{"_id":"614cce918ebc3efb7e1b7790","slug":"health-pilibhit-news-bly4606340157","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब तक डेंगू के 15 मरीज मिले, एक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब तक डेंगू के 15 मरीज मिले, एक की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। जिले में अब तक डेंगू के 15 मरीज मिल चुके हैं। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से अब तक डेंगू बुखार से एक बालक की मौत हो गई। जबकि हकीकत में बुखार से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं मलेरिया बुखार के 33 मरीज मिले हैं।
बुखार अभी थमा नहीं। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 250 लोग बुखार के पहुंचे। डाक्टरों का कहना है कि इन दिनों 100 मरीजों में करीब 25 से 30 मरीज बुखार पीड़ित होते हैं। शहर में खाली पड़े प्लाट और जलभराव वाले स्थानों पर मच्छर पनपते हैं।
भारी बारिश के बाद शहर के कई जगहों में हुए जलभराव है। इससे कई कॉलोनियों और मोहल्लों में गंदगी फैली हुई है। बारिश के बाद शहर के मोहल्ला डालचंद, बेनी चौधरी, मोहम्मद फारूख, पंजाबियान, सिविल लाइन, एफसीआई गोदाम के पीछे, गणपति कॉलोनी, तिरुपति कॉलोनी, देशनगर, देशनगर गौड़ी, शारदा कॉलोनी समेत विभिन्न इलाकों में काफी जलभराव हो गया था। खाली पड़े प्लाट बरसाती पानी से भर गए हैं। बारिश बंद होने के बाद इन क्षेत्रों में जगह-जगह जमा गंदे पानी और कीचड़ से शहर में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
विज्ञापन
अब तक डेंगू के 15 और मलेरिया के 33 मरीज मिले
जिले में अब तक डेंगू के 15 और मलेरिया के 33 केस मिल चुके हैं। सरकारी आकंड़ों में एक बच्चे की डेंगू से मौत की पुष्टि भी हुर्ई है, जबकि हकीकत में करीब पांच लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद नगर पालिका ने यहां सफाई पर ध्यान नहीं दिया। वहीं, नगरपालिका प्रशासन द्वारा रोजाना दवा छिड़काव करने का दावा किया जा रहा है। जबकि आम जनता का कहना है कि न तो सफाई कर्मी नियमित रूप से वार्डो में सफाई करने न पहुंच रहे हैं न ही दवा छिड़काव करने आ रहे हैं। बहरहाल पिछले दो दिनों में जिस तरह से बारिश हुई है। इसके बाद एक दर्जन से अधिक वार्ड और कॉलोनियों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
23 दिन में 19 हजार पार कर गई जिला अस्पताल की ओपीडी
वायरल फीवर के साथ डेंगू और मलेरिया का प्रकोप बढ़ने के बाद जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। प्रतिदिन औसतन एक हजार से ऊपर ओपीडी हो रही है। जिनमें करीब 60 फीसदी से अधिक मरीज बुखार, सर्दी, जुकाम खांसी और संक्रामक बीमारियों से ग्रस्त निकल रहे हैं। सितंबर माह में 23 तारीख तक जिला अस्पताल की ओपीडी 19 हजार का आकंड़ा पार कर गई है। बृहस्पतिवार को 986 की ओपीडी हुई है। जिनमें 250 मरीज बुखार से ग्रसित निकले। प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। 100 मरीजों में 25 से 30 मरीज बुखार के सामने आ रहे हैं।
ऐसे पनपते हैं मच्छर
