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आपरेशन में लापरवाही, डीएम ने दिए जांच के निर्देश
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आपरेशन में लापरवाही
पर जांच के निर्देश
क्रासर....
शहर के एक निजी अस्पताल का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। इलाज में एक डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगा है। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने सीएमओ को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए है।
शहर के खकरा मोहल्ला निवासी वीरेंद्र शर्मा ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि दो साल पूर्व नाक में समस्या आने पर उन्होंने बेटे उत्कर्ष को शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में दिखाया। यहां डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही बरती। आरोप है कि 31 मार्च 2017 को ऑपरेशन के बाद स्पंज अंदर छोड़ दिया गया। उत्कर्ष को सांस लेने में समस्या हुई तो डॉक्टर ने कुछ दिन तक दवा खिलाने की बात कहकर टरकाना शुरू कर दिया। 18 सितंबर से दिसंबर 2017 तक लगातार दवा खिलाने के बाद भी जब उत्कर्ष की दिक्कत दूर नहीं हुई तो परिजन ने बरेली के एक निजी अस्पताल में सीटी स्कैन कराया। जांच में पता चला कि नाक में कुछ अवरोध है। पता चलने पर एक बार फिर परिजन ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर के पास सीटी स्कैन की जांच रिपोर्ट लेकर पहुंचे। इसे डॉक्टर ने देखने से इंकार कर गलती मानने से इंकार कर दिया। करीब एक साल तक जब इस प्रकरण में सुनवाई नहीं हुई तो पीड़ित ने पिछले दिनों शासन स्तर पर शिकायत कर डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई किए जाने को लेकर डीएम को शिकायत पत्र भेजा। इसे डीएम वैैभव श्रीवास्तव ने गंभीरता से लिया है। सीएमओ को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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शहर के एक निजी अस्पताल का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। इलाज में एक डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगा है। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने सीएमओ को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए है।
शहर के खकरा मोहल्ला निवासी वीरेंद्र शर्मा ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि दो साल पूर्व नाक में समस्या आने पर उन्होंने बेटे उत्कर्ष को शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में दिखाया। यहां डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही बरती। आरोप है कि 31 मार्च 2017 को ऑपरेशन के बाद स्पंज अंदर छोड़ दिया गया। उत्कर्ष को सांस लेने में समस्या हुई तो डॉक्टर ने कुछ दिन तक दवा खिलाने की बात कहकर टरकाना शुरू कर दिया। 18 सितंबर से दिसंबर 2017 तक लगातार दवा खिलाने के बाद भी जब उत्कर्ष की दिक्कत दूर नहीं हुई तो परिजन ने बरेली के एक निजी अस्पताल में सीटी स्कैन कराया। जांच में पता चला कि नाक में कुछ अवरोध है। पता चलने पर एक बार फिर परिजन ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर के पास सीटी स्कैन की जांच रिपोर्ट लेकर पहुंचे। इसे डॉक्टर ने देखने से इंकार कर गलती मानने से इंकार कर दिया। करीब एक साल तक जब इस प्रकरण में सुनवाई नहीं हुई तो पीड़ित ने पिछले दिनों शासन स्तर पर शिकायत कर डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई किए जाने को लेकर डीएम को शिकायत पत्र भेजा। इसे डीएम वैैभव श्रीवास्तव ने गंभीरता से लिया है। सीएमओ को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।