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पिपरिया संतोष गांव में फिर दिखी खूनी बाघिन

Sat, 03 Dec 2016 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो जमुनिया/पीलीभीत।
अमर उजाला ब्यूरो जमुनिया/पीलीभीत। Updated Sat, 03 Dec 2016 11:02 PM IST
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In the village there was the bloody satisfaction Pipariya tigress
बाघिन दिखने से हड़कंप - फोटो : अमर उजाला
शनिवार सुबह भी ईंट भट्टे के निकट दिखे शावक
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पिपरिया संतोष गांव में शुक्रवार की रात फिर बाघिन दिखने से हड़कंप मच गया। शोर शराबा होने पर सैकड़ों लोग जमा हो गए। रात में ही घटना की सूचना वनकर्मियों को दी गई लेकिन वह सुबह पहुंचे। इसके अलावा शनिवार सुबह भी गांव से कुछ दूरी पर एक भट्टे पर ईंट पाथ रहे मजदूरों ने दो शावक देखे। इनके पदचिह्न भी ताजी पाथी गई ईंटों पर मिले हैं।
27/28 नवंबर की रात माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव पिपरिया संतोष में खेत पर सिंचाई करने गए 62 वर्षीय बाबूराम पर बाघिन ने हमला कर मारा डाला था। अगली सुबह उसका शव पड़ोस के गन्ने के खेत में मिला था। बाबूराम की मौत के बाद से ही गांव वालों में दहशत हैं। देर रात तक वह जागकर गांव की रखवाली कर रहे हैं। शुक्रवार की रात भी गांव के उत्तर की ओर रहने वाले रामकुमार राठौर अपने परिवार एवं कुछ ग्रामीणों के साथ घर के बाहर आग जलाकर ताप रहे थे। इस दौरान करीब 8.30 बजे उन लोगों से लगभग 10 फिट दूर से बाघिन ने दहाड़ के साथ छलांग लगाई लेकिन वह धान के पुआल के ढेर से टकरा कर लौट गई। बाघिन को देख लोग सहम गए। आनन फानन शोर मचा कर लोगों को इकट्ठा किया गया। सैकड़ों लोग टार्च, लाठी डंडा, बंदूक आदि लेकर मौके पर पहुंच गए। गांव के लोगों ने आसपास बाघिन की तलाश की साथ ही वनकर्मियों का भी सूचना दी। हालांकि रात में उसका कोई और सुराग नहीं लगा। सुबह वनकर्मियों ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। 
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बाघिन की दहाड़ सुनकर गोद से गिरा मासूम
रात में घर वालों के साथ रामकुमार की पुत्रवधू मोनी भी आठ माह के बालक लव को गोद में लेकर आग ताप रही थी। अचानक बाघिन के दहाड़ से मोनी डर गई। उसके गोदी से बच्चा छूटकर जमीन पर गिर गया। हालांकि साथ में मौजूद अन्य लोग बच्चे को उठाकर सुरक्षित घर में ले गए।
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सुबह भट्टे पर दिखे शावक
पिपरिया संतोष गांव से लगभग एक किमी दूर खटीमा मार्ग के दूसरी ओर स्थित भट्टे पर सुबह मजदूर ईंटों की पथाई कर रहे थे। इस दौरान दो शावक निकल ताजी पाथी गई ईंटों के ऊपर से गुजरे। शावकों को देख मजदूर काम छोड़कर भाग गए और इसकी जानकारी भट्टा मालिक मुन्ने खां को दी। शनिवार सुबह तक पाथी गई ईंटों पर बने पदचिह्न शावकों के क्षेत्र में मौजूदगी की गवाही दे रहे हैं।



पिपरिया संतोष गांव में बाघ की सूचना पर टीम भेजी गई थी। रात में ही टीम गांव पहुंची थी। अंधेरा होने पर जांच ठीक से नहीं हो सकी थी। सुबह पुन: टीम ने गांव पहुंचकर निरीक्षण किया, लेकिन पदचिह्न सहित कोई निशान नहीं मिले हैं।
- कैलाश प्रकाश, डीएफओ, टाइगर रिजर्व
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