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Pilibhit News: खड़ंजा नहीं हटा तो आत्मदाह करने तहसील पहुंचा परिवार
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बीसलपुर तहसील परिसर में सामूहिक आत्मदाह करने पहुंचा भोगापुर का परिवार।संवाद
बीसलपुर (पीलीभीत)। खेत के पास बनाए गए खड़ंजे को हटाए जाने की मांग को लेकर गांव भोगापुर का एक परिवार डीजल लेकर सोमवार की सुबह 10 बजे तहसील परिसर में सामूहिक आत्मदाह करने पहुंचा। बाद में एसडीएम के समझाने पर सभी लौट गए।
गांव निवासी मलखान ने बताया कि करीब 10 वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत की ओर से उनके खेत के पास खड़ंजा बनवाया गया था। तब उन्होंने इसका विरोध किया था, लेकिन इसके बावजूद खड़ंजा बना दिया गया। खड़ंजे की वजह से उधर का जल निकास बाधित हो गया। गांव का काफी पानी उनके खेत में भरने लगा, जिससे फसल खराब हो गई। पिछले दिनों वह राजस्व विभाग के जिला अभिलेखागार से उस क्षेत्र का नक्शा निकलवाकर लाया।
बताया कि नक्शे में खड़ंजे के स्थान पर नाली की जगह है। उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल को नक्शा दिखाकर खड़ंजा हटवाने की मांग की, जिस पर लेखपाल ने मामला पुराना बताते हुए हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद मलखान ने कई अधिकारियों से मिलकर खड़ंजा हटवाने की मांग की, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की।
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परेशान होकर मलखान परिवार समेत सोमवार को डीजल लेकर तहसील परिसर में आत्मदाह करने पहुंचा। मलखान के साथ उनकी पत्नी रेनू, भाभी रामश्री, पुत्री वैष्णवी, शोभा, पुत्र अंश, आदर्श और भतीजा अमित कुमार थे। जानकारी मिलने पर एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों ने डीजल को कब्जे में ले लिया। मलखान ने एसडीएम को चेतावनी पत्र देकर कहा कि यदि उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह तहसील परिसर में सपरिवार आत्मदाह कर लेगा।
एसडीएम ने अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियोंं के साथ गांव में जाकर मौका मुआयना किया। राजस्व विभाग के नक्शे से मिलान करने पर पता चला कि चकरोड सही बना है। नक्शे में नाली का प्रावधान है। एसडीएम ने मलखान से कहा कि वह मंगलवार को चकबंदी विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाएंगे।
इसके बाद उसकी समस्या का समाधान करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। एसडीएम के आश्वासन पर मलखान संतुष्ट होकर सपरिवार लौट गया। एसडीएम ने बताया कि चकबंदी विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर समस्या के निस्तारण का पूरा प्रयास किया जाएगा।
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गांव निवासी मलखान ने बताया कि करीब 10 वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत की ओर से उनके खेत के पास खड़ंजा बनवाया गया था। तब उन्होंने इसका विरोध किया था, लेकिन इसके बावजूद खड़ंजा बना दिया गया। खड़ंजे की वजह से उधर का जल निकास बाधित हो गया। गांव का काफी पानी उनके खेत में भरने लगा, जिससे फसल खराब हो गई। पिछले दिनों वह राजस्व विभाग के जिला अभिलेखागार से उस क्षेत्र का नक्शा निकलवाकर लाया।
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बताया कि नक्शे में खड़ंजे के स्थान पर नाली की जगह है। उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल को नक्शा दिखाकर खड़ंजा हटवाने की मांग की, जिस पर लेखपाल ने मामला पुराना बताते हुए हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद मलखान ने कई अधिकारियों से मिलकर खड़ंजा हटवाने की मांग की, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की।
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परेशान होकर मलखान परिवार समेत सोमवार को डीजल लेकर तहसील परिसर में आत्मदाह करने पहुंचा। मलखान के साथ उनकी पत्नी रेनू, भाभी रामश्री, पुत्री वैष्णवी, शोभा, पुत्र अंश, आदर्श और भतीजा अमित कुमार थे। जानकारी मिलने पर एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों ने डीजल को कब्जे में ले लिया। मलखान ने एसडीएम को चेतावनी पत्र देकर कहा कि यदि उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह तहसील परिसर में सपरिवार आत्मदाह कर लेगा।
एसडीएम ने अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियोंं के साथ गांव में जाकर मौका मुआयना किया। राजस्व विभाग के नक्शे से मिलान करने पर पता चला कि चकरोड सही बना है। नक्शे में नाली का प्रावधान है। एसडीएम ने मलखान से कहा कि वह मंगलवार को चकबंदी विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाएंगे।
इसके बाद उसकी समस्या का समाधान करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। एसडीएम के आश्वासन पर मलखान संतुष्ट होकर सपरिवार लौट गया। एसडीएम ने बताया कि चकबंदी विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर समस्या के निस्तारण का पूरा प्रयास किया जाएगा।