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सावधान... काढ़े के बेहिसाब सेवन से हो सकते हैं बीमार
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पीलीभीत। कोरोना के दौर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इन दिनों काढ़े का सेवन खूब बढ़ गया है। लोग इंटरनेट पर देखकर खूब मसाले डालकर काढ़ा बना रहे हैं। उसके बाद उसे पी भी रहे हैं, लेकिन इसका ज्यादा सेवन खतरनाक हो सकता है। हर चीज का एक मानक होता है। ऐसे में बिना चिकित्सक की सलाह बेहिसाब मसाले वाला काढ़ा सेवन करने से नाक से खून आ सकता है। इसके अलावा मुंह में छाले, पेट में जलन या दर्द, पेशाब में जलन, अपच और पेचिश की समस्या हो सकती है।
कोई भी आयुर्वेदिक औषधि मौसम, प्रकृति, उम्र व स्थिति देखकर दी जाती है। आयुर्वेद चिकित्सकों के मुताबिक इन दिनों लोग कोई भी चार-पांच चीजें जैसे काली मिर्च, सोंठ, दालचीनी, पीपली, गिलोय, हल्दी, अश्वगंधा मिलाकर काढ़ा बना ले रहा है। फिर बिना जाने समझे जितना मर्जी हो उसे पिए जा रहा है। अगर तासीर के हिसाब से काढ़े का गलत सेवन किया गया तो यह शरीर के लिए हानिकारक भी हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति बेहिसाब काढ़ा पी रहा है तो उसके शरीर में गर्मी बढ़ सकती है। चूंकि, आजकल गर्मियों का मौसम है, इसलिए गर्म तासीर के मसालों का काढ़ा सुबह-शाम पीने से आहार नली में छाले तक हो सकते हैं। वहीं, काढ़ा कफ को तो ठीक करता है लेकिन जिन लोगों को पित्त दोष है, उन्हें काढ़ा पीते समय सावधानी बरतनी चाहिए। कोशिश करें कि आपके काढ़े में ठंडी तासीर वाली चीजें भी शामिल हों। लौंग, लहसुन, दालचीनी और औषधियों के बेहिसाब सेवन से अल्सर, पेट दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
इंटरनेट का एक फार्मूला सब के लिए ठीक नहीं
शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोग इंटरनेट पर देखकर काढ़ा बना रहे हैं। फिर इसका सेवन करते हैं। एक, दो दिन काढ़ा पीने से इम्यूनिटी नहीं बढ़ती है। उसके लिए लाइफ स्टाइल सुधारना जरूरी है। 40 मिनट तक व्यायाम करना जरूरी है, लेकिन वह आसान नहीं। इसलिए बेहिसाब काढ़ा पीना हर किसी के लिए ठीक नहीं है। डॉक्टर की सलाह पर काढ़े का सेवन करना चाहिए। हर किसी के शरीर की क्षमता एक सी नहीं होती है।
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ये लक्षण दिखें तो काढ़ा पीना बंद करें
काढ़ा पीने के बाद अगर नाक से खून आने, मुंह से छाले, पेट में जलन या दर्द, पेशाब में जलन, अपच और पेचिश की समस्या दिखे तो इसका सेवन बंद कर देना चाहिए।
विटामिन-सी के ओवरडोज से हो सकती मरोड़, उल्टी
डॉक्टरों के मुुताबिक पुरुष के लिए 90 मिलीग्राम और महिला के लिए 70 मिलीग्राम विटामिन सी प्रतिदिन काफी विटामिन-सी की अधिकता की वजह से पेट में मरोड़ और उल्टी की शिकायत हो सकती है।
दवाओं का सही मिश्रण और सही मात्रा रखें
