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जिले में डेंगू के दो और स्क्रब टाइफस का एक मरीज मिला
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ज्योरहा कल्यानपुर में डेंगू का लार्वा चेक करते मलेरिया विभाग की टीम। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। डेंगू और मलेरिया के बीच स्क्रब टाइफस ने अपने पैर पसराना शुरू कर दिए हैं। शहर में एक 11 माह की बच्ची में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई है। बच्ची का बरेली एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके अलावा बरखेड़ा और चंदोई गांव में रहने वाले दो लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट आने के बाद मलेरिया विभाग की टीम ने सैंपल लेने के साथ ही छिड़काव कर रही हैं।
शहर के मोहल्ला शिवनगर कॉलोनी के रहने वाले एक युवक की 11 माह की बेटी को नौ सितंबर को बुखार आ गया था। इस पर वह उसे शहर के गांधी स्टेडियम रोड पर स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती करने के बाद उसका सैंपल लेकर परीक्षण के लिए प्राइवेट लैब को भेजा। जहां मासूम का एनएस-1 पॉजिटिव आई। इसके अलावा मासूम की 45 हजार प्लेटलेट्स आई। सैंपल पॉजिटिव आने पर मलेरिया विभाग ने सैंपल लेकर परीक्षण के लिए लखनऊ केजीएमयू भेजा। इधर, मासूम की हालत बिगड़ने पर उसे बरेली रेफर कर दिया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है। बुधवार देर रात आई रिपोर्ट में बच्ची का डेंगू निगेटिव आई। लेकिन उसमें स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई। रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मासूम के घर पहुंची। तो पता चला कि वह बरेली एक निजी अस्पताल में भर्ती है। टीम ने घर में दवा का छिड़काव कराया। बरेली अस्पताल से ली गई रिपोर्ट में स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वह स्वास्थ्य है, उसकी प्लेटलेट्स भी बढ़ने लगी है। जिले में अब स्क्रब टाइफस के दो केस हो गए हैं।
डेंगू के अब तक नौ केस
दो और लोगों में डेंगू की पुष्टि होने के बाद जिले में डेंगू के कुल नौ केस हो गए हैं। जबकि मलेरिया के 30 मामले सामने आ चुके हैं। बरखेड़ा के गांव ज्योरहा कल्यानपुर निवासी 27 वर्षीय युवक कुछ दिन पहले दिल्ली और अमृतसर गया हुआ था। वह 11 सितंबर को अपने घर वापस लौटा, तो उसे अचानक बुखार आ गया। इस पर वह इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में पहुंचा। जहां उसने अपनी जांच कराई। जिसमें उसकी एनएस-1 रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रिपोर्ट आने के बाद मलेरिया की टीम ने उनकी एलाइजा की जांच के लिए सैंपल लेकर लखनऊ भेज दिया था। बुधवार को आई जांच रिपोर्ट में उसकी एलाइजा जांच रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। इसके अलावा तीन दिन पहले शहर से सटे गांव चंदोई की रहने वाली 51 वर्षीय महिला की एनएस -1 रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उनकी भी एलाइजा की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि तीन लोगों के सैंपल निगेटिव निकले हैं। हालांकि दोनों ही मरीज घर पर मौजूद है। और उनका घर से ही इलाज चल रहा है। रिपोर्ट आने के बाद टीम ने दोनों स्थानों पर जाकर दवा का छिड़काव कराया।
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स्क्रब टाइफस क्या है?
