{"_id":"57910e5f4f1c1b3e12c4b70a","slug":"in-the-case-of-audio-tape-viral-sharp-political-stir","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑडियो टेप वायरल होने के मामले में सियासी हलचल तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑडियो टेप वायरल होने के मामले में सियासी हलचल तेज
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jul 2016 11:33 PM IST
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एक केंद्रीय मंत्री की कथित धमकी का ऑडियो टेप वायरल होने के बाद से जिले में सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश के खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हुए स्थानीय प्रशासन को मामले की जांच कर कार्रवाई करने के लिए कहा है। उधर, जिस व्यक्ति को फोन पर समझौैते के लिए केंद्रीय मंत्री द्वारा धमकाने की बात कही जा रही है, वह बैकफुट पर आ गया है। उसने एसपी को शपथ पत्र देकर केंद्रीय मंत्री द्वारा किसी तरह की धमकी दिए जाने से इंकार किया है।
क्षेत्र के एक दलित व्यक्ति का गांव के ही कुछ लोगों से कुछ दिन पहले विवाद हो गया था। इसमें उसने दलित एक्ट और छेड़छाड़ का मुकदमा अपने विपक्षियों पर दर्ज कराया था। बताया जाता है कि दोनों पक्ष एक केंद्रीय मंत्री के करीबी हैं, लिहाजा आरोपी पक्ष ने भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष पहुंच कर अपनी सफाई पेश की। बताया जाता है कि उसी दौरान केंद्रीय मंत्री ने वादी पक्ष को फोन कर मुकदमा वापस लेने को कहा था। यह बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। हालांकि बाद में वादी पक्ष बैकफुट पर आ गया और उसने मीडिया वालों से भी साफ तौर पर कह दिया था कि केंद्रीय मंत्री ने उसे किसी तरह की कोई धमकी नहीं दी। अब उसने पुलिस अधीक्षक को भी इस आशय का शपथ पत्र दे दिया है। वादी ने उसमें कहा है कि केंद्रीय मंत्री से उसका कोई विवाद नहीं है और न ही उन्होंने किसी तरह की कोई धमकी ही दी है।
इधर, प्रदेश के खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने बताया कि उन्होंने वायरल हुआ ऑडियो टेप सुना है। जिसमें एक केंद्रीय मंत्री एक व्यक्ति पर मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बना रही हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित केंद्रीय मंत्री का यह कोई पहला मामला नहीं है। ऐसे तमाम मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को हर किसी का आदर और सम्मान करना चाहिए। इस मामले में वह स्थानीय प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई को कहेंगे।
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क्षेत्र के एक दलित व्यक्ति का गांव के ही कुछ लोगों से कुछ दिन पहले विवाद हो गया था। इसमें उसने दलित एक्ट और छेड़छाड़ का मुकदमा अपने विपक्षियों पर दर्ज कराया था। बताया जाता है कि दोनों पक्ष एक केंद्रीय मंत्री के करीबी हैं, लिहाजा आरोपी पक्ष ने भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष पहुंच कर अपनी सफाई पेश की। बताया जाता है कि उसी दौरान केंद्रीय मंत्री ने वादी पक्ष को फोन कर मुकदमा वापस लेने को कहा था। यह बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। हालांकि बाद में वादी पक्ष बैकफुट पर आ गया और उसने मीडिया वालों से भी साफ तौर पर कह दिया था कि केंद्रीय मंत्री ने उसे किसी तरह की कोई धमकी नहीं दी। अब उसने पुलिस अधीक्षक को भी इस आशय का शपथ पत्र दे दिया है। वादी ने उसमें कहा है कि केंद्रीय मंत्री से उसका कोई विवाद नहीं है और न ही उन्होंने किसी तरह की कोई धमकी ही दी है।
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इधर, प्रदेश के खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने बताया कि उन्होंने वायरल हुआ ऑडियो टेप सुना है। जिसमें एक केंद्रीय मंत्री एक व्यक्ति पर मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बना रही हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित केंद्रीय मंत्री का यह कोई पहला मामला नहीं है। ऐसे तमाम मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को हर किसी का आदर और सम्मान करना चाहिए। इस मामले में वह स्थानीय प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई को कहेंगे।
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