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Pilibhit News: मेले के बजाय अस्पतालों पर लटके ताले, पैथोलॉजी में आराम फरमाते मिले कर्मी
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राजाराम। संवाद
शाहजहांपुर। अवकाश के दिन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक रविवार को लगने वाले मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के नाम पर स्वास्थ्य विभाग खाना-पूर्ति कर रहा है। जिले की तिलहर, मदनापुर, कटरा और सेहरामऊ दक्षिणी में सीएचसी और पीएचसी पर मेला लगाने के बजाय ताला लटका दिया गया। इस वजह से मरीजों को मायूस लौटना पड़ा।
रविवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटिया टोला में पूर्वाह्न 11:16 बजे ताला लटका मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि डॉक्टर की ड्यूटी बाढ़ प्रभावित इलाकों में शिविर में लगी है। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी में पूर्वांह्न 11:29 बजे रैबीज का इंजेक्शन लगाने वाले कक्ष के दरवाजे पर कुंडा लगा था। चार लोग इंतजार कर रहे थे। इंजेक्शन लगाने वाला कर्मी टहल रहा था।
डॉ.ज्योति गुप्ता चैंबर में बैठीं थी। पैथोलॉजी कक्ष का आधा दरवाजा बंदकर युवक कुर्सी पर बैठकर पैर मेज पर रखकर मोबाइल चलाने में व्यस्त था। यहां डेढ़ घंटे में सात मरीज ही आए। दिन में 12: 17 बजे शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोधीपुर में स्टाफ नर्स पूनम देवी अकेली बैठी थीं। दोपहर तक सिर्फ 18 मरीजों का परीक्षण हुआ। डॉ.आलोक कुमार की ड्यूटी बाढ़ग्रस्त क्षेत्र दुर्गा मंदिर के पास लगी थी।
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मेले के बजाय लगा मिला ताला, मायूस लौटे मरीज
तिलहर में सीएचसी पर लगने वाले जन आरोग्य मेले में डॉक्टर और फार्मासिस्ट नहीं पहुंचे। कक्ष के बाहर कोई पोस्टर बैनर तक नहीं लगा था। फार्मासिस्ट अब्दुल कयूम चिश्ती ने कॉल पर बताया कि बंथरा स्थित रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर मेले में आते हैं। गांव राजनपुर स्थित पीएचसी पर 11:45 बजे ताला लटका मिला। रमापुर स्थित पीएचसी पर फार्मासिस्ट संजीव अस्पताल बंद कर चले गए। मीरानपुर कटरा, सेहरामऊ दक्षिणी और मदनापुर के सीएचसी में भी मेला नहीं लगा। प्रभारियों ने मेले के संबंध में आदेश नहीं होने की बात बताई।
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कमरे में बंद मिले मेले के पोस्टर-बैनर
देवकली। सीएचसी देवकली में आरोग्य मेले की जिम्मेदारी कार्यवाहक इंचार्ज फार्मासिस्ट नरेंद्र नाथ चौधरी संभाल रहे हैं। दोपहर 12 बजे तक मात्र तीन मरीज देखे गए। चौधरी ने बताया कि मेले में काफी कम मरीज आते हैं। दूसरी ओर प्रचार-प्रसार के लिए लगाए पोस्टर-बैनर आचार संहिता के कारण कमरे में बंद कर दिए थे। तब से उन्हें निकालने की जरूरत नहीं समझी गई है। संवाद
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कैमहरिया में डॉक्टर गायब
खुटार। दोपहर 12 बजे कैमहरिया पीएचसी पर डाॅक्टर अंकित वर्मा नहीं मिले। वार्ड बॉय मुख्त्यार भी नदारद थे। फार्मासिस्ट विजय वर्मा मौजूद मिले। यहां मेले के नाम पर दो मेजें डालकर कुछ दवाएं रखी मिलीं। संवाद
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दोपहर तक पहुंचे 27 मरीज
