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Pilibhit News: नियमों के मकड़जाल में फंसे निवेशक, धरातल पर नहीं उतर पा रहे उद्योग

Sat, 22 Mar 2025 11:52 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sat, 22 Mar 2025 11:52 PM IST
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Investors are stuck in a web of rules, industries are unable to get off the ground
जनपद के भरापचपेड़ा ​स्थित औद्योगिक हब। संवाद
पीलीभीत। जिले में निवेश के लिए एमओयू (समझौता पत्र) साइन करने वाले ज्यादातर निवेशक नियमों के मकड़जाल में फंसे हुए हैं। अलग-अलग विभागों की एनओसी, जमीन और बैंकों के फेर में फंसे यह उद्यमी अपने प्रोजेक्ट को धरातल पर नहीं उतार पा रहे। स्थिति यह है कि एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी 100 से अधिक उद्योग कागजों पर ही हैं। भूमि पूजन समारोह (ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी) में जिन 76 उद्योगों के धरातल पर उतरने का दावा किया गया, उनमें से आधे ही उत्पादन कर रहे हैं।
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ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में जिले में करीब 9,796 करोड़ रुपये के 275 एमओयूू साइन किए गए थे। इनमें वन, पर्यटन, पशुपालन, फूड, दवा, चीनी आदि से जुड़े उद्योग शामिल हैं। एमओयू साइन करने के बाद उद्योग स्थापना की प्रक्रिया शुरू की गई।
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फरवरी 2024 में करीब 1200 करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर आने का दावा किया गया। कहा गया कि 72 औद्योगिक इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो गया, लेकिन यह आंकड़ा कागजी निकला। बिजली, धारा 143, वन, प्रदूषण विभाग की एनओसी और बैंकों का सहयोग न मिलने के कारण निवेशक इधर से उधर चक्कर काट रहे हैं।
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किसी को जमीन संबंधी एनओसी नहीं मिली तो कोई बिजली लाइन के लिए परेशान है। पशुपालन से संबंधित 30 से अधिक उद्योग वित्तीय स्वीकृति में फंसे हैं। कई अन्य बड़े उद्योग बैंकों का सहयोग न मिलने से धरातल पर नहीं उतर पा रहे हैं। दवा उद्योग से जुड़े एक निवेशक ने बताया कि उद्योग स्थापना में एनओसी समेत कई अड़चनें आईं। अब जाकर दिक्कतें दूर हुई हैं। एक अन्य निवेशक प्रदूषण विभाग की ओर से पेंच फंसने की बात कही।


छह हजार करोड़ का निवेश अटका ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के बाद 72 इकाइयों में उत्पादन की बात कही गई। विभाग की ओर से सर्वे कराया गया तो सिर्फ 29 इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन पाया गया। जिले में 139 उद्योग इकाइयां इस समय अलग-अलग समस्याओं की वजह से अटकी हैं। इन इकाइयों में छह हजार करोड़ से अधिक का निवेश है। अनुमान के मुताबिक, इन प्लांट में उत्पादन शुरू होने पर 6,794 लोगों को रोजगार मिलेगा। उद्योग विभाग इन इकाइयों के संचालन में आने वाली दिक्कतों के साथ उनका समाधान तलाश रहा है।

बैंकों का सहयोग मिल नहीं रहा, धारा 143 भी बाधा
जिले में उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों को बैंकों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। धारा 143 में भी अड़चनें आ रही हैं। कुछ अन्य दिक्कतें भी हैं। हालांकि अन्य एनओसी में अगर प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन हो और दस्तावेज पूरे हों तो दिक्कत कम होती।

- साकेत अग्रवाल, जिलाध्यक्ष आईआईए

वर्जन
जिले में करीब 139 प्रोजेक्ट विभिन्न समस्याओं के चलते फंसे हैं। जमीन, धारा-80, प्रदूषण व बिजली से संबंधित समस्याएं ज्यादा हैं। इनके समाधान का प्रयास किया जा रहा है। विभागों से समन्वय कर जल्द दिक्कतों का निराकरण कराया जाएगा। - संजय कुमार सिंह, उपायुक्त उद्योग

जनपद के भरापचपेड़ा स्थित औद्योगिक हब। संवाद

जनपद के भरापचपेड़ा स्थित औद्योगिक हब। संवाद

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