डॉक्टर ने जिस औषधि को जिस चीज के साथ लेने के लिए कहा है, उसी के साथ तय मात्रा में मिलाएं। आयुर्वेद अंदाज पर नहीं, बल्कि सही मात्रा और सटीक मिश्रण पर काम करता है। किसी भी चीज की अधिकता से परेशानी हो सकती है। कॉलेज की फार्मेसी में तैयार किया जाने वाला काढ़ा पर्याप्त मात्रा में जरूरी चीजों का मिश्रण कर तैयार किया जाता है। अगर बाजार से काढ़ा खरीद रहे हैं तो सावधानी बरतें। -डॉ. आरके तिवारी, प्राचार्य, आयुर्वेदिक कॉलेज
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कोई भी आयुर्वेदिक औषधि मौसम, प्रकृति, उम्र व स्थिति देखकर दी जाती है। आयुर्वेद चिकित्सकों के मुताबिक इन दिनों लोग कोई भी चार-पांच चीजें जैसे काली मिर्च, सोंठ, दालचीनी, पीपली, गिलोय, हल्दी, अश्वगंधा मिलाकर काढ़ा बना ले रहा है। फिर बिना जाने समझे जितना मर्जी हो उसे पिए जा रहा है। अगर तासीर के हिसाब से काढ़े का गलत सेवन किया गया तो यह शरीर के लिए हानिकारक भी हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति बेहिसाब काढ़ा पी रहा है तो उसके शरीर में गर्मी बढ़ सकती है। चूंकि, आजकल गर्मियों का मौसम है, इसलिए गर्म तासीर के मसालों का काढ़ा सुबह-शाम पीने से आहार नली में छाले तक हो सकते हैं। वहीं, काढ़ा कफ को तो ठीक करता है लेकिन जिन लोगों को पित्त दोष है, उन्हें काढ़ा पीते समय सावधानी बरतनी चाहिए। कोशिश करें कि आपके काढ़े में ठंडी तासीर वाली चीजें भी शामिल हों। लौंग, लहसुन, दालचीनी और औषधियों के बेहिसाब सेवन से अल्सर, पेट दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
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इंटरनेट का एक फार्मूला सब के लिए ठीक नहीं
शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोग इंटरनेट पर देखकर काढ़ा बना रहे हैं। फिर इसका सेवन करते हैं। एक, दो दिन काढ़ा पीने से इम्यूनिटी नहीं बढ़ती है। उसके लिए लाइफ स्टाइल सुधारना जरूरी है। 40 मिनट तक व्यायाम करना जरूरी है, लेकिन वह आसान नहीं। इसलिए बेहिसाब काढ़ा पीना हर किसी के लिए ठीक नहीं है। डॉक्टर की सलाह पर काढ़े का सेवन करना चाहिए। हर किसी के शरीर की क्षमता एक सी नहीं होती है।
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ये लक्षण दिखें तो काढ़ा पीना बंद करें
काढ़ा पीने के बाद अगर नाक से खून आने, मुंह से छाले, पेट में जलन या दर्द, पेशाब में जलन, अपच और पेचिश की समस्या दिखे तो इसका सेवन बंद कर देना चाहिए।
विटामिन-सी के ओवरडोज से हो सकती मरोड़, उल्टी
डॉक्टरों के मुुताबिक पुरुष के लिए 90 मिलीग्राम और महिला के लिए 70 मिलीग्राम विटामिन सी प्रतिदिन काफी विटामिन-सी की अधिकता की वजह से पेट में मरोड़ और उल्टी की शिकायत हो सकती है।
दवाओं का सही मिश्रण और सही मात्रा रखें
डॉक्टर ने जिस औषधि को जिस चीज के साथ लेने के लिए कहा है, उसी के साथ तय मात्रा में मिलाएं। आयुर्वेद अंदाज पर नहीं, बल्कि सही मात्रा और सटीक मिश्रण पर काम करता है। किसी भी चीज की अधिकता से परेशानी हो सकती है। कॉलेज की फार्मेसी में तैयार किया जाने वाला काढ़ा पर्याप्त मात्रा में जरूरी चीजों का मिश्रण कर तैयार किया जाता है। अगर बाजार से काढ़ा खरीद रहे हैं तो सावधानी बरतें। -डॉ. आरके तिवारी, प्राचार्य, आयुर्वेदिक कॉलेज