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डेंगू ने दी दस्तक तो पैथोलॉजी में भी उमड़ने लगी भीड़
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जिला अस्पताल में पैथोलॉजी लैब में मरीज का सैंपल लेते पैथोलॉजिस्ट डॉ
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। शहर में डेंगू और मलेरिया भी दस्तक दे चुका है। जिले में डेंगू का एक और मलेरिया के 15 केस सामने आ चुके हैं। इधर, वायरल फीवर के मरीजों की संख्या भी तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। सरकारी अस्पतालों से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लग रही है। ऐसे में पैथोलॉजी पर भी लोड बढ़ना शुुरू हो गया है। लैब में प्रतिदिन से 150-200 तक मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टर मरीजों की एलाइजा और पीवी-पीएफ (प्लाज्मोडियम वाइवैक्स-प्लाज्मोडिम फैल्सीपैरम) की जांच करा रहे हैं।
जिला अस्पताल समेत शहर में दस प्राइवेट पैथोलॉजी लैब संचालित होती है। मौसम के परिवर्तन होने के बाद डेंगू और मलेरिया ने पैर पसाराना शुरू कर दिए हैं। एक दिन पहले ही न्यूरिया के पंडरी गांव में दो साल के मासूम में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके साथ वायरल फीवर के मरीजों की संख्या भी दोगुनी हो गई है। अगर जिला अस्पताल की बात करें तो यहां प्रतिदिन एक हजार से 1500 तक की ओपीडी हो रही है। इनमें सात सौ से आठ सौ मरीज बुखार से ही ग्रस्त निकल रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में 1489 ओपीडी हुई। जिनमें 846 मरीज बुखार, खांसी, जुकाम आदि निकले। इनमें अधिकांश मरीजों की डॉक्टरों ने जांच कराने के लिए लिखा। इससे पैथोलॉजी लैब में मरीजों की भीड़ लग गई। पूरे दिन में करीब 240 लोगों की जांचें हुई। इनमें अधिकांश लोग डेंगू की प्रारंभिक जांच करने के लिए पहुंचे थे। पैथोलॉजिस्ट के मुताबिक इस दौरान डेंगू का कोई मरीज लैब में नहीं आया है। टायफाइड और अन्य बुखार से ग्रस्त मरीज आ रहे हैं। जिला अस्पताल में भी सिर्फ एसएन-1 जांच ही होती है, मगर एलाइजा के लिए सैंपल लेकर लखनऊ परीक्षण के लिए भेजा जाता है। इन दिनों औसतन शहर भर की लैब की बात करें तो करीब दो हजार से अधिक मरीज लैबों में जांच को पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ का मानना है कि मौसमी बीमारियों के चलते कुछ मरीज मलेरिया व डेंगू के भी सामाने आ रहे है, लेकिन कोरोना के दौरान किए गए सैनिटाइजेशन की वजह से शहरी क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप कम दिख रहा है, लेकिन ग्रामीणों क्षेत्र में बरती जा रही लापरवाही की वजह से वहां के मरीजों की संख्या अधिक रहती है।
इन दिनों बुखार के केस अधिक आ रहे हैं। जांच के लिए पैथोलॉजी लैब पर मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन अभी डेंगू काफी हद तक कंट्रोल है, लेकिन मलेरिया और टायफाइड के केस मिले रहे है। ऐसे में सावधानी बरतें। साफ-सफाई का ध्यान रखें। - डॉ. पीयूष अग्रवाल आईएमए अध्यक्ष
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मोहल्लों व घरों के आस-पास पानी भराव को रोके। शरीर को पूरा ढक कर सोए। ठंड के साथ बुखार का आना, तेज बुखार, प्लेटलेट्स में कमी होना, शरीर दर्द, जोड़ों में दर्द, उल्टी होने पर जांच करवाएं। खाने पीने का ध्यान रखें। -डॉ. रमाकांत सागर, फिजीशियन, जिला अस्पताल
पैथोलॉजी लैब में जितने भी टेस्ट संभव है। सभी कराए जा रहे हैं। सभी डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वह समय से ओपीडी बैठकर मरीजों को देखें। डेंगू का वार्ड भी तैयार हो गया है। किसी तरह की मरीजों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. रतनपाल सिंह सुमन सीएमएस जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल समेत शहर में दस प्राइवेट पैथोलॉजी लैब संचालित होती है। मौसम के परिवर्तन होने के बाद डेंगू और मलेरिया ने पैर पसाराना शुरू कर दिए हैं। एक दिन पहले ही न्यूरिया के पंडरी गांव में दो साल के मासूम में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके साथ वायरल फीवर के मरीजों की संख्या भी दोगुनी हो गई है। अगर जिला अस्पताल की बात करें तो यहां प्रतिदिन एक हजार से 1500 तक की ओपीडी हो रही है। इनमें सात सौ से आठ सौ मरीज बुखार से ही ग्रस्त निकल रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में 1489 ओपीडी हुई। जिनमें 846 मरीज बुखार, खांसी, जुकाम आदि निकले। इनमें अधिकांश मरीजों की डॉक्टरों ने जांच कराने के लिए लिखा। इससे पैथोलॉजी लैब में मरीजों की भीड़ लग गई। पूरे दिन में करीब 240 लोगों की जांचें हुई। इनमें अधिकांश लोग डेंगू की प्रारंभिक जांच करने के लिए पहुंचे थे। पैथोलॉजिस्ट के मुताबिक इस दौरान डेंगू का कोई मरीज लैब में नहीं आया है। टायफाइड और अन्य बुखार से ग्रस्त मरीज आ रहे हैं। जिला अस्पताल में भी सिर्फ एसएन-1 जांच ही होती है, मगर एलाइजा के लिए सैंपल लेकर लखनऊ परीक्षण के लिए भेजा जाता है। इन दिनों औसतन शहर भर की लैब की बात करें तो करीब दो हजार से अधिक मरीज लैबों में जांच को पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ का मानना है कि मौसमी बीमारियों के चलते कुछ मरीज मलेरिया व डेंगू के भी सामाने आ रहे है, लेकिन कोरोना के दौरान किए गए सैनिटाइजेशन की वजह से शहरी क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप कम दिख रहा है, लेकिन ग्रामीणों क्षेत्र में बरती जा रही लापरवाही की वजह से वहां के मरीजों की संख्या अधिक रहती है।
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इन दिनों बुखार के केस अधिक आ रहे हैं। जांच के लिए पैथोलॉजी लैब पर मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन अभी डेंगू काफी हद तक कंट्रोल है, लेकिन मलेरिया और टायफाइड के केस मिले रहे है। ऐसे में सावधानी बरतें। साफ-सफाई का ध्यान रखें। - डॉ. पीयूष अग्रवाल आईएमए अध्यक्ष
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मोहल्लों व घरों के आस-पास पानी भराव को रोके। शरीर को पूरा ढक कर सोए। ठंड के साथ बुखार का आना, तेज बुखार, प्लेटलेट्स में कमी होना, शरीर दर्द, जोड़ों में दर्द, उल्टी होने पर जांच करवाएं। खाने पीने का ध्यान रखें। -डॉ. रमाकांत सागर, फिजीशियन, जिला अस्पताल
पैथोलॉजी लैब में जितने भी टेस्ट संभव है। सभी कराए जा रहे हैं। सभी डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वह समय से ओपीडी बैठकर मरीजों को देखें। डेंगू का वार्ड भी तैयार हो गया है। किसी तरह की मरीजों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. रतनपाल सिंह सुमन सीएमएस जिला अस्पताल