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सिंचाई को नहरों में पानी नहीं, संकट में अन्नदाता
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Wed, 20 Apr 2016 11:52 PM IST
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भीषण गर्मी एवं सूखे के चलते गन्ना और मेंथा सहित चारे की फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नहरों में पानी की उपलब्धता कम होने के चलते उन्हें महंगा डीजल खरीदकर सिंचाई करनी पड़ रही है। इन दिनों हरदोई ब्रांच और माधोटाडा रजवाहा से जुड़ी पूरनपुर तहसील की लगभग सभी नहरें सूखी पड़ी हैं। किसानों ने डीएम से नहरों में पानी छुड़वाने की मांग की है।
माधोटांडा रजवाहा एवं उसकी सहायक रजवाहा एवं माइनरों से पूरनपुर तहसील की हजारों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई की जाती है, लेकिन इन रजवाहों को हरदोई ब्रांच से पानी दिया जाता है। माधोटांडा रजवाहा के हेड के निकट पिछले कई सालों से किसान रेग्यूलेटर लगाने की मांग करते आ रहे है। हरदोई ब्रांच से सिंचाई के लिए शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव और रायबरेली तक पानी देने के चलते वहां के रोस्टर के हिसाब से हरदोई को पानी दिया जाता है। इन दिनों डेढ़ माह से सिल्ट सफाई के कारण हरदोई ब्रांच को बंद रखा गया था। हालांकि कार्यों की गुणवत्ता पर भी लगातार ऊंगलियां उठती रही हैं। किसानों का कहना है कि पानी छूटते ही रेत पुन: नहर में चली जाएगी और पानी की क्षमता बढ़ पाना मुश्किल है। इस समय किसानों को गन्ने और मेंथा सहित फसलों में पानी की सख्त जरूरत पड़ रही है।
किसानों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
नहर में यदि सिल्ट सफाई करानी थी तो पूरे वर्ष ऐसा समय होता है, जब किसानों को पानी की आवश्यकता न के बराबर होती है, तब यह कार्य कराना चाहिए था। गन्ने और मेंथा में पंपिंग सेटों से पानी देने से किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
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- सुखदीप सिंह लाडी, ग्राम प्रधान बराही
बजट ठिकाने लगाने को कराते हैं काम
नहरों में सिल्ट सफाई के नाम पर बजट को ठिकाने लगाने को गलत समय कार्य कराया जाता है। जिससे नहरों में पानी न मिलने से किसानों की फसलों पर इसका असर पड़ता है। गन्ने में बुवाई से लेकर बिक्री करने तक किसान परेशान रहता है।
- जगदीश सिंह, बराही
हरदोई नहर के हेड पर लगे रेग्यूलेटर
सरकार को पूरनपुर तहसील के सैकड़ों किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए माधोटांडा रजवाहा के हेड के निकट हरदोई नहर पर रेग्यूलेटर लगवाना चाहिए, जिससे फसलें बच सकें। हमें रायबरेली और उन्नाव के किसानों पर निर्भर रहना पड़ता है।
- रंजीत सिंह, बसंतपुर नौनेर
जांच को हो टीम का गठन
सिल्ट सफाई एवं मरम्मत की गुणवत्ता की किसी प्रशासनिक अधिकारी की देखरेख में अन्य विभागों के वरिष्ठ अभियंताओं की टीम गठित कर जांच करानी चाहिए। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद यदि पानी की क्षमता नहीं बढ़ी तो किसानों पर आफत टूटेगी।
- जितेंद्र सिंह, बसंतपुर नौनेर
कर्ज लेकर करनी पड़ रही है सिंचाई
इन दिनों सूखे की स्थिति बनती जा रही है। कर्ज लेकर गन्ने और मेंथा की फसल को पानी लगाकर बचाना पड़ रहा है। पशुओं के लिए चारे का संकट भी गहरा सकता है।
- जोगेंद्र सिंह, बराही
निर्माण कार्यों के नाम पर बंद हो लूट
यदि अभियंता निर्माण कार्यों के नाम पर लूटखसोट बंद कर दें तो सरकार की नि:शुल्क सिंचाई योजना का लाभ नहरों के हेड से लेकर टेल तक आसानी से मिल सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है।
- मंजीत सिंह, बराही
