{"_id":"67e6e53b38ce799f1a0022c5","slug":"hsrp-exercise-on-trolleys-no-check-on-commercial-use-pilibhit-news-c-121-1-lkh1003-133173-2025-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: व्यावसायिक उपयोग पर लगाम नहीं ट्राॅलियों पर एचएसआरपी की कवायद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: व्यावसायिक उपयोग पर लगाम नहीं ट्राॅलियों पर एचएसआरपी की कवायद
Fri, 28 Mar 2025 11:36 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 28 Mar 2025 11:36 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। कृषि कार्यों में पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्राॅलियों का मालवाहक वाहनों की तरह व्यावसायिक उपयोग हो रहा है। इनसे मिट्टी, गिट्टी-मौरंग, ईंट और अन्य सामान ढोया जा रहा है।
लोग ट्राॅलियों में बैठकर जोखिम के बीच सफर भी कर रहे हैं, मगर विभाग बेपरवाह है। ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक तो लगी नहीं, विभाग अब ट्राॅलियों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगवाने की कवायद में जुटा है। सड़क हादसों की रोकथाम के प्रयासों में अब ट्रॉलियों का भी पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में शासन स्तर से निर्देश भी जारी हो चुके हैं। ट्रॉलियों पर भी एचएसआरपी लगने से हादसा होने पर आसानी से मालिक का पता लगाया जा सके।
हालांकि यह व्यवस्था पुरानी है, मगर अब इसका सख्ती के साथ पालन कराया जाएगा। ट्रॉली का निर्माण करने वाले निर्माता को भी परिवहन विभाग में अपना पंजीयन कराना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। कृषि कार्यों में पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्राॅलियों का मालवाहक वाहनों की तरह व्यावसायिक उपयोग हो रहा है। इनसे मिट्टी, गिट्टी-मौरंग, ईंट और अन्य सामान ढोया जा रहा है।
लोग ट्राॅलियों में बैठकर जोखिम के बीच सफर भी कर रहे हैं, मगर विभाग बेपरवाह है। ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक तो लगी नहीं, विभाग अब ट्राॅलियों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगवाने की कवायद में जुटा है। सड़क हादसों की रोकथाम के प्रयासों में अब ट्रॉलियों का भी पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में शासन स्तर से निर्देश भी जारी हो चुके हैं। ट्रॉलियों पर भी एचएसआरपी लगने से हादसा होने पर आसानी से मालिक का पता लगाया जा सके।
विज्ञापन
हालांकि यह व्यवस्था पुरानी है, मगर अब इसका सख्ती के साथ पालन कराया जाएगा। ट्रॉली का निर्माण करने वाले निर्माता को भी परिवहन विभाग में अपना पंजीयन कराना होगा।
विज्ञापन