बारिश की वजह से खाली प्लाटों, गली मोहल्लों ,घर की छतों और ओपन एरिया में रखे बर्तनों, कूलरों आदि स्टोरेज वाले सामान में पानी जमा होता है। इसमें मच्छर पनपते हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग चिंता में है कि खाली स्थानों पर एकत्रित बरसाती पानी व नालियों में दवाओं व तेल का छिड़काव जल्द न किया गया तो मच्छर पनपने शुरू हो जाएंगे। जिनके कारण मलेरिया व डेंगू जैसी बीमारियों के बढ़ने की संभावना काफी हो जाती है।
इन क्षेत्रों में बीमारियां बढ़ने की आशंका
बल्लभनगर कॉलोनी, निरजंन कुंज कॉलोनी, गणपति कॉलोनी, तिरुपति कॉलोनी, एफसीआई गोदाम के पीछे, सिविल लाइन, डालचंद, बेनी चौधरी, मोहम्मद फारूख, फीलखाना, पंजाबियान, बागगुलशेर खां आदि में बारिश की वजह से कॉलोनियों व खाली पड़े प्लाटों में पानी भर गया था। बृहस्पतिवार को भी इन जगहों के कुछ हिस्सों में पानी भरा पड़ा रहा। ऐेसे में इन जगहों पर सबसे अधिक बीमारी होने का खतरा मंडरा रहा है।
हर वार्ड में दवा का छिड़काव शुरू कर दिया गया, जिन लोगों के खाली प्लाटों में पानी एकत्र मिला उनके मालिकों को नोटिस दिया जाएगा। गली मोहल्लों में बारिश के कारण एकत्र पानी की निकासी कराने में कर्मचारी जुटे हैं। लोगों को भी जागरूकता दिखानी चाहिए कि जहां भी बरसाती पानी जमा हो उसके बारे में नगरपालिका को सूचना दें। उसे सफाई कराई जाएगी।- सुरेंद्र प्रताप, ईओ नगरपालिका
विभाग की टीम लगातार शहर के हर क्षेत्र में जाकर जायजा ले रही है। साथ ही सभासदों से भी कहा गया है कि अपने क्षेत्र में कहीं भी जलभराव न होने दें। अगर कोई उनकी बात नहीं मानता तो मलेरिया विभाग की तरफ से ऐेसे लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा। इसमें जुर्माने और दंड का प्रावधान है। बारिश का पानी एकत्र होने के कारण अगर जल्द इसकी निकासी न हो तो मच्छर पनपने शुरू हो जाते हैं। इस कारण जहां भी पानी जमा हो एक बार वहां पर मिटी का तेल छिड़का जा रहा है। लोगों को भी चाहिए कि नालियों में जहां भी पानी जमा हो वहां पर कोई भी तेल डाल दें, इससे मच्छर का लार्वा पनप नहीं पाएगा। - राजीव मौर्या, जिला मलेरिया सहायक अधिकारी
विज्ञापन
बुखार अभी थमा नहीं। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 250 लोग बुखार के पहुंचे। डाक्टरों का कहना है कि इन दिनों 100 मरीजों में करीब 25 से 30 मरीज बुखार पीड़ित होते हैं। शहर में खाली पड़े प्लाट और जलभराव वाले स्थानों पर मच्छर पनपते हैं।
विज्ञापन
भारी बारिश के बाद शहर के कई जगहों में हुए जलभराव है। इससे कई कॉलोनियों और मोहल्लों में गंदगी फैली हुई है। बारिश के बाद शहर के मोहल्ला डालचंद, बेनी चौधरी, मोहम्मद फारूख, पंजाबियान, सिविल लाइन, एफसीआई गोदाम के पीछे, गणपति कॉलोनी, तिरुपति कॉलोनी, देशनगर, देशनगर गौड़ी, शारदा कॉलोनी समेत विभिन्न इलाकों में काफी जलभराव हो गया था। खाली पड़े प्लाट बरसाती पानी से भर गए हैं। बारिश बंद होने के बाद इन क्षेत्रों में जगह-जगह जमा गंदे पानी और कीचड़ से शहर में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
विज्ञापन
अब तक डेंगू के 15 और मलेरिया के 33 मरीज मिले
