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गृहसचिव और डीजीपी का आदेश बेअसर
पीलीभीत।
Updated Mon, 25 Jan 2016 12:27 AM IST
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यूपी में आतंकवादियों के नेटवर्क का खुलासा और नोएडा से आईटीबीपी के अफसर की नीली बत्ती लगी कार चोरी होने के बाद गणतंत्र दिवस पर प्रदेश में हाईअलर्ट घोषित करते हुए गृहसचिव और डीजीपी ने खासतौर पर लाल-नीली बत्ती लगे वाहनों की चेकिंग के निर्देश दिए। दो दिन बीत जाने के बावजूद जिले में यह आदेश बेअसर है। शहर की सड़कों पर लाल-नीली बत्ती लगे कई वाहन फर्राटा भर रहे हैं लेकिन कहीं पर भी पुलिस ने इन वाहनों को रोककर चेकिंग नहीं की।
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तराई में बसा पीलीभीत नेपाल सीमा से सटा है। खास बात यह है कि इस जिले की सीमा उत्तराखंड से भी जुड़ी है। पिछले दिनों नोएडा से एक आईटीबीपी के अधिकारी की नीली बत्ती लगी कार चोरी हो गई थी। हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने देशभर से 14 संदिग्ध आईएस के आतंकी पकड़े थे। इनमें हरिद्वार के माघ मेले में बम धमाके करने की योजना में शामिल लखनऊ के अलीम अहमद व कुशीनगर के रिजवान अहमद व रुड़की (उत्तराखंड) का अखलाक भी शामिल हैं। गणतंत्र दिवस से पहले कार चोरी होने और आतंकवादियों के पकड़े जाने से खुफिया एजेंसियों ने रिपोर्ट देकर गणतंत्र दिवस पर बड़े हमले की आशंका जताई थी। जिस पर दो दिन पहले गृहसचिव और डीजीपी जावीद अहमद ने प्रदेश के सभी जिलों में हाईअलर्ट घोषित किया था। दोनों अफसरों ने खासतौर पर लाल-नीली बत्ती लगे वाहनों की सघन तलाशी लेने के आदेश सभी जिले के पुलिस अधिक्षकों को दिए थे। साथ ही कोई कोताही न बरतने की हिदायत दी थी, लेकिन दोनों आला अफसरों का आदेश जिले में हवाई साबित हुआ। जिले से दो राष्ट्रीय राजमार्ग भी गुजरते हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों सहित जिले के अन्य मार्गों पर लाल-नीली-नीली बत्ती लगे वाहन फर्राटा भरते रहे, लेकिन जिले में कहीं पर भी न तो यातायात पुलिस ने वाहनों चेकिंग की और न ही संबंधित थानों की पुलिस ने।
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