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राजकीय आईटीआई कॉलेज में नहीं अनुदेशक, कैसे हो पढ़ाई

Wed, 13 Jul 2022 12:57 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jul 2022 12:57 AM IST
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Instructor not in state ITI, how to study
राजकीय आईटीआई पीलीभीत। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। राजकीय आईटीआई में पिछले आठ वर्ष से स्टेनोग्राफी पढ़ाने के लिए अनुदेशक नहीं है। हर वर्ष दाखिले लिए जाते हैं, इस वर्ष भी 24 विद्यार्थियों के दाखिले हुए हैं। विद्यार्थी दाखिला तो ले रहे हैं लेकिन पढ़ाई निजी संस्थानों या कोचिंग में रहते हैं। यहां सिर्फ परीक्षा देने आते हैं, ताकि प्रमाण पत्र सरकारी संस्थान का मिल सके।
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राजकीय आईटीआई में पहले से ही कम शिक्षक थे। अब प्रधानाचार्य अनिल वर्मा का तबादला गोंडा कर दिया गया। इसका असर पढ़ाई, प्रशिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ रहा है। शिक्षक/अनुदेशक के 32 पद हैं। तैनाती सिर्फ आठ की है, 24 पद खाली हैं। स्टेनोग्राफी का एक वर्ष में कोर्स पूरा होता है। वर्ष 2014 में अनुदेशक सुभाष चंद्र सेवानिवृत्त हुए थे। तब से यहां किसी की तैनाती नहीं हुई। इस समय अतिरिक्त कार्यभार कंप्यूटर विभाग की अनुदेशक नीलू कुशवाहा के पास है। स्टेनोग्राफर बनने आए विद्यार्थियों को वह कंप्यूटर का ज्ञान ही दे पती हैं। स्टेनोग्राफी में विद्यार्थियों ने दाखिला तो ले लिया, लेकिन पढ़ाई नहीं हो पा रही है।
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इन ट्रेडों में होते हैं दाखिले
इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रानिक्स, फिटर, टर्नर, मशीनिस्ट, बेल्डर, मोटर मैकेनिक, स्टेनोग्राफ, कंप्यूटर ऑपरेटर, सिलाई कढ़ाई. इब्राइडरी, रेफरेजेशन और एअर कंडीशनर ट्रेड में दाखिले लिए जाते हैं। आईटीआई की स्थापना 1962 में हुई थी। एक जमाने मे अधिकतर ट्रेड में अनुदेशक हुआ करते थे लेकिन धीरे-धीरे सेवानिवृत्त होते गए पर नई नियुक्ति नहीं की गईं। इससे 440 सीटों पर दाखिले लेने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
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फोरमैन हर्ष अरोरा कार्यवाहक प्रधानाचार्य
प्रधानाचार्य अनिल वर्मा 7 जुलाई को स्थानांतरित हुए हैं, उनके स्थान पर अब फोरमैन पद हर्ष अरोरा को कार्यवाहक प्रधानाचार्य बनाया गया है। उनका कहना है कि बेशक पद खाली होने से असर पड़ रहा है लेकिन उपलब्ध संसाधनों में बेहतर काम करने की जिम्मेदारी अब तक प्रधानाचार्य अनिल वर्मा ने निभाई है। अब जिम्मेदारी उनके पास है वे भी सभी अनुदेशकों के सहयोग से उसे निभाएंगी।
यह हैं हालात
स्टेनोग्राफर में 2014 से कोई अनुदेशक नहीं। फ्रिज और एअरकंडीशनर में 2016 से अनुदेशक नहीं। सिलाई कढ़ाई में 2014 से अनुदेशक नहीं है। वैकल्पिक व्यवस्था में एक इब्राइडरी के लिए रखी गईं हर्ष अरोरा ही पढ़ाती हैं। अब हर्ष अरोरा को ही प्रधानाचार्य पद की जिम्मेदारी दी गई है। फिटर के तीन अनुदेशक सात सेक्शन संभालते हैं, जबकि एक सेक्सन मशीनिस्ट में कोई अनुदेशक नहीं है, वर्कशॉप अटेंडैंट की पढ़ाते हैं।
अनुदेशक की नियुक्ति का मानक
एक ट्रेड में 20 विद्यार्थियों पर एक यूनिट का गठन होता है। एक यूनिट के लिए एक अनुदेशक अनिवार्य है।
अतिथि प्रवक्ताओं को छह महीने से मानदेय नहीं
आईटीआई में नियमित अनुदेशक न होने से वैकल्पिक व्यवस्था में 400 रुपये प्रति दिन के हिसाब से अतिथि प्रवक्ता बुलाए जाते हैं, लेकिन इन्हें भी छह महीने से मानदेय नहीं मिला है। वैसे तो अनुदेशक न होने पर अतिथि प्रवक्ता 24 होने चाहिए ताकि किसी भी यूनिट की पढ़ाई और प्रशिक्षण में कोई बाधा न पड़े लेकिन मुश्किल यह है कि अतिथि प्रवक्ता रखने में भी कंजूसी की जा रही है।

दाखिले के लिए भरे जा रहे हैं फार्म
7 जुलाई से दाखिले के लिए फार्म भरे जा रहे हैं और 31 जुलाई भर जाएंगे। जिन्हें दाखिला लेना हैं वे वेबसाइट ......... पर क्लिक करें। क्लिक करने से पहले अपने क्षैशिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, फोटो, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग के हैं तो जाति प्रमाण पत्र अपने पास रख लें।
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