हरदोई ब्रांच की सिल्ट सफाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। किसानों की सिंचाई की किल्लत को ध्यान में रखते हुए अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर हरदोई ब्रांच में पानी छोड़ा जा रहा है।
- पीके तिवारी, सहायक अभियंता, हेडवर्क्स खंड
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माधोटांडा रजवाहा एवं उसकी सहायक रजवाहा एवं माइनरों से पूरनपुर तहसील की हजारों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई की जाती है, लेकिन इन रजवाहों को हरदोई ब्रांच से पानी दिया जाता है। माधोटांडा रजवाहा के हेड के निकट पिछले कई सालों से किसान रेग्यूलेटर लगाने की मांग करते आ रहे है। हरदोई ब्रांच से सिंचाई के लिए शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव और रायबरेली तक पानी देने के चलते वहां के रोस्टर के हिसाब से हरदोई को पानी दिया जाता है। इन दिनों डेढ़ माह से सिल्ट सफाई के कारण हरदोई ब्रांच को बंद रखा गया था। हालांकि कार्यों की गुणवत्ता पर भी लगातार ऊंगलियां उठती रही हैं। किसानों का कहना है कि पानी छूटते ही रेत पुन: नहर में चली जाएगी और पानी की क्षमता बढ़ पाना मुश्किल है। इस समय किसानों को गन्ने और मेंथा सहित फसलों में पानी की सख्त जरूरत पड़ रही है।
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किसानों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
नहर में यदि सिल्ट सफाई करानी थी तो पूरे वर्ष ऐसा समय होता है, जब किसानों को पानी की आवश्यकता न के बराबर होती है, तब यह कार्य कराना चाहिए था। गन्ने और मेंथा में पंपिंग सेटों से पानी देने से किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
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- सुखदीप सिंह लाडी, ग्राम प्रधान बराही
बजट ठिकाने लगाने को कराते हैं काम
नहरों में सिल्ट सफाई के नाम पर बजट को ठिकाने लगाने को गलत समय कार्य कराया जाता है। जिससे नहरों में पानी न मिलने से किसानों की फसलों पर इसका असर पड़ता है। गन्ने में बुवाई से लेकर बिक्री करने तक किसान परेशान रहता है।
- जगदीश सिंह, बराही
हरदोई नहर के हेड पर लगे रेग्यूलेटर
सरकार को पूरनपुर तहसील के सैकड़ों किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए माधोटांडा रजवाहा के हेड के निकट हरदोई नहर पर रेग्यूलेटर लगवाना चाहिए, जिससे फसलें बच सकें। हमें रायबरेली और उन्नाव के किसानों पर निर्भर रहना पड़ता है।
- रंजीत सिंह, बसंतपुर नौनेर
जांच को हो टीम का गठन
सिल्ट सफाई एवं मरम्मत की गुणवत्ता की किसी प्रशासनिक अधिकारी की देखरेख में अन्य विभागों के वरिष्ठ अभियंताओं की टीम गठित कर जांच करानी चाहिए। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद यदि पानी की क्षमता नहीं बढ़ी तो किसानों पर आफत टूटेगी।
- जितेंद्र सिंह, बसंतपुर नौनेर
कर्ज लेकर करनी पड़ रही है सिंचाई
इन दिनों सूखे की स्थिति बनती जा रही है। कर्ज लेकर गन्ने और मेंथा की फसल को पानी लगाकर बचाना पड़ रहा है। पशुओं के लिए चारे का संकट भी गहरा सकता है।
- जोगेंद्र सिंह, बराही
निर्माण कार्यों के नाम पर बंद हो लूट
यदि अभियंता निर्माण कार्यों के नाम पर लूटखसोट बंद कर दें तो सरकार की नि:शुल्क सिंचाई योजना का लाभ नहरों के हेड से लेकर टेल तक आसानी से मिल सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है।
- मंजीत सिंह, बराही
हरदोई ब्रांच की सिल्ट सफाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। किसानों की सिंचाई की किल्लत को ध्यान में रखते हुए अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर हरदोई ब्रांच में पानी छोड़ा जा रहा है।
- पीके तिवारी, सहायक अभियंता, हेडवर्क्स खंड