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Pilibhit News: हाथियों की बढ़ी आवाजाही, आबादी क्षेत्र के किसान चिंतित

Tue, 20 Oct 2026 02:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2026 02:04 AM IST
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Increased elephant movement worries farmers in inhabited areas
हा​थियों के झुंड ने तोड़ी जंगल की तार फेंसिंग। स्रोत ग्रामीण। - फोटो : 1
कलीनगर। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पास जंगली हाथियों की आवाजाही बढ़ने से किसानों और जंगल से सटी आबादी के लोगों व किसानों की चिंता बढ़ गई है। पिछले दो दिनों से हाथियों का एक झुंड तार फेंसिंग तोड़कर परशुरामपुर गोशाला के पास पहुंच गया। आसपास के खेतों में हाथियों के बार-बार आने से उनके रास्ते बन गए हैं। हालांकि वन विभाग की टीम ने निगरानी शुरू कर दी है।
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गोशाला के कर्मचारी भी हाथियों की मौजूदगी से डरे हुए हैं। वे रात में पटाखे छोड़कर हाथियों को दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल सीमित क्षेत्र में फैला है। जंगल से सटे इलाकों में आबादी और खेती होने के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बना हुआ है। हाथियों के खेतों में पहुंचने से फसलों को नुकसान होने की आशंका भी है। पिछले एक सप्ताह से हाथियों का झुंड बराही, महोफ के जंगल में डेरा जमाए हैं।
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ऐसे में लोगों का कहना है कि इससे निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाना चाहिए। कुछ वर्ष पहले भी तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर एच. राजा मोहन ने हाथियों को नेपाल की ओर खदेड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया था। उस समय कोलकाता से विशेषज्ञ टीम बुलाई गई थी। काफी प्रयासों के बाद हाथियों को शारदा नदी पार नेपाल की ओर भेज दिया गया था।
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रेंजर सहेंद्र यादव ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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