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Pilibhit News: परशुरामपुर गोआश्रय स्थल में जांच टीम को नहीं मिला हरा चारा, चोकर

Sun, 20 Aug 2023 12:15 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sun, 20 Aug 2023 12:15 AM IST
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Investigation team did not find green fodder, bran in Parshurampur cow shelter site
कमजोर मवेशी की ​स्थिति कोे कैमरे में कैंद करते डीआरडीए के पीडी । संवाद
कलीनगर। परशुरामपुर गोआश्रय स्थल में एक महीने के भीतर 16 गोवंश की मौत होने का मामला सुर्खियों में आने के बाद शनिवार को परियोजना निदेशक व जिला विकास अधिकारी जांच करने पहुंचे। गोआश्रय स्थल में गोवंश की स्थिति देखने के बाद परियोजना निदेशक नांद में सूखा भूसा देखकर बिफर पड़े। हाथ में भूसा लेकर केयर टेकर से पूछा- इसमें हरा चारा और चोकर तो है ही नहीं। पशु इसे कैसे खाएंगे। इसका केयर टेकर कोई जवाब नहीं दे सके।
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माधोटांडा ग्राम पंचायत के मौजा परशुरामपुर में स्थित गोआश्रय स्थल में एक महीने में 16 गोवंश की मौत के मामले में अधिकारी शुरू में लीपापोती करने में लगे थे। सीवीओ ने निरीक्षण के बाद अधिकारियों को सौंपी रिपोर्ट में सब कुछ ठीक बताया था। मात्र एक गोवंश के बीमार होने की बात कही थी, लेकिन उनके जांच कर जाने के बाद भी गोवंश की मौत का सिलसिला जारी रहा। सीवीओ के निरीक्षण के बाद 14 अगस्त तक छह गोवंश की मौत हो गई।
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गोआश्रय स्थल में 14 अगस्त को तीन गोवंश की मौत होने की सूचना पर जांच करने पहुंचे तहसीलदार ने भी सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिश की। तहसीलदार जिस दिन जांच करने पहुंचे, उसी दिन तीन गोवंश मरे थे, लेकिन पोस्टमार्टम एक का ही कराया गया। मामला उछला तो अधिकारियों की फझीहत होने लगी। इसके बाद जांच के लिए टीम गठित कर दी गई।
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शनिवार को जिला विकाय अधिकारी हवलदार सिंह और डीआरडीए के परियोजना निदेशक शैलेश व्यास जांच के लिए गोआश्रय स्थल पहुंचे। उन्होंने अभिलेख देखे। इसके बाद गोवंश के चारे की स्थिति देखने के लिए नांद के करीब पहुंचे। नांद में सूखा भूसा देख पीडी नाराज हो गए। हाथ में सूखा भूसा उठाकर बोले- यह क्या है। इसमें चोकर और हरा चारा कहां है। पूछने पर केयर टेकर कोई जवाब नहीं दे सके।
मौके पर अधिकांश गोवंश कमजोर अवस्था मिले। कई गोवंश बेसुध पड़े थे। पीडी ने उनकी तस्वीरें खींचीं। इसके बाद उन्होंने चिकित्सक, ग्राम पंचायत सचिव समेत अन्य जिम्मेदारों से कहा कि गोवंश के संरक्षण के लिए पर्याप्त बजट मिल रहा है तो फिर बेहतर देखरेख क्यों नहीं हो रही है। केयर टेकरों को भी गोवंश की बेहतर देखरेख करने के निर्देश दिए।
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चारा और चोकर का रजिस्टर नहीं दिखा सके सचिव

अभिलेखों की जांच के दौरान पीडी ने चारा और चोकर की स्थिति जानने के लिए आपूर्ति रजिस्टर मांगा, लेकिन ग्राम पंचायत सचिव रजिस्टर नहीं दिखा सके। इस पर पीडी ने कहा- जब रजिस्टर ही नहीं है तो कैसे मान लें कि गोवंश को हरा चारा और चोकर नियमित मिल रहा है। इस पर सचिव ने दो दिन के अंदर चारा रजिस्टर दिखाने की बात कही।

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वर्जन
डीएम के निर्देश पर जांच की जा रही है। जांच के बाद रिपोर्ट उन्हें सौंपी जाएगी। - शैलेश व्यास, पीडी डीआरडीओ

कमजोर मवेशी की स्थिति कोे कैमरे में कैंद करते डीआरडीए के पीडी । संवाद

कमजोर मवेशी की स्थिति कोे कैमरे में कैंद करते डीआरडीए के पीडी । संवाद

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