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Pilibhit News: ऐसे तो दो वर्षों में भर पाएंगे गन्ना किसानों के घोषणापत्र
Wed, 05 Jul 2023 11:36 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 05 Jul 2023 11:36 PM IST
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बीसलपुर। गन्ना किसानों के घोषणापत्र जिस गति से भरे जा रहे हैं, उससे तो दो साल में भी इनके भर पाने की उम्मीद नहीं है। 20 अप्रैल से अब तक 98 हजार में से सिर्फ डेढ़ हजार किसानों केे ही घोषणापत्र भरे जा सके हैं, जबकि 30 सितंबर तक इन्हें हर हाल में भरा जाना है।
गन्ना आयुक्त के निर्देश पर सहकारी गन्ना विकास समिति क्षेत्र में 20 अप्रैल से गन्ना सर्वेक्षण करने और साथ में ही गन्ना किसानों के घोषणा पत्र भरने शुरू हो गए थे। अधिकारियों ने इस कार्य में 35 टीमें लगाई हैं। टीमों को समय सीमा का ध्यान रखते हुए तेजी से घोषणा पत्र भरने के निर्देश दिए थे।
गन्ना सर्वेक्षण तो डेढ़ सप्ताह पहले ही पूरा हो गया, लेकिन 70 दिनों में केवल डेढ़ हजार किसानों के ही घोषणा पत्र भर पाए हैं। अभी 96500 किसानों के घोषणा पत्र भरे जाने हैं। इस गति से तो इन्हें भरने में दो साल लग जाएंगे, जबकि इन्हें 30 सितंबर तक हर हालत में भरा जाना है, क्योंकि अक्तूबर से पेराई सत्र शुरू हो जाता है। नियम यह भी है कि जिन किसानों के घोषणा पत्र नहीं भरे जाएगेंं, उनके गन्ने के सट्टे नहीं चलेंगे। (संवाद)
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क्या होता है घोषणापत्र
घोषणा पत्र में किसानों का नाम, पता, कोड नंबर, गन्ने का रकबा, बैंक शाखा का नाम, बैंक खाता नंबर समेत सारा विवरण दर्ज होता है। शासन ने सभी किसानोंं को हर हालत में घोषणा पत्र भरने का नियम बना रखा है।
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किसान इसलिए बच रहे हैं घोषणा पत्र भरने से
काफी किसानों के पास एंड्राइड फोन नहीं है और कम-पढ़े लिखे हैं। ऐसे में किसान साइबर कैफे पर घोषणा पत्र भरने जाते हैं तो वहां उनसे मनमाना शुल्क लिया जाता है। लिहाजा किसान घोषणा पत्र भरने से बच रहे हैं। गन्ना विभाग हर साल समिति परिसर में ही काउंटर लगाकर वंचित किसानों के घोषणा पत्र भरवाता है। इस साल भी किसान काउंटर लगने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
वर्जन
समिति क्षेत्र में अब तक लगभग 14 प्रतिशत किसानों के घोषणा पत्र भरे जा चुके हैं। कर्मचारियों को गांवों में भेजकर वंचित किसानों को अतिशीघ्र घोषणा पत्र भरने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। घोषण पत्र न भरने वाले किसानों के गन्ना सट्टे नहीं चलेगें। - धर्मेंद्र प्रसाद दुबे, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, गन्ना विकास परिषद बीसलपुर
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गन्ना आयुक्त के निर्देश पर सहकारी गन्ना विकास समिति क्षेत्र में 20 अप्रैल से गन्ना सर्वेक्षण करने और साथ में ही गन्ना किसानों के घोषणा पत्र भरने शुरू हो गए थे। अधिकारियों ने इस कार्य में 35 टीमें लगाई हैं। टीमों को समय सीमा का ध्यान रखते हुए तेजी से घोषणा पत्र भरने के निर्देश दिए थे।
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गन्ना सर्वेक्षण तो डेढ़ सप्ताह पहले ही पूरा हो गया, लेकिन 70 दिनों में केवल डेढ़ हजार किसानों के ही घोषणा पत्र भर पाए हैं। अभी 96500 किसानों के घोषणा पत्र भरे जाने हैं। इस गति से तो इन्हें भरने में दो साल लग जाएंगे, जबकि इन्हें 30 सितंबर तक हर हालत में भरा जाना है, क्योंकि अक्तूबर से पेराई सत्र शुरू हो जाता है। नियम यह भी है कि जिन किसानों के घोषणा पत्र नहीं भरे जाएगेंं, उनके गन्ने के सट्टे नहीं चलेंगे। (संवाद)
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क्या होता है घोषणापत्र
घोषणा पत्र में किसानों का नाम, पता, कोड नंबर, गन्ने का रकबा, बैंक शाखा का नाम, बैंक खाता नंबर समेत सारा विवरण दर्ज होता है। शासन ने सभी किसानोंं को हर हालत में घोषणा पत्र भरने का नियम बना रखा है।
किसान इसलिए बच रहे हैं घोषणा पत्र भरने से
काफी किसानों के पास एंड्राइड फोन नहीं है और कम-पढ़े लिखे हैं। ऐसे में किसान साइबर कैफे पर घोषणा पत्र भरने जाते हैं तो वहां उनसे मनमाना शुल्क लिया जाता है। लिहाजा किसान घोषणा पत्र भरने से बच रहे हैं। गन्ना विभाग हर साल समिति परिसर में ही काउंटर लगाकर वंचित किसानों के घोषणा पत्र भरवाता है। इस साल भी किसान काउंटर लगने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
वर्जन
समिति क्षेत्र में अब तक लगभग 14 प्रतिशत किसानों के घोषणा पत्र भरे जा चुके हैं। कर्मचारियों को गांवों में भेजकर वंचित किसानों को अतिशीघ्र घोषणा पत्र भरने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। घोषण पत्र न भरने वाले किसानों के गन्ना सट्टे नहीं चलेगें। - धर्मेंद्र प्रसाद दुबे, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, गन्ना विकास परिषद बीसलपुर