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स्वास्थ्य रक्षा करने वाले खुद पल रहे गंदगी के बीच बिजली, पानी, साफ सफाई से महरूम स्वास्थ्यकर्मी
Pilibhit
Updated Sun, 11 Oct 2015 07:28 PM IST
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सरकार भले ही चिकित्सा सुविधाओं के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही हो, लेकिन जिला अस्पताल के सरकारी आवासों के सुधार के लिए अभी तक कोई योजना नहीं बन पाई है। स्वास्थ्यकर्मी लंबे समय से खस्ताहाल सरकारी आवासों में रहने को विवश हैं। बिजली, पानी और साफ सफाई का कोसों नामों निशान नहीं है।
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जिला अस्पताल कॉलोनी के छह ब्लाकों में करीब तीस क्वार्टर है। स्वास्थ्यकर्मियों के आवासों की संख्या भी 90 के आसपास है, लेकिन इस कॉलोनी को मरम्मत आदि के नाम पर पिछले करीब सात सालों से छुआ भी नहीं गया। ऐसे में कॉलोनी के अधिकतर भवन जर्जर होते जा रहे हैं। जर्जर भवनों पर उगी जंगल झाड़ियां और जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर इस कॉलोनी की पहचान बनते जा रहे हैं। बकौल कॉलोनीवासी: इन आवासों की टपकती छतें किस समय भरभरा कर ढह जाएं, कुछ कहा नहीं जा सकता है। भवन जर्जर होने के चलते अधिकांश डॉक्टरों और कर्मचारियों और उनके परिवार दहशत के साए में दिन गुजारने को मजबूर हैं।
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सफाई व्यवस्था भी पड़ी है ठप
अस्पताल कॉलोनी की साफ-सफाई को पूर्व सफाई कर्मचारी की तैनाती की गई थी, लेकिन बजट न मिलने के चलते सफाई व्यवस्था भी ठप पड़ी है। आलम यह है कि कॉलोनी की सड़कें गंदगी के ढेर से पटती जा रही हैं। मजबूरन लोग प्राइवेट कर्मियों से ही साफ सफाई करा रहे हैं।
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मरम्मत को नहीं मिला बजट
आवासीय कालोनी की स्थिति उनके संज्ञान में है। इसकी मरम्मत के लिए अभी बजट नहीं आया है। बजट के लिए उच्चाधिकारियों को रिमाइंडर भेजा चुका है।
- डॉ. आरसी शर्मा, सीएमएस