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आवास आवंटन घोटाला : डीएम ने तीन दिन के भीतर मांगी रिपोर्ट
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पीलीभीत। आवास आवंटन में लाखों रुपये के घोटाले में फंसे तत्कालीन पूरनपुर देहात के सचिव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मामला फिर से खुलने के बाद डीएम संजय कुमार सिंह ने इसकी पंचायत राज विभाग से तीन दिन में रिपोर्ट तलब की है। सचिव पर पूर्व में रहे डीएम ने एफआईआर के आदेश दिए थे, लेकिन यह अभी तक नहीं हो सकी है।
वर्ष 2021-22 में पूरनपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव पूरनपुर देहात में तैनात रहे सचिव मेहरबान सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 31 अपात्रों को पात्र करते हुए उनके खातों में पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये भेज दिए थे। ग्रामीणों ने इसकी तत्कालीन डीएम पुलकित खरे से शपथपत्र के साथ शिकायत की थी। जांच में पुष्टि होने पर सचिव की वेतनवृद्धि रोकते हुए निलंबित कर उनसे 9.60 लाख रुपये की वसूली भी की गई थी।
तत्कालीन डीएम ने विधिक राय लेने के बाद सीडीओ को सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश भी दिए थे। वहीं डीएम के जाने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। अब एक बार फिर से मामला डीएम संजय कुमार सिंह के संज्ञान में आया है। उन्होंने सचिव से संबंधित पूरी जानकारी पंचायत राज विभाग से मांगी है। कहा है कि तीन दिन के भीतर पूरे मामले की पत्रावली पेश की जाए। साथ ही बताया जाए कि रिपोर्ट अभी तक दर्ज क्यों नहीं की गई। डीएम ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पूर्व अधिकारी के आदेश पर अमल न होना गंभीर बात है। तीन दिन में डीपीआरओ से पूरी पत्रावली के साथ जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
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वर्ष 2021-22 में पूरनपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव पूरनपुर देहात में तैनात रहे सचिव मेहरबान सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 31 अपात्रों को पात्र करते हुए उनके खातों में पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये भेज दिए थे। ग्रामीणों ने इसकी तत्कालीन डीएम पुलकित खरे से शपथपत्र के साथ शिकायत की थी। जांच में पुष्टि होने पर सचिव की वेतनवृद्धि रोकते हुए निलंबित कर उनसे 9.60 लाख रुपये की वसूली भी की गई थी।
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तत्कालीन डीएम ने विधिक राय लेने के बाद सीडीओ को सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश भी दिए थे। वहीं डीएम के जाने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। अब एक बार फिर से मामला डीएम संजय कुमार सिंह के संज्ञान में आया है। उन्होंने सचिव से संबंधित पूरी जानकारी पंचायत राज विभाग से मांगी है। कहा है कि तीन दिन के भीतर पूरे मामले की पत्रावली पेश की जाए। साथ ही बताया जाए कि रिपोर्ट अभी तक दर्ज क्यों नहीं की गई। डीएम ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पूर्व अधिकारी के आदेश पर अमल न होना गंभीर बात है। तीन दिन में डीपीआरओ से पूरी पत्रावली के साथ जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
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