पुवायां। दोपहर साढ़े बारह बजे गंगसरा पीएचसी पर जन आरोग्य मेले में डॉ. प्रदीप कटियार, फार्मासिस्ट सुभाष पांडे आदि मौजूद मिले। पीएचसी का मेन गेट बंद था, साइड का छोटा गेट खुला था। डॉ. प्रदीप कटियार ने बताया कि पीएचसी पर आमतौर पर रोजाना तक 30 से 35 रोगी आते हैं। साढ़े बारह बजे तक 27 रोगी देखे जा चुके है। अधिकतर रोगी बुखार और त्वचा रोग से संबंधित पहुंचे थे। संवाद
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कटेली और आजमपुर के आरोग्य मेले बने दिखावटी
जलालाबाद। गांव कटेली और चौकी आजमपुर स्थित पीएचसी पर रविवार को लगे जन आरोग्य मेले दिखावटी साबित हुए। जानकारी के अभाव में पूर्वांह्न 11 बजे तक इन स्वास्थ्य केंद्रों पर एक भी मरीज नहीं पहुंचा। दो बजे तक कटेली स्वास्थ्य केंद्र पर 22 और आजमपुर में 14 मरीज पंजीकृत हुए। संवाद
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मेले में मरीजों को दी गईं दवाएं
कुर्रिया कलां। बाढ़ प्रभावित भमौली में स्वास्थ्य शिविर में 150 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कान, आंख, पेट दर्द और बुखार से पीड़ित मरीज आए थे। मदनापुर के गांव बुधुवाना में आयुष्मान आरोग्य मंदिर पीएचसी पर 65 मरीज देखे गए। परौर में एडिशनल पीएचसी में 62 मरीजों का परीक्षण किया। संवाद
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मरीजों की बात
खांसी और जुकाम होने के अलावा बुखार भी आ रहा है। दवा अस्पताल से मिली है। डॉक्टर ने उबला पानी ठंडा करके पीने और घर के आसपास सफाई रखने को कहा है।
-राजाराम, गांव दियुरनिया
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पंद्रह दिन पहले शरीर में कई जगह दानों के साथ लाल चकत्ते पड़ गए। दो बार पहले दवा ले जा चुके हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। हर बार गोलियां दी गईं, लगाने के लिए कोई ट्यूब नहीं मिला।
-पारस, गांव पतियुरा
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मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले में मरीजों को देखने के सख्त निर्देश हैं। जिन स्थानों पर आरोग्य मेले नहीं लगे हैं। वहां के चिकित्सा अधिकारियों से वार्ता कर संबंधित का जवाब तलब किया जाएगा।
- डॉ.आरके गौतम, सीएमओ
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रविवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटिया टोला में पूर्वाह्न 11:16 बजे ताला लटका मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि डॉक्टर की ड्यूटी बाढ़ प्रभावित इलाकों में शिविर में लगी है। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी में पूर्वांह्न 11:29 बजे रैबीज का इंजेक्शन लगाने वाले कक्ष के दरवाजे पर कुंडा लगा था। चार लोग इंतजार कर रहे थे। इंजेक्शन लगाने वाला कर्मी टहल रहा था।
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डॉ.ज्योति गुप्ता चैंबर में बैठीं थी। पैथोलॉजी कक्ष का आधा दरवाजा बंदकर युवक कुर्सी पर बैठकर पैर मेज पर रखकर मोबाइल चलाने में व्यस्त था। यहां डेढ़ घंटे में सात मरीज ही आए। दिन में 12: 17 बजे शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोधीपुर में स्टाफ नर्स पूनम देवी अकेली बैठी थीं। दोपहर तक सिर्फ 18 मरीजों का परीक्षण हुआ। डॉ.आलोक कुमार की ड्यूटी बाढ़ग्रस्त क्षेत्र दुर्गा मंदिर के पास लगी थी।
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मेले के बजाय लगा मिला ताला, मायूस लौटे मरीज
