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Pilibhit News: वायरल बुखार में भी कारगर साबित हो रहीं होम्योपैथिक दवाएं
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जिला अस्पताल में होम्योपैथिक दवाओं का वितरण करता कर्मी। संवाद
पीलीभीत। वायरल बुखार में भी होम्योपैथिक दवाएं कारगर साबित हो रही हैं। जिला अस्पताल में होम्योपैथिक इलाज के लिए औसतन 150 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर वायरल बुखार के हैं। मरीजों को मीठी गोलियों के साथ बेहतर उपचार का लाभ मिल रहा है। चिकित्सक बिना खुराक तोड़े दवाएं खाने के लिए मरीजों को प्रोत्साहित कर रहे हैं।
शनिवार को जिला अस्पताल में होम्योपैथिक चिकित्सालय में सुबह से ही मरीज पहुंचने लगे। एक ही चिकित्सक की ओपीडी के चलते कक्ष में मरीजों की भीड़ देखी गई। होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. सरोज ने लगभग 150 से अधिक मरीज वायरल बुखार के साथ खासी-जुकाम, बुखार व खुजली, बवासीर, पेट में गैस आदि के देखे। उन्होंने मरीजों को परामर्श देने के साथ मीठी गोलियों से युक्त अलग-अलग होम्योपैथिक दवाएं दीं। कुछ मरीजों की पेट से जुड़ी समस्याओं पर अल्ट्रासाउंड जांच भी चिकित्सक द्वारा लिखी गई। हालांकि आपूर्ति में समस्याओं के चलते कुछ मरीजों को जोड़ों के दर्द के ट्यूब सहित कुछ दवाएं नहीं मिल पाईं।
चिकित्सक डॉ. सरोज ने बताया, दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज पहुंच रहे हैं, जिनका लंबे समय से इलाज भी किया जा रहा है। उपचार में फायदा देखकर ठंड में कुछ मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। जिला होम्योपैथिक अधिकारी डॉ. राजीव शर्मा ने मरीजों को दवाओं की खुराक को नियमित खाने की सलाह दी है।
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एलोपैथी इलाज के साथ भी खा सकते हैं दवाएं
होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. सरोज ने कहा कि यदि किसी बीमारी का एलोपैथी इलाज चल रहा है, तो वह मरीज होम्योपैथी दवाएं भी खा सकता है। क्योंकि इसमें मरीज को कम मात्रा में दवाइयां दी जाती हैं, उनका कोई भी नुकसान नहीं होता। होम्योपैथिक इलाज के दौरान तंबाकू, पान-मसाला, गुटका, सुपारी, धूम्रपान आदि से बचने की सलाह दी जाती है।
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शनिवार को जिला अस्पताल में होम्योपैथिक चिकित्सालय में सुबह से ही मरीज पहुंचने लगे। एक ही चिकित्सक की ओपीडी के चलते कक्ष में मरीजों की भीड़ देखी गई। होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. सरोज ने लगभग 150 से अधिक मरीज वायरल बुखार के साथ खासी-जुकाम, बुखार व खुजली, बवासीर, पेट में गैस आदि के देखे। उन्होंने मरीजों को परामर्श देने के साथ मीठी गोलियों से युक्त अलग-अलग होम्योपैथिक दवाएं दीं। कुछ मरीजों की पेट से जुड़ी समस्याओं पर अल्ट्रासाउंड जांच भी चिकित्सक द्वारा लिखी गई। हालांकि आपूर्ति में समस्याओं के चलते कुछ मरीजों को जोड़ों के दर्द के ट्यूब सहित कुछ दवाएं नहीं मिल पाईं।
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चिकित्सक डॉ. सरोज ने बताया, दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज पहुंच रहे हैं, जिनका लंबे समय से इलाज भी किया जा रहा है। उपचार में फायदा देखकर ठंड में कुछ मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। जिला होम्योपैथिक अधिकारी डॉ. राजीव शर्मा ने मरीजों को दवाओं की खुराक को नियमित खाने की सलाह दी है।
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एलोपैथी इलाज के साथ भी खा सकते हैं दवाएं
होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. सरोज ने कहा कि यदि किसी बीमारी का एलोपैथी इलाज चल रहा है, तो वह मरीज होम्योपैथी दवाएं भी खा सकता है। क्योंकि इसमें मरीज को कम मात्रा में दवाइयां दी जाती हैं, उनका कोई भी नुकसान नहीं होता। होम्योपैथिक इलाज के दौरान तंबाकू, पान-मसाला, गुटका, सुपारी, धूम्रपान आदि से बचने की सलाह दी जाती है।

जिला अस्पताल में होम्योपैथिक दवाओं का वितरण करता कर्मी। संवाद