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक स्क्रब टाइफस ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक बैक्टीरिया के कारण होने वाली बीमारी है। स्क्रब टाइफस संक्रमित चिगर्स (लार्वा माइट्स) के काटने से इंसानों में फैलता है। इसको बुश टाइफस के नाम से भी जाना जाता है। दक्षिण पूर्व एशिया, इंडोनेशिया, चीन, जापान, भारत और उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के ग्रामीण इलाकों में इसके मामले ज्यादा देखे जाते रहे हैं। जिन स्थानों में यह संक्रमण हो वहां रहने वाले या वहां की यात्रा करने वाले लोगों में संक्रमण का खतरा हो सकता है।
बच्ची में स्क्रब टाइफस के लक्षण मिले है। इसके अलावा दो लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट आने के साथ ही तीनों स्थानों पर टीम भेजकर दवा का छिड़काव और सैंपल लेकर जांच को भेजे गए हैं। बच्ची की तबीयत में सुधार है। डेंगू के दोनों ही मरीज अपने घर है। - राजीव मौर्या, जिला मलेरिया सहायक अधिकारी
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शहर के मोहल्ला शिवनगर कॉलोनी के रहने वाले एक युवक की 11 माह की बेटी को नौ सितंबर को बुखार आ गया था। इस पर वह उसे शहर के गांधी स्टेडियम रोड पर स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती करने के बाद उसका सैंपल लेकर परीक्षण के लिए प्राइवेट लैब को भेजा। जहां मासूम का एनएस-1 पॉजिटिव आई। इसके अलावा मासूम की 45 हजार प्लेटलेट्स आई। सैंपल पॉजिटिव आने पर मलेरिया विभाग ने सैंपल लेकर परीक्षण के लिए लखनऊ केजीएमयू भेजा। इधर, मासूम की हालत बिगड़ने पर उसे बरेली रेफर कर दिया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है। बुधवार देर रात आई रिपोर्ट में बच्ची का डेंगू निगेटिव आई। लेकिन उसमें स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई। रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मासूम के घर पहुंची। तो पता चला कि वह बरेली एक निजी अस्पताल में भर्ती है। टीम ने घर में दवा का छिड़काव कराया। बरेली अस्पताल से ली गई रिपोर्ट में स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वह स्वास्थ्य है, उसकी प्लेटलेट्स भी बढ़ने लगी है। जिले में अब स्क्रब टाइफस के दो केस हो गए हैं।
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डेंगू के अब तक नौ केस
दो और लोगों में डेंगू की पुष्टि होने के बाद जिले में डेंगू के कुल नौ केस हो गए हैं। जबकि मलेरिया के 30 मामले सामने आ चुके हैं। बरखेड़ा के गांव ज्योरहा कल्यानपुर निवासी 27 वर्षीय युवक कुछ दिन पहले दिल्ली और अमृतसर गया हुआ था। वह 11 सितंबर को अपने घर वापस लौटा, तो उसे अचानक बुखार आ गया। इस पर वह इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में पहुंचा। जहां उसने अपनी जांच कराई। जिसमें उसकी एनएस-1 रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रिपोर्ट आने के बाद मलेरिया की टीम ने उनकी एलाइजा की जांच के लिए सैंपल लेकर लखनऊ भेज दिया था। बुधवार को आई जांच रिपोर्ट में उसकी एलाइजा जांच रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। इसके अलावा तीन दिन पहले शहर से सटे गांव चंदोई की रहने वाली 51 वर्षीय महिला की एनएस -1 रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उनकी भी एलाइजा की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि तीन लोगों के सैंपल निगेटिव निकले हैं। हालांकि दोनों ही मरीज घर पर मौजूद है। और उनका घर से ही इलाज चल रहा है। रिपोर्ट आने के बाद टीम ने दोनों स्थानों पर जाकर दवा का छिड़काव कराया।
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स्क्रब टाइफस क्या है?
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक स्क्रब टाइफस ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक बैक्टीरिया के कारण होने वाली बीमारी है। स्क्रब टाइफस संक्रमित चिगर्स (लार्वा माइट्स) के काटने से इंसानों में फैलता है। इसको बुश टाइफस के नाम से भी जाना जाता है। दक्षिण पूर्व एशिया, इंडोनेशिया, चीन, जापान, भारत और उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के ग्रामीण इलाकों में इसके मामले ज्यादा देखे जाते रहे हैं। जिन स्थानों में यह संक्रमण हो वहां रहने वाले या वहां की यात्रा करने वाले लोगों में संक्रमण का खतरा हो सकता है।
बच्ची में स्क्रब टाइफस के लक्षण मिले है। इसके अलावा दो लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट आने के साथ ही तीनों स्थानों पर टीम भेजकर दवा का छिड़काव और सैंपल लेकर जांच को भेजे गए हैं। बच्ची की तबीयत में सुधार है। डेंगू के दोनों ही मरीज अपने घर है। - राजीव मौर्या, जिला मलेरिया सहायक अधिकारी