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Pilibhit News: सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव का समापन
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पीलीभीत। भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। कलाकारों ने नृत्य व गीत से भारत-नेपाल की सांस्कृतिक विरासत को साझा किया। प्रदर्शनी के जरिए मैत्री महोत्सव की सांस्कृतिक यात्रा की जानकारी दी गई। स्वयं सहायता समूह के स्टॉल पर लोग खरीदारी व जानकारी करते दिखे।
संस्कृति व पर्यटन विभाग की ओर से नेपाल सीमा से सटे प्रदेश के आठ जिलों में भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव कराया गया। अंतिम पड़ाव में दो दिवसीय मैत्री महोत्सव शहर के गांधी प्रेक्षागृह में हुआ। पहले दिन बुधवार को महोत्सव का शुभारंभ नेपाल के सांसद डिल्लीराज पंत व डीएम ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भारत-नेपाल की संस्कृति व सभ्यता की झलक दिखी।
बृहस्पतिवार को महोत्सव का समापन हो गया। समापन से पूर्व भातखंडे विश्वविद्यालय से आए ग्रुप ने कार्यक्रम प्रस्तुत किए। स्थानीय कलाकारों ने भी कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसके बाद गायिका तृप्ति शाक्या ने भजन सुनाकर लोगों को भाव-विभोर कर दिया। तृप्ति शाक्या ने बताया कि भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव में पहली बार प्रतिभाग करने पहुंची हैं।
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इस तरह के कार्यक्रम से दोनों देश के संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। शाम करीब सात बजे महोत्सव का समापन हो गया। महोत्सव में नेपाली कलाकारों ने भी लोक नृत्य व अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
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समूहों के स्टॉल पर ली जानकारी
मैत्री महोत्सव परिसर में स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल लगाए गए थे। लोगों ने स्टॉल पर पहुंचकर उत्पादों के बारे में जानकारी ली। जिले की पहचान बांसुरी का स्टॉल भी लगाया गया था।
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चित्रों में ही दिखी सांस्कृतिक यात्रा
संस्कृति विभाग की ओर से जारी कार्यक्रमों में तराई सीमा के जिलों में सांस्कृतिक यात्रा का जिक्र किया गया। यह यात्रा परिसर में लगे पोस्टर व कटआउट के जरिये प्रदर्शित की गई। अलग-अलग जिलों में हुए कार्यक्रमों की जानकारी भी इनके माध्यम से दी गई।
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संस्कृति व पर्यटन विभाग की ओर से नेपाल सीमा से सटे प्रदेश के आठ जिलों में भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव कराया गया। अंतिम पड़ाव में दो दिवसीय मैत्री महोत्सव शहर के गांधी प्रेक्षागृह में हुआ। पहले दिन बुधवार को महोत्सव का शुभारंभ नेपाल के सांसद डिल्लीराज पंत व डीएम ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भारत-नेपाल की संस्कृति व सभ्यता की झलक दिखी।
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बृहस्पतिवार को महोत्सव का समापन हो गया। समापन से पूर्व भातखंडे विश्वविद्यालय से आए ग्रुप ने कार्यक्रम प्रस्तुत किए। स्थानीय कलाकारों ने भी कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसके बाद गायिका तृप्ति शाक्या ने भजन सुनाकर लोगों को भाव-विभोर कर दिया। तृप्ति शाक्या ने बताया कि भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव में पहली बार प्रतिभाग करने पहुंची हैं।
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इस तरह के कार्यक्रम से दोनों देश के संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। शाम करीब सात बजे महोत्सव का समापन हो गया। महोत्सव में नेपाली कलाकारों ने भी लोक नृत्य व अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
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समूहों के स्टॉल पर ली जानकारी
मैत्री महोत्सव परिसर में स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल लगाए गए थे। लोगों ने स्टॉल पर पहुंचकर उत्पादों के बारे में जानकारी ली। जिले की पहचान बांसुरी का स्टॉल भी लगाया गया था।
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चित्रों में ही दिखी सांस्कृतिक यात्रा
संस्कृति विभाग की ओर से जारी कार्यक्रमों में तराई सीमा के जिलों में सांस्कृतिक यात्रा का जिक्र किया गया। यह यात्रा परिसर में लगे पोस्टर व कटआउट के जरिये प्रदर्शित की गई। अलग-अलग जिलों में हुए कार्यक्रमों की जानकारी भी इनके माध्यम से दी गई।