्रम सीटें प्रवेश
बीएससी जीवविज्ञान 80 80
बीएससी गणित 60 20
बीकॉम 80 17
एमएससी गणित 30 10
एमकॉम 60 24