Pilibhit News: अफसरों की लापरवाही से किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, नहर कटने से 100 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न
लाखों रुपये खर्च कर नहर और माइनरों में सिल्ट सफाई कराने का दावा किया गया, लेकिन नहरों में पानी छोड़ने के बाद सिल्ट सफाई की हकीकत सामने आने लगी। रविवार रात माधोटांडा क्षेत्र के केसरपुर गांव के पास हरदोई ब्रांच नहर से निकली रजवाहा नहर कट गई, जिससे 100 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई।
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पीलीभीत के कलीनगर तहसील क्षेत्र में सिल्ट सफाई के दावों के बीच नहर और माइनरों के कटने का सिलसिला जारी है। रविवार रात केसरपुर गांव के निकट नहर कटने से करीब सौ एकड़ दायरे में गेहूं की फसलें जलमग्न हो गई। जानकारी के बाद सिंचाई कर्मियों ने नहर बंद कर मरम्मत कार्य शुरू कराया। किसानों का आरोप है कि सफाई के नाम पर अफसरों ने लापरवाही बरती, उसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं।
कलीनगर तहसील क्षेत्र में नहरों का जाल फैला हुआ है। हाल ही में लाखों रुपये खर्च कर नहर और माइनरों में सिल्ट सफाई कराने का दावा किया गया। अधिकांश नहर और माइनरों में सफाई कार्य में औपचारिकताएं निभाने का किसानों ने आरोप लगाए थे। देरी से पानी छोड़ने के चलते किसानों की जेब पर बोझ पड़ा। सप्ताह भर पूर्व नहरों में पानी छोड़ने के बाद सिल्ट सफाई की हकीकत सामने आने लगी।
20 से अधिक किसानों के खेतों में भरा पानी
निगोही ब्रांच नहर के अलावा चांदूपुर माइनर कटने से किसान परेशान हुए थे। रविवार रात माधोटांडा क्षेत्र के केसरपुर गांव के पास हरदोई ब्रांच नहर से निकली रजवाहा नहर कट गई। इससे करीब बीस से अधिक किसानों की सौ एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। एक खेत में नहर की रेत भरने से फसल नष्ट हो गई।
किसानों की जानकारी के बाद सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। नहर को बंद कराने के बाद कट्टों में रेत भरकर मरम्मत कार्य शुरू किया गया। किसानों का आरोप है कि इस बार रजवाहा में सिल्ट सफाई भी नहीं कराईं गई। नहर की पटरियां पतली कर दी गई। देरी से पानी छोड़ने के बाद नहर कटने से नुकसान बढ़ जाएगा।
पहले भी कटती रही रजवाहा नहर
हर साल अभियंता सिल्ट सफाई के नाम पर लाखों रुपए खर्च करते हैं। कई बार रजवाहा नहर की भी सफाई कराई गई, लेकिन दावों के बीच नहर फटती रही। पूर्व वर्षों में भी कई बार रजवाहा नहर फटने से फसलों को नुक्सान होता रहा।