जिले में अब तक डेंगू के 15 और मलेरिया के 33 केस मिल चुके हैं। सरकारी आकंड़ों में एक बच्चे की डेंगू से मौत की पुष्टि भी हुर्ई है, जबकि हकीकत में करीब पांच लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद नगर पालिका ने यहां सफाई पर ध्यान नहीं दिया। वहीं, नगरपालिका प्रशासन द्वारा रोजाना दवा छिड़काव करने का दावा किया जा रहा है। जबकि आम जनता का कहना है कि न तो सफाई कर्मी नियमित रूप से वार्डो में सफाई करने न पहुंच रहे हैं न ही दवा छिड़काव करने आ रहे हैं। बहरहाल पिछले दो दिनों में जिस तरह से बारिश हुई है। इसके बाद एक दर्जन से अधिक वार्ड और कॉलोनियों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
23 दिन में 19 हजार पार कर गई जिला अस्पताल की ओपीडी
वायरल फीवर के साथ डेंगू और मलेरिया का प्रकोप बढ़ने के बाद जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। प्रतिदिन औसतन एक हजार से ऊपर ओपीडी हो रही है। जिनमें करीब 60 फीसदी से अधिक मरीज बुखार, सर्दी, जुकाम खांसी और संक्रामक बीमारियों से ग्रस्त निकल रहे हैं। सितंबर माह में 23 तारीख तक जिला अस्पताल की ओपीडी 19 हजार का आकंड़ा पार कर गई है। बृहस्पतिवार को 986 की ओपीडी हुई है। जिनमें 250 मरीज बुखार से ग्रसित निकले। प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। 100 मरीजों में 25 से 30 मरीज बुखार के सामने आ रहे हैं।
ऐसे पनपते हैं मच्छर
बारिश की वजह से खाली प्लाटों, गली मोहल्लों ,घर की छतों और ओपन एरिया में रखे बर्तनों, कूलरों आदि स्टोरेज वाले सामान में पानी जमा होता है। इसमें मच्छर पनपते हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग चिंता में है कि खाली स्थानों पर एकत्रित बरसाती पानी व नालियों में दवाओं व तेल का छिड़काव जल्द न किया गया तो मच्छर पनपने शुरू हो जाएंगे। जिनके कारण मलेरिया व डेंगू जैसी बीमारियों के बढ़ने की संभावना काफी हो जाती है।
इन क्षेत्रों में बीमारियां बढ़ने की आशंका
बल्लभनगर कॉलोनी, निरजंन कुंज कॉलोनी, गणपति कॉलोनी, तिरुपति कॉलोनी, एफसीआई गोदाम के पीछे, सिविल लाइन, डालचंद, बेनी चौधरी, मोहम्मद फारूख, फीलखाना, पंजाबियान, बागगुलशेर खां आदि में बारिश की वजह से कॉलोनियों व खाली पड़े प्लाटों में पानी भर गया था। बृहस्पतिवार को भी इन जगहों के कुछ हिस्सों में पानी भरा पड़ा रहा। ऐेसे में इन जगहों पर सबसे अधिक बीमारी होने का खतरा मंडरा रहा है।
हर वार्ड में दवा का छिड़काव शुरू कर दिया गया, जिन लोगों के खाली प्लाटों में पानी एकत्र मिला उनके मालिकों को नोटिस दिया जाएगा। गली मोहल्लों में बारिश के कारण एकत्र पानी की निकासी कराने में कर्मचारी जुटे हैं। लोगों को भी जागरूकता दिखानी चाहिए कि जहां भी बरसाती पानी जमा हो उसके बारे में नगरपालिका को सूचना दें। उसे सफाई कराई जाएगी।- सुरेंद्र प्रताप, ईओ नगरपालिका
विभाग की टीम लगातार शहर के हर क्षेत्र में जाकर जायजा ले रही है। साथ ही सभासदों से भी कहा गया है कि अपने क्षेत्र में कहीं भी जलभराव न होने दें। अगर कोई उनकी बात नहीं मानता तो मलेरिया विभाग की तरफ से ऐेसे लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा। इसमें जुर्माने और दंड का प्रावधान है। बारिश का पानी एकत्र होने के कारण अगर जल्द इसकी निकासी न हो तो मच्छर पनपने शुरू हो जाते हैं। इस कारण जहां भी पानी जमा हो एक बार वहां पर मिटी का तेल छिड़का जा रहा है। लोगों को भी चाहिए कि नालियों में जहां भी पानी जमा हो वहां पर कोई भी तेल डाल दें, इससे मच्छर का लार्वा पनप नहीं पाएगा। - राजीव मौर्या, जिला मलेरिया सहायक अधिकारी