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Pilibhit News: विवि साइट पर नंबर अपलोड करने के मामले में फिर शुरू हुई जांच
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पूरनपुर। परीक्षा नहीं देने के बावजूद कुछ विद्यार्थियों के नंबर विश्वविद्यालय की साइट पर अपलोड करने के मामले में जांच समिति के दो सदस्यों ने गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय पहुंचकर फिर जांच शुरू की। परीक्षा प्रभारी और एक प्रवक्ता के बयान दर्ज किए।
गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीए चतुर्थ सेमेस्टर के हिंदी साहित्य की मौखिक परीक्षा में गैरहाजिर कई विद्यार्थियों के उपस्थिति पत्रक पर फर्जी हस्ताक्षर कर उनके अंक विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए थे। प्रमुख सचिव, शासन, कुलपति से हुई शिकायत पर परीक्षा नियंत्रक ने जून में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। जिसमें उप कुलपति और दो महाविद्यालयों के प्राचार्यों को शामिल किया गया था।
टीम ने जुलाई में महाविद्यालय पहुंचकर जांच की थी। मगर इस दौरान जांच समिति में शामिल उप कुलसचिव आनंद मौर्य का स्थानांतरण हो गया। जांच समिति के दो सदस्यों ने अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेजी थी। इसके बाद आननफानन में विश्वविद्यालय की ओर से उक्त परीक्षा का परिणाम विश्वविद्यालय की साइट पर अगस्त में फिर अपलोड करने के बाद कुछ देर बाद हटा दिया गया। उसका स्क्रीन शॉट प्राचार्य डॉ. सुधीर शर्मा को कुछ लोगों ने भेजा था।
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मामला महाविद्यालय में चर्चा का विषय बना रहा। बाद में जांच समिति में शामिल उप कुल सचिव डॉ. आनंद मौर्य की जगह विधि विभाग विश्वविद्यालय के डॉ. अमित सिंह को शामिल किया गया। शनिवार को डॉ. अमित सिंह और उपाधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दुष्यंत कुमार ने गन्ना कृषक महाविद्यालय पहुंचकर दोबारा जांच शुरू की। दो सदस्यीय टीम ने परीक्षा प्रभारी और एक प्रवक्ता के बयान दर्ज किए।
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गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीए चतुर्थ सेमेस्टर के हिंदी साहित्य की मौखिक परीक्षा में गैरहाजिर कई विद्यार्थियों के उपस्थिति पत्रक पर फर्जी हस्ताक्षर कर उनके अंक विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए थे। प्रमुख सचिव, शासन, कुलपति से हुई शिकायत पर परीक्षा नियंत्रक ने जून में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। जिसमें उप कुलपति और दो महाविद्यालयों के प्राचार्यों को शामिल किया गया था।
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टीम ने जुलाई में महाविद्यालय पहुंचकर जांच की थी। मगर इस दौरान जांच समिति में शामिल उप कुलसचिव आनंद मौर्य का स्थानांतरण हो गया। जांच समिति के दो सदस्यों ने अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेजी थी। इसके बाद आननफानन में विश्वविद्यालय की ओर से उक्त परीक्षा का परिणाम विश्वविद्यालय की साइट पर अगस्त में फिर अपलोड करने के बाद कुछ देर बाद हटा दिया गया। उसका स्क्रीन शॉट प्राचार्य डॉ. सुधीर शर्मा को कुछ लोगों ने भेजा था।
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मामला महाविद्यालय में चर्चा का विषय बना रहा। बाद में जांच समिति में शामिल उप कुल सचिव डॉ. आनंद मौर्य की जगह विधि विभाग विश्वविद्यालय के डॉ. अमित सिंह को शामिल किया गया। शनिवार को डॉ. अमित सिंह और उपाधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दुष्यंत कुमार ने गन्ना कृषक महाविद्यालय पहुंचकर दोबारा जांच शुरू की। दो सदस्यीय टीम ने परीक्षा प्रभारी और एक प्रवक्ता के बयान दर्ज किए।