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हंगामे के बाद शुरू हुआ टीबी मरीज का इलाज
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पूरनपुर। गांव सिमरिया ताल्लुके अजीतपुर बिल्हा निवासी मुन्नालाल को घंटों सीएचसी में भटकना पड़ा। वह टीबी की बीमारी का इलाज कराने के लिए आए थे। हंगामे के बाद इलाज शुरू किया जा सका।
शुक्रवार को बालकराम अपने छोटे भाई 52 वर्षीय मुन्ना लाल को सीएचसी लाए थे। उन्होंने बताया कि मुन्नालाल टीबी की बीमारी से पीड़ित हैं। आरोप था कि सीएचसी में उसके भाई का इलाज करने के बजाय टरकाया गया। इसकी जानकारी नेकी की दीवार संस्था के सदस्यों को दी। इस पर संस्था के गुरमेल सिंह के नेतृत्व में पहुंचे सदस्यों ने हंगामा कर दिया। जिसके बाद मुन्नालाल का इलाज शुरू किया गया। एमओआईसी डॉ. सीपी सिंह से नेकी की दीवार के सदस्यों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत की। एमओआईसी ने बताया कि शिकायत पर उस कर्मचारी के बारे में जानकारी करनी चाही, जिस पर टरकाने का आरोप लगा था, लेकिन उसके बारे में मरीज के बड़े भाई बालकराम नहीं बता सके। मरीज का इलाज कराया जा रहा है। ब्यूरो
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शुक्रवार को बालकराम अपने छोटे भाई 52 वर्षीय मुन्ना लाल को सीएचसी लाए थे। उन्होंने बताया कि मुन्नालाल टीबी की बीमारी से पीड़ित हैं। आरोप था कि सीएचसी में उसके भाई का इलाज करने के बजाय टरकाया गया। इसकी जानकारी नेकी की दीवार संस्था के सदस्यों को दी। इस पर संस्था के गुरमेल सिंह के नेतृत्व में पहुंचे सदस्यों ने हंगामा कर दिया। जिसके बाद मुन्नालाल का इलाज शुरू किया गया। एमओआईसी डॉ. सीपी सिंह से नेकी की दीवार के सदस्यों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत की। एमओआईसी ने बताया कि शिकायत पर उस कर्मचारी के बारे में जानकारी करनी चाही, जिस पर टरकाने का आरोप लगा था, लेकिन उसके बारे में मरीज के बड़े भाई बालकराम नहीं बता सके। मरीज का इलाज कराया जा रहा है। ब्यूरो
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