तिलहर में सीएचसी पर लगने वाले जन आरोग्य मेले में डॉक्टर और फार्मासिस्ट नहीं पहुंचे। कक्ष के बाहर कोई पोस्टर बैनर तक नहीं लगा था। फार्मासिस्ट अब्दुल कयूम चिश्ती ने कॉल पर बताया कि बंथरा स्थित रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर मेले में आते हैं। गांव राजनपुर स्थित पीएचसी पर 11:45 बजे ताला लटका मिला। रमापुर स्थित पीएचसी पर फार्मासिस्ट संजीव अस्पताल बंद कर चले गए। मीरानपुर कटरा, सेहरामऊ दक्षिणी और मदनापुर के सीएचसी में भी मेला नहीं लगा। प्रभारियों ने मेले के संबंध में आदेश नहीं होने की बात बताई।
कमरे में बंद मिले मेले के पोस्टर-बैनर
देवकली। सीएचसी देवकली में आरोग्य मेले की जिम्मेदारी कार्यवाहक इंचार्ज फार्मासिस्ट नरेंद्र नाथ चौधरी संभाल रहे हैं। दोपहर 12 बजे तक मात्र तीन मरीज देखे गए। चौधरी ने बताया कि मेले में काफी कम मरीज आते हैं। दूसरी ओर प्रचार-प्रसार के लिए लगाए पोस्टर-बैनर आचार संहिता के कारण कमरे में बंद कर दिए थे। तब से उन्हें निकालने की जरूरत नहीं समझी गई है। संवाद
कैमहरिया में डॉक्टर गायब
खुटार। दोपहर 12 बजे कैमहरिया पीएचसी पर डाॅक्टर अंकित वर्मा नहीं मिले। वार्ड बॉय मुख्त्यार भी नदारद थे। फार्मासिस्ट विजय वर्मा मौजूद मिले। यहां मेले के नाम पर दो मेजें डालकर कुछ दवाएं रखी मिलीं। संवाद
दोपहर तक पहुंचे 27 मरीज
पुवायां। दोपहर साढ़े बारह बजे गंगसरा पीएचसी पर जन आरोग्य मेले में डॉ. प्रदीप कटियार, फार्मासिस्ट सुभाष पांडे आदि मौजूद मिले। पीएचसी का मेन गेट बंद था, साइड का छोटा गेट खुला था। डॉ. प्रदीप कटियार ने बताया कि पीएचसी पर आमतौर पर रोजाना तक 30 से 35 रोगी आते हैं। साढ़े बारह बजे तक 27 रोगी देखे जा चुके है। अधिकतर रोगी बुखार और त्वचा रोग से संबंधित पहुंचे थे। संवाद
कटेली और आजमपुर के आरोग्य मेले बने दिखावटी
जलालाबाद। गांव कटेली और चौकी आजमपुर स्थित पीएचसी पर रविवार को लगे जन आरोग्य मेले दिखावटी साबित हुए। जानकारी के अभाव में पूर्वांह्न 11 बजे तक इन स्वास्थ्य केंद्रों पर एक भी मरीज नहीं पहुंचा। दो बजे तक कटेली स्वास्थ्य केंद्र पर 22 और आजमपुर में 14 मरीज पंजीकृत हुए। संवाद
मेले में मरीजों को दी गईं दवाएं
कुर्रिया कलां। बाढ़ प्रभावित भमौली में स्वास्थ्य शिविर में 150 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कान, आंख, पेट दर्द और बुखार से पीड़ित मरीज आए थे। मदनापुर के गांव बुधुवाना में आयुष्मान आरोग्य मंदिर पीएचसी पर 65 मरीज देखे गए। परौर में एडिशनल पीएचसी में 62 मरीजों का परीक्षण किया। संवाद
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मरीजों की बात
खांसी और जुकाम होने के अलावा बुखार भी आ रहा है। दवा अस्पताल से मिली है। डॉक्टर ने उबला पानी ठंडा करके पीने और घर के आसपास सफाई रखने को कहा है।
-राजाराम, गांव दियुरनिया
पंद्रह दिन पहले शरीर में कई जगह दानों के साथ लाल चकत्ते पड़ गए। दो बार पहले दवा ले जा चुके हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। हर बार गोलियां दी गईं, लगाने के लिए कोई ट्यूब नहीं मिला।
-पारस, गांव पतियुरा
मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले में मरीजों को देखने के सख्त निर्देश हैं। जिन स्थानों पर आरोग्य मेले नहीं लगे हैं। वहां के चिकित्सा अधिकारियों से वार्ता कर संबंधित का जवाब तलब किया जाएगा।
- डॉ.आरके गौतम, सीएमओ

राजाराम। संवाद

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