{"_id":"635d74a24a848c18d27ed0e3","slug":"health-pilibhit-news-bly502208978","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौगवा पकड़िया में 24 घंटों में बुखार से दो और लोगों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौगवा पकड़िया में 24 घंटों में बुखार से दो और लोगों की मौत
विज्ञापन
नौगवा पकड़िया में की जा रही फागिंग। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। नौगवा पकड़िया में बुखार से मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटों में यहां दो और लोगों की मौत हो गई। इनमें एक महिला और एक पुरुष है। इधर अधिकारियों ने पानी के दो जगहों से नमूने लेकर जांच को भेजे हैं। इनकी रिपोर्ट तीन दिन बाद आएगी। सीएमओ ने यह कहकर मौतों से पल्ला झाड़ लिया है कि बुखार से कोई मौत नहीं हुई, पानी दूषित है। इधर, बेहतर इलाज न मिल पाने से स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ लोगों में खासा आक्रोश है।
तमाम जद्दोजहद के बाद भी नौगवा में लोगों की मौत का सिलसिला नहीं थम रहा। स्वास्थ्य विभाग दवाएं बांटने का दावा कर रहा है लेकिन लोगों को पर्याप्त दवाएं नहीं मिल पा रहीं। जांच के लिए खून के नमूने लिए जाने की बात कही जा रही है लेकिन लोगों को खून की रिपोर्ट ही नहीं मिल रही। मौत हो जाने पर सीएमओ किसी दूसरी बीमारी से मरने की बात कहकर मामले को सिरे से खारिज कर देते हैं। अक्तूबर माह में शनिवार तक आठ लोगों की नौगवा में मौत हो चुकी थी, लेकिन सीएमओ ने एक भी मौत बुखार से होना नहीं मानी। जबकि मृतकों के परिजन कह रहे हैं कि बुखार आने के बाद मौत हुई है। शुक्रवार को नौगवा पकड़िया के वार्ड नंबर नौ निवासी रहीसुद्दीन की पुत्री गुड़िया की मौत हो गई। इसके बाद शनिवार को वार्ड नंबर आठ निवासी पप्पू उर्फ योगेंद्र की मौत हो गई। पिता रामऔतार ने बताया कि तीन दिन पहले पप्पू को बुखार आया था। शनिवार को सुबह उलटी हुई। इसके कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
इधर, प्रभारी ईओ संतोष चतुर्वेदी ने वार्ड नंबर दो निवासी राजेश शंखधार और वार्ड नंबर आठ निवासी सुरेश कुमार के घर से लिए पानी के नमूनों को शनिवार को जांच के लिए जल निगम की लैब में भेज दिया। पानी की जांच रिपोर्ट तीन दिन के बाद आएगी। इधर जिन मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। उनमें से पानी निकास को लेकर अस्थायी रूप से नाला बनाकर पानी निकलवाया जा रहा है। जिससे पानी का निकास होने से सफाई कराई जा सके। अभी कई मोहल्ला में सफाई व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकी है। यहां फॉगिंग भी शुरू करा दी गई है। जिससे मलेरिया के प्रकोप की रोकथाम हो सकेगी।
विज्ञापन
तीन साल से नहीं शुरू हो सकी पानी की टंकी
नौगवा पकड़िया में लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए 2012 में पांच करोड़ की लागत से टंकी का निर्माण शुरू हुआ था। निर्माण पूरा होने के बाद 2019 में टैंक तो हैंडओवर हो गई, मगर अब तक लोगों को एक बूंद भी पानी नहीं मिला। हैंडपंपों से जो पानी आ रहा है सीएमओ का कहना है कि उसी से बीमारी फैल रही है। शहर से सटे होने के बाद भी यहां किसी का कोई ध्यान नहीं गया।
जिन स्थानों पर घटना हुई है। आसपास के दो घरों से पानी जांच को भेज गया है। पानी निकास को अस्थायी नाला बनवाया गया है। दवा का छिड़काव और फॉगिंग भी कराई जा रही है।
- संतोष चतुर्वेदी, प्रभारी ईओ
विज्ञापन
तमाम जद्दोजहद के बाद भी नौगवा में लोगों की मौत का सिलसिला नहीं थम रहा। स्वास्थ्य विभाग दवाएं बांटने का दावा कर रहा है लेकिन लोगों को पर्याप्त दवाएं नहीं मिल पा रहीं। जांच के लिए खून के नमूने लिए जाने की बात कही जा रही है लेकिन लोगों को खून की रिपोर्ट ही नहीं मिल रही। मौत हो जाने पर सीएमओ किसी दूसरी बीमारी से मरने की बात कहकर मामले को सिरे से खारिज कर देते हैं। अक्तूबर माह में शनिवार तक आठ लोगों की नौगवा में मौत हो चुकी थी, लेकिन सीएमओ ने एक भी मौत बुखार से होना नहीं मानी। जबकि मृतकों के परिजन कह रहे हैं कि बुखार आने के बाद मौत हुई है। शुक्रवार को नौगवा पकड़िया के वार्ड नंबर नौ निवासी रहीसुद्दीन की पुत्री गुड़िया की मौत हो गई। इसके बाद शनिवार को वार्ड नंबर आठ निवासी पप्पू उर्फ योगेंद्र की मौत हो गई। पिता रामऔतार ने बताया कि तीन दिन पहले पप्पू को बुखार आया था। शनिवार को सुबह उलटी हुई। इसके कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
इधर, प्रभारी ईओ संतोष चतुर्वेदी ने वार्ड नंबर दो निवासी राजेश शंखधार और वार्ड नंबर आठ निवासी सुरेश कुमार के घर से लिए पानी के नमूनों को शनिवार को जांच के लिए जल निगम की लैब में भेज दिया। पानी की जांच रिपोर्ट तीन दिन के बाद आएगी। इधर जिन मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। उनमें से पानी निकास को लेकर अस्थायी रूप से नाला बनाकर पानी निकलवाया जा रहा है। जिससे पानी का निकास होने से सफाई कराई जा सके। अभी कई मोहल्ला में सफाई व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकी है। यहां फॉगिंग भी शुरू करा दी गई है। जिससे मलेरिया के प्रकोप की रोकथाम हो सकेगी।
विज्ञापन
तीन साल से नहीं शुरू हो सकी पानी की टंकी
नौगवा पकड़िया में लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए 2012 में पांच करोड़ की लागत से टंकी का निर्माण शुरू हुआ था। निर्माण पूरा होने के बाद 2019 में टैंक तो हैंडओवर हो गई, मगर अब तक लोगों को एक बूंद भी पानी नहीं मिला। हैंडपंपों से जो पानी आ रहा है सीएमओ का कहना है कि उसी से बीमारी फैल रही है। शहर से सटे होने के बाद भी यहां किसी का कोई ध्यान नहीं गया।
जिन स्थानों पर घटना हुई है। आसपास के दो घरों से पानी जांच को भेज गया है। पानी निकास को अस्थायी नाला बनवाया गया है। दवा का छिड़काव और फॉगिंग भी कराई जा रही है।
- संतोष चतुर्वेदी, प्रभारी ईओ