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अरे! यहां तो जमीन पर ही लेटाकर हो रहा इलाज
पीलीभीत
Updated Sat, 27 May 2017 11:04 PM IST
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इलाज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूूरेेा
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मीडिया के पहुंचने पर मची खलबली, बचाव में जुटे अफसर
वार्ड में सफाई को लेकर चंद मिनट के लिए लिटाए जाने की कही बात
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के दावे जिला अस्पताल से सामने आई तस्वीर के बाद खोखले साबित हो गए हैं। एक माह से टीवी की बीमारी का इलाज करा रहे दो मरीजों को गैलरी में जमीन पर लिटाकर इलाज किया जा रहा था। नर्स मरीजों को दवाएं देने में लगी रहीं। बाद में मीडिया के मौके पर पहुंचते ही खलबली मच गई। अफसर वार्ड में सफाई कार्य को लेकर मरीजों को चंद मिनट के लिए बाहर लेटाए जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ गए।
गजरौला क्षेत्र के अमखेड़ा गांव निवासी रुपलाल (50) और जहानाबाद के सियाबाड़ी पट्टी निवासी विजय कुमार (52) काफी समय से टीवी की बीमारी से ग्रसित हैं। रुपलाल 14 दिन तो विजय कुमार करीब एक माह से जिला अस्पताल में भर्ती हैं। शनिवार सुबह दोनों मरीज वार्ड के बाहर गैलरी में जमीन पर लेटे हुए थे। उनको ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई जा रही थी और नर्स दवाएं दे रहीं थी। अस्पताल प्रशासन वार्ड में चल रहे साफ सफाई कार्य को इसके पीछे कारण बताते रहे। मरीज को साफ-सफाई के दौरान किसी अन्य वार्ड के खाली पड़े बेड पर क्यों नहीं लिटाया गया। इसको लेकर पहले तो मौके पर मौजूद अस्पताल कर्मचारी चुप्पी साध गए। फिर बाद में मरीज के साथ आए तीमारदारों की इच्छा पर बाहर लिटाए जाने की बात कह दी गई। वहां पर उनको कोई दवा दी जा रही है। इस बात को अधिकारी गलत बताते रहे, जबकि दोनों मरीजों के ग्लूकोज की बोतल लगी हुई थी। फिलहाल कुछ भी हो, लेकिन एकबार फिर जिला अस्पताल में मरीजों की देखरेख को लेकर बरती जा रही लापरवाही उजागर हो गई है।
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मरीजों को कोई बोतल या दवा नहीं चढ़ाई जा रही थी। वार्ड में सफाई कार्य को लेकर उनको पांच-सात मिनट के लिए जमीन पर बैठा दिया गया था। इसको मैं खुद भी देखकर आया हूं। ऐसा कुछ भी नहीं है।
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डा.आरसी शर्मा, सीएमएस