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ग्रामीण क्षेत्रों के खेल मैदानों से खाली कराए जाएंगे अवैध कब्जे
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पीलीभीत। ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल पड़े खेल मैैदानों पर खिलाड़ी फिर अपने सपनों को साकार करने की दौड़ लगा सकेंगे। इन मैदानों को न केवल संवारा जाएगा बल्कि जिनपर अवैध कब्जे हैं उनको भी कब्जामुक्त कराया जाएगा। जिले में ऐसे 255 खेल मैदान चिह्नित किए गए हैं। इसमें 64 पर अवैध कब्जा है। डीएम ने खेल मैदानों की सूची सभी एसडीएम को जारी कर दी है। एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
21 अप्रैल के अंक में अमर उजाला ने गजरौला में ग्राम सभा की जमीन पर बनाए गए खेल मैदान की बदहाली को प्रकाशित किया था। यहां खेल उपकरण भी लगाए गए लेकिन अनदेखी के कारण खेल मैदान पर अवैध कब्जा हो गया। जितना हिस्सा बचा उसपर झाड़ियां उग आईं। मैदान में खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए लगाए गए उपकरण भी खराब हो गए। खबर में जिले अन्य खेल मैदानों का भी जिक्र किया था। डीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों के खेल मैदानों का सर्वे कराया। इसमें 255 खेल मैदान मिले जो मौजूदा वक्त में बदहाल पड़े हैं। कई मैदानों पर झाड़ियां उग आईं। इसमें 64 मैदान ऐसे हैं जिनपर अवैध कब्जा कर लिया गया। आसपास के लोगों ने पक्के निर्माण कर लिए। अब इनको खाली कराया जाएगा। मनरेगा के माध्यम से इन खेल मैदानों को पहले जैसा बनाया जाएगा।
खिलाड़ियों के हवाले किए जाएंगे मैैदान
इन खेल मैदानों में खेल उपकरण भी लगाए जाएंगे। गांव के कुछ अच्छे खिलाड़ियों की एक समिति बनाई जाएगी। खेल मैदान इसी समिति की देखरेख में संचालित होगा। बाकी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। इसके अलावा समय-समय पर प्रतियोगिताएं भी इन मैदानों पर कराई जाएंगी।
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पुलिस और आर्मी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए होगी बड़ी राहत
खेल मैदान न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के तमाम युवा पुलिस और आर्मी की तैयारी के लिए खेतों की पगडंडियों पर दौड़ लगाते हैं। अब खेल मैदान होने से उनको तैयारी के लिए खेतों की पगडंडियों पर नहीं बल्कि अच्छे मैदान पर दौड़ने की सुविधा मिल सकेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों के खेल मैदानों का सर्वे कराया था जिसमें पांच सौ से ज्यादा मैदान मिले जिनको संवारा जा सकता है। इसमें पचास पर अवैध कब्जा है। सभी एसडीएम को सूची भेज दी है। खेल मैदानों को खेल के लायक बनाया जाएगा। जहां अवैध कब्जे हैं उनको हटाया जाएगा।
- पुलकित खरे, डीएम
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21 अप्रैल के अंक में अमर उजाला ने गजरौला में ग्राम सभा की जमीन पर बनाए गए खेल मैदान की बदहाली को प्रकाशित किया था। यहां खेल उपकरण भी लगाए गए लेकिन अनदेखी के कारण खेल मैदान पर अवैध कब्जा हो गया। जितना हिस्सा बचा उसपर झाड़ियां उग आईं। मैदान में खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए लगाए गए उपकरण भी खराब हो गए। खबर में जिले अन्य खेल मैदानों का भी जिक्र किया था। डीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों के खेल मैदानों का सर्वे कराया। इसमें 255 खेल मैदान मिले जो मौजूदा वक्त में बदहाल पड़े हैं। कई मैदानों पर झाड़ियां उग आईं। इसमें 64 मैदान ऐसे हैं जिनपर अवैध कब्जा कर लिया गया। आसपास के लोगों ने पक्के निर्माण कर लिए। अब इनको खाली कराया जाएगा। मनरेगा के माध्यम से इन खेल मैदानों को पहले जैसा बनाया जाएगा।
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खिलाड़ियों के हवाले किए जाएंगे मैैदान
इन खेल मैदानों में खेल उपकरण भी लगाए जाएंगे। गांव के कुछ अच्छे खिलाड़ियों की एक समिति बनाई जाएगी। खेल मैदान इसी समिति की देखरेख में संचालित होगा। बाकी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। इसके अलावा समय-समय पर प्रतियोगिताएं भी इन मैदानों पर कराई जाएंगी।
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पुलिस और आर्मी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए होगी बड़ी राहत
खेल मैदान न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के तमाम युवा पुलिस और आर्मी की तैयारी के लिए खेतों की पगडंडियों पर दौड़ लगाते हैं। अब खेल मैदान होने से उनको तैयारी के लिए खेतों की पगडंडियों पर नहीं बल्कि अच्छे मैदान पर दौड़ने की सुविधा मिल सकेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों के खेल मैदानों का सर्वे कराया था जिसमें पांच सौ से ज्यादा मैदान मिले जिनको संवारा जा सकता है। इसमें पचास पर अवैध कब्जा है। सभी एसडीएम को सूची भेज दी है। खेल मैदानों को खेल के लायक बनाया जाएगा। जहां अवैध कब्जे हैं उनको हटाया जाएगा।
- पुलकित खरे, डीएम