{"_id":"63d6b1522d50b6481e075cb4","slug":"investors-summit-pilibhit-news-bly5115434121-2023-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: सपनों को धरातल पर उतारने के लिए अब चाहिए जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: सपनों को धरातल पर उतारने के लिए अब चाहिए जमीन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। इन्वेस्टर्स समिट में साढ़े सात हजार करोड़ रुपये के निवेश से जिले के विकास का खाका खींचा गया। लेकिन निवेश करने वाले उद्यमियों को जमीन चाहिए। प्रशासन जमीन की तलाश में लग गया है। इसके लिए सभी एसडीएम को डीएम की तरफ से उद्योगों के मुताबिक जमीन तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में शनिवार को इन्वेस्टर्स समिट हुई थी। इसमें करीब 200 से ज्यादा उद्यमियों ने जिले में निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई। उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा का कहना है कि जिले में 90 से अधिक फैक्टरी लगाई जाएंगी। जमीन की समस्या दूर करने को प्रशासन लैंडबैंक बनाएगा। सभी एसडीएम अपने-अपने यहां खाली जमीनों को तलाश रहे हैं। कुछ जगहों पर ग्रामीणों से भी बातचीत की गई है।
150 एकड़ जमीन चाहिए एथेनॉल फैक्टरी के लिए
समिट में चंडीगढ़ की एक फर्म ने तराई क्षेत्र में गन्ने की अधिक पैदावार को देखते हुए यहां पर गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल बनाने के लिए काम करने की इच्छा जाहिर की। उद्यमी अवनीश चौधरी ने बताया कि उन्हें प्लांट के लिए 150 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। इसके लिए तीन सौ करोड़ का प्रस्ताव बनाकर दिया है। प्लांट लगने से करीब पांच सौ लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
विज्ञापन
00
तीन हजार करोड़ की दवा फैक्टरी के लिए भी जमीन की तलाश
जिले में एनसीआर के एक उद्यमी ने तीन हजार करोड़ से एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स की फैक्टरी लगाने की सहमति दी है। एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स मिलाकर दवाएं बनाई जाती हैं। इसके लिए भी अच्छी खासी जमीन की तलाश की जा रही है। उद्यमी पीलीभीत में आकर जमीन को देखकर फाइनल करेंगे इसके बाद आगे का काम शुरू होगा। अगर तीन हजार करोड़ से फैक्टरी लगती है तो निश्चित ही जिले के लिए यह बड़ा काम होगा। इससे रोजगार भी मिलेगा।
00
साढ़े सात हजार करोड़ रुपये से करीब 90 से अधिक यूनिट लगाई जाएंगी। इसके लिए अब जमीन को तलाश किया जा रहा है। अधिकारियों से भूमि तलाशने को कहा गया है। जिले में जल्द ही लैंडबैंक तैयार होगा।
- आत्मदेव शर्मा, उपायुक्त, उद्योग
विज्ञापन
जिले में शनिवार को इन्वेस्टर्स समिट हुई थी। इसमें करीब 200 से ज्यादा उद्यमियों ने जिले में निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई। उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा का कहना है कि जिले में 90 से अधिक फैक्टरी लगाई जाएंगी। जमीन की समस्या दूर करने को प्रशासन लैंडबैंक बनाएगा। सभी एसडीएम अपने-अपने यहां खाली जमीनों को तलाश रहे हैं। कुछ जगहों पर ग्रामीणों से भी बातचीत की गई है।
विज्ञापन
150 एकड़ जमीन चाहिए एथेनॉल फैक्टरी के लिए
समिट में चंडीगढ़ की एक फर्म ने तराई क्षेत्र में गन्ने की अधिक पैदावार को देखते हुए यहां पर गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल बनाने के लिए काम करने की इच्छा जाहिर की। उद्यमी अवनीश चौधरी ने बताया कि उन्हें प्लांट के लिए 150 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। इसके लिए तीन सौ करोड़ का प्रस्ताव बनाकर दिया है। प्लांट लगने से करीब पांच सौ लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
विज्ञापन
00
तीन हजार करोड़ की दवा फैक्टरी के लिए भी जमीन की तलाश
जिले में एनसीआर के एक उद्यमी ने तीन हजार करोड़ से एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स की फैक्टरी लगाने की सहमति दी है। एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स मिलाकर दवाएं बनाई जाती हैं। इसके लिए भी अच्छी खासी जमीन की तलाश की जा रही है। उद्यमी पीलीभीत में आकर जमीन को देखकर फाइनल करेंगे इसके बाद आगे का काम शुरू होगा। अगर तीन हजार करोड़ से फैक्टरी लगती है तो निश्चित ही जिले के लिए यह बड़ा काम होगा। इससे रोजगार भी मिलेगा।
00
साढ़े सात हजार करोड़ रुपये से करीब 90 से अधिक यूनिट लगाई जाएंगी। इसके लिए अब जमीन को तलाश किया जा रहा है। अधिकारियों से भूमि तलाशने को कहा गया है। जिले में जल्द ही लैंडबैंक तैयार होगा।
- आत्मदेव शर्मा, उपायुक्त, उद्योग