फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Health news in district.

Pilibhit News: एंजियोग्राफी की सुविधा नहीं, जिले में सिर्फ एक हृदय रोग विशेषज्ञ..इंजेक्शन से कैसे बचेगी जान

Mon, 24 Nov 2025 11:34 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Mon, 24 Nov 2025 11:34 PM IST
विज्ञापन
Health news in district.
हृदय रोगियो को परामर्श देते कार्डियोलॉजी चिकित्सक। संवाद
पीलीभीत। जिले में हृदय रोगियों की जांच और इलाज केे इंतजाम न के बराबर हैं। किसी भी सीएचसी पर ईसीजी की सुविधा नहीं है। जिला अस्पताल को छोड़कर अन्य किसी अस्पताल में हृदय रोेग विशेषज्ञ भी नहीं हैं। ऐसे में शासन की ओर से जिले को मुहैया कराए जाने वाले जीवनरक्षक टेनेक्टा प्लेस इंजेक्शन से मरीजों का कितना भला होगा इस पर संशय है। हालांकि अभी यह इंजेक्शन ड्रग वेयर नहीं पहुंचा है। जिला अस्पताल में एंजियोग्राफी की सुविधा भी नहीं शुरू होे सकी है।
विज्ञापन


हाल के कुछ वर्षों में ह्रदयाघात के मामले बढ़े हैं। 30 से 40 वर्ष के युवा भी हृदय रोग की चपेट में आ रहे हैं। ह्रदय रोगियों की जांच और इलाज को लेकर शासन गंभीर है। मगर जिले में इन मरीजों के लिए अभी बेहतर व्यवस्थाएं नहीं हो सकी हैं। जिले में 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें अधिकांश सीएचसी पर ह्रदय रोगियों की सामान्य ईसीजी जांच तक नहीं हो पा रही है। किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। इलाज के लिए मरीज को शहर के निजी अस्पताल, बरेली, लखनऊ या फिर अन्य शहरों का रुख करना पड़ रहा है। इलाज पर अच्छी-खासी रकम खर्च करनी पड़ती है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में चिकित्सक है, एंजियोग्राफी की सुविधा नहीं
जिला अस्पताल में एक कार्डियोलाजिस्ट की तैनाती है। रोजाना 50 से अधिक ह्रदय रोगी इलाज को पहुंचते हैं। सिर्फ एक चिकित्सक होने से मरीजों को जांच और इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। ईसीजी और ईको जांच तो हो जाती है, मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित होने के बावजूद एंजियोग्राफी के लिए रोगियों को दूसरे जिलों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन इंजेक्शन और दवाओं की जिला अस्पताल में उपलब्धता
जिला अस्पताल में हार्ट अटैक के दौरान स्टेप्टोकाइन, हिप्परनिन, नाइट्रो गिल्सरीन जैसे महंगे व महत्वर्पूण इंजेक्शन की उपलब्धता है। सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि ह्रदयाघात के मरीज के लिए आईसीयू, मॉनीटर, डेफ्टीवेटर, 3-4 के चैनल, जांचो के लिए ईसीजी, इको मशीन की उपलब्धता है। वहीं एस्परीन, एटरोवा, सैटिन, क्लोपिडो आदि दवाएं भी उपलब्ध हैं।

इन सीएचसी पर नहीं है ईसीजी की सुविधा
दियोरिया कला सीएचसी पर ईसीजी की सुविधा नहीं है। सिर्फ एक चिकित्सक के सहारे संचालित सीएचसी पर ह्रदय रोग विशेषज्ञ भी नहीं है। पूरनपुर, बरखेड़ा और अमरिया सीएचसी पर भी ईसीजी की सुविधा नहीं है। अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का भी यही हाल है। जब सीएचसी पर सामान्य जांच ही नहीं होती है। डॉक्टर भी नहीं है तो जीवन रक्षक इंजेक्शन कितना कारगर होगा, इस पर संशय बना हुआ है।

हृदय रोगियो को परामर्श देते कार्डियोलॉजी चिकित्सक। संवाद

हृदय रोगियो को परामर्श देते कार्डियोलॉजी चिकित्सक। संवाद

हृदय रोगियो को परामर्श देते कार्डियोलॉजी चिकित्सक। संवाद

हृदय रोगियो को परामर्श देते कार्डियोलॉजी चिकित्सक। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed