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बिना डिप्टी आरएमओ के कैसे होगी धान की खरीद
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2016 11:08 PM IST
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शासन ने धान की खरीद का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके लिए डीएम ने एडीएम को खरीद अधिकारी भी नियुक्त कर दिया है लेकिन एक महीना से रिक्त चल रहे डिप्टी आरएमओ के पद पर किसी की तैनाती नहीं हुई है।
तराई के इस जिले में गन्ना और गेहूं के बाद धान मुख्य फसल है। प्रति वर्ष यहां क्रय केंद्रों के माध्यम से सरकारी खरीद होती है। खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री हेमराज का गृह जनपद होने के नाते इस बार व्यवस्थाएं और बेहतर होने की उम्मीद की जा रही थी लेकिन हकीकत इसके उलट दिख रही है। शासन ने एक सप्ताह पहले धान खरीद का कार्यक्रम तो जारी कर दिया है। इसके तहत एक अक्तूबर से धान की खरीद की जानी है। खरीद से पहले क्रय केंद्रों का निर्धारण, उनका राइस मिलों से संबद्धीकरण और मिलों से तैयार चावल के उतार को गोदामों के आवंटन, हैंडलिंग ठेकेदार की नियुक्ति समेत कई काम पूरे किए जाने हैं लेकिन विभाग में डिप्टी आरएमओ का पद रिक्त होने के कारण सारा काम बाबुओं के सहारे चल रहा है। यहां तैनात डिप्टी आरएमओ एसके यादव को पिछले दिनों शासन ने बरेली आरएमओ कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। इसके बाद से अब तक न तो किसी को यहां तैनात किया गया है और न ही किसी को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। ऐसे में धान खरीद का काम कैसे और कितनी गुणवत्ता से होगा इसका अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है।
शासन को लिखा जा चुका है। यदि जल्द डिप्टी आरएमओ की तैनाती नहीं होती है तो किसी अधिकारी को प्रभारी बनाकर खरीद कराई जाएगी।
- मासूम अली सरवर, डीएम
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तराई के इस जिले में गन्ना और गेहूं के बाद धान मुख्य फसल है। प्रति वर्ष यहां क्रय केंद्रों के माध्यम से सरकारी खरीद होती है। खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री हेमराज का गृह जनपद होने के नाते इस बार व्यवस्थाएं और बेहतर होने की उम्मीद की जा रही थी लेकिन हकीकत इसके उलट दिख रही है। शासन ने एक सप्ताह पहले धान खरीद का कार्यक्रम तो जारी कर दिया है। इसके तहत एक अक्तूबर से धान की खरीद की जानी है। खरीद से पहले क्रय केंद्रों का निर्धारण, उनका राइस मिलों से संबद्धीकरण और मिलों से तैयार चावल के उतार को गोदामों के आवंटन, हैंडलिंग ठेकेदार की नियुक्ति समेत कई काम पूरे किए जाने हैं लेकिन विभाग में डिप्टी आरएमओ का पद रिक्त होने के कारण सारा काम बाबुओं के सहारे चल रहा है। यहां तैनात डिप्टी आरएमओ एसके यादव को पिछले दिनों शासन ने बरेली आरएमओ कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। इसके बाद से अब तक न तो किसी को यहां तैनात किया गया है और न ही किसी को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। ऐसे में धान खरीद का काम कैसे और कितनी गुणवत्ता से होगा इसका अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है।
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शासन को लिखा जा चुका है। यदि जल्द डिप्टी आरएमओ की तैनाती नहीं होती है तो किसी अधिकारी को प्रभारी बनाकर खरीद कराई जाएगी।
- मासूम अली सरवर, डीएम