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Pilibhit News: गोमती के जल संरक्षण और सौंदर्यीकरण कार्यों पर जल्द शुरू होगा अमल
Fri, 16 May 2025 12:32 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 16 May 2025 12:32 AM IST
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केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से मुलाकात करते केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद। स्रोत सूचना विभाग
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पीलीभीत। गोमती नदी के संरक्षण और सुंदरीकरण को लेकर जल्द ही विस्तृत परियोजना पर अमल शुरू होगा। इसको लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात की। गोमती के बारे में जानकारी दी और सहयोग मांगा। जलशक्ति मंत्री ने जल्द ही गोमती से संबंधित विस्तृत परियोजना पर अमल शुरू कराने का आश्वासन दिया है।
जनपद की माधोटांडा ग्राम पंचायत में गोमती नदी का उद्गम स्थल है। संरक्षण की दिशा में बेहतर प्रयास न होने से नदी की धारा अविरल न हो सकी। साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में भी कुछ खास नहीं हो सका।
इसके लिए केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने प्रयास शुरू किए हैं। पूर्व में उन्होंने जलशक्ति मंत्री को पत्र लिखा था। इसके बाद मंत्रालय की एक टीम ने गोमती उद्गम स्थल का दौरा कर जल संरक्षण और सुंदरीकरण की संभावनाएं तलाशी थीं। इसकी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी थी।
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इसके बाद जिला स्तर पर अफसरों ने कार्ययोजना बनाने पर भी जोर दिया। इधर, बृहस्पतिवार को केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने जलशक्ति मंत्री से मुलाकात की। गोमती नदी के पवित्र उद्गम स्थल की ऐतिहासिक, धार्मिक व पारिस्थितिकीय महत्ता को बताया। बुनियादी ढांचे, हरित क्षेत्र, पर्यटन सुविधाओं जल संरक्षण योजनाओं के अलावा सुंदरीकरण के कार्यों के लिए केंद्र सरकार के सहयोग की मांग की है। जलशक्ति मंत्री ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार इस दिशा में हरसंभव सहयोग को तैयार है।
केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि यह पहल न सिर्फ गोमती नदी के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था एवं धार्मिक महत्ता को भी बढ़ावा देगी। स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी।
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जनपद की माधोटांडा ग्राम पंचायत में गोमती नदी का उद्गम स्थल है। संरक्षण की दिशा में बेहतर प्रयास न होने से नदी की धारा अविरल न हो सकी। साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में भी कुछ खास नहीं हो सका।
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इसके लिए केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने प्रयास शुरू किए हैं। पूर्व में उन्होंने जलशक्ति मंत्री को पत्र लिखा था। इसके बाद मंत्रालय की एक टीम ने गोमती उद्गम स्थल का दौरा कर जल संरक्षण और सुंदरीकरण की संभावनाएं तलाशी थीं। इसकी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी थी।
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इसके बाद जिला स्तर पर अफसरों ने कार्ययोजना बनाने पर भी जोर दिया। इधर, बृहस्पतिवार को केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने जलशक्ति मंत्री से मुलाकात की। गोमती नदी के पवित्र उद्गम स्थल की ऐतिहासिक, धार्मिक व पारिस्थितिकीय महत्ता को बताया। बुनियादी ढांचे, हरित क्षेत्र, पर्यटन सुविधाओं जल संरक्षण योजनाओं के अलावा सुंदरीकरण के कार्यों के लिए केंद्र सरकार के सहयोग की मांग की है। जलशक्ति मंत्री ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार इस दिशा में हरसंभव सहयोग को तैयार है।
केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि यह पहल न सिर्फ गोमती नदी के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था एवं धार्मिक महत्ता को भी बढ़ावा देगी। स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी।