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पीटीआर के 1200 पेड़ भारत-नेपाल सीमा पर सड़क निर्माण में बाधा बने

Wed, 08 Jul 2020 12:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2020 12:40 AM IST
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Indo nepal border
पीलीभीत। सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण भारत-नेपाल सीमा पर सड़क के निर्माण में पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) 1200 पेड़ बाधा बने हुए हैं। शासन तक सात डिवीजनों की संयुक्त रिपोर्ट न पहुंचने के चलते सड़क निर्माण करीब छह साल से अटका है। राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण (एनटीसीए) की ओर से सड़क निर्माण की एनओसी जारी नहीं हुई है।
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भारत-नेपाल की खुली सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी और भारत विरोधी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की तैनाती की गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2013 में नेपाल की खुली सीमा पर पेट्रोलिंग के लिए सीमा के समानांतर सड़क बनाने की मंजूरी दी थी। इस सड़क के बन जाने से सीमावर्ती इलाके में न सिर्फ विकास के नए मापदंड स्थापित होंगे, बल्कि खुली सीमा पर एसएसबी को मूवमेंट करने में सहूलियत मिलेगी। मगर, सात साल बाद भी भारत-नेपाल सीमा पर सड़क निर्माण अधर में लटका है।
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बताते हैं कि पहले भारत-नेपाल सीमा पर सड़क की चौड़ाई अधिक रखी गई थी। मगर, जब सीमावर्ती क्षेत्र में सर्वे कराया गया तो उसमें टाइगर रिजर्व के 1200 से ज्यादा पेड़ सड़क निर्माण में आड़े आ गए। इसके चलते एनटीसीए ने एनओसी देने से इनकार कर दिया। इसके मद्देनजर कुछ समय बाद सामरिक दृष्टि से भारत-नेपाल सीमा पर अति महत्वपूर्ण मानी जाने वाली सड़क की चौड़ाई कम करने का फैसला लिया गया। इसके बाद पीटीआर अफसरों ने दोबारा इलाके का सर्वे कराया तो टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आने वाले जंगल की जमीन का जो रकवा था, उससे दोगुना रकवा वन विभाग के अधिकारियों ने शासन से मांगा। शासन ने तत्कालीन डीएम ओएन सिंह को पत्र जारी कर सड़क निर्माण के बदले उससे दो गुनी जमीन टाइगर रिजर्व को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। तत्कालीन डीएम ने सभी एसडीएम को पत्र जारी कर वन विभाग को दोगुना रकवा तलाश कर देने के लिए लिखा। मगर, बाद में यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
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इसके बाद एक बार फिर भारत-नेपाल सीमा पर सड़क निर्माण के प्रयास तेज हुए। पीटीआर क्षेत्र मेें खड़े पेड़ों की गणना कराई गई तो उसमें 1200 पेड़ सड़क निर्माण के दायरे में पाए गए। पीटीआर प्रशासन ने अपनी सर्वे रिपोर्ट बनाकर तैयार कर ली, मगर अभी सात अन्य डिवीजनों की सर्वे रिपोर्ट बननी बाकी है। इसके बाद सबकी संयुक्त रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। तब कहीं जाकर सड़क निर्माण की राह आसान हो सकेगी। बीते कुछ दिनों से भारत-नेपाल सीमा पर भारत विरोधी गतिविधियां सामने आ रही हैं। इसको देखते हुए सड़क निर्माण की जरूरत महसूस की जा रही है।

भारत-नेपाल सीमा पर सड़क निर्माण को लेकर सर्वे पूरा करा लिया गया है। इसमें 1200 पेड़ दायरे में आ रहे हैं। सर्वे रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है, मगर अभी सात-आठ अन्य डिवीजनों की भी सर्वे रिपोर्ट देनी है। इसके बाद संयुक्त रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। - डॉ. एच राजामोहन, फील्